सिनेमाहॉल के एग्जिट क्यों होते हैं बोरिंग और सूनसान? एक नहीं, 4 हैं कारण

Dec 18, 2025 11:00 am ISTHarshita Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share

जब भी आप फिल्में देखने जाते हैं आपने इस चीज पर गौर जरूर किया होगा कि जब आप फिल्में देखने घुसते हैं तो एंट्री बहुत ही शानदार होती है, लेकिन जब आप फिल्म देखकर बाहर निकलते हैं तो एग्जिट एकदम सूनसान और खराब होती है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है?

सिनेमाहॉल के एग्जिट क्यों होते हैं बोरिंग और सूनसान? एक नहीं, 4 हैं कारण

जब आप फिल्म देखने जाते हैं तो आपने ध्यान दिया होगा कि टिकट चेकिंग के बाद जब आप एंट्री करते हैं तो शानदारा लाइट्स, बैठने के लिए सोफे और काउच, पॉपकॉर्न की महक और फिल्मों के पोस्टर्स से आपका स्वागत होता है। पर जब आप फिल्म देखकर एग्जिट करते हैं तो आपको मिलते हैं बस सूनसान कॉरीडोर्स। क्या आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इसके पीछे एक नहीं चार कारण हैं।

क्राउड कंट्रोल: एग्जिट बोरिंग होने की पहली और अहम वजह तो ये है क्राउड कंट्रोल। फिल्म देखने के बाद ऑडियंस जल्दी-जल्दी वहां से बाहर जाए, जगह-जगह सेल्फी न ले और खड़े होकर बातें न करे इसलिए सिनेमाहॉल की एग्जिट बोरिंग होती है।

अगर सिनेमा हॉल की एग्जिट को भी लाइट्स के साथ सुदंर और पोस्टर लगाकर आकर्षित बनाया जाएगा तो हो सकता है कि फिल्म देखने के बाद लोग दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ वहां सेल्फी लेने लगें, फिल्म को डिस्कस करने लगें। ऐसे में एग्जिट पर भीड़ लग सकती है।

सिनेमाहॉल एग्जिट

साइकोलॉजिकल रीसेट: एग्जिट बोरिंग होने का दूसरा अहम कारण है साइकोलॉजिकल रीसेट। दरअसल, जब आप कोई फिल्म देखने जाते हैं तो पूरी तरह से फिल्म के अंदर खो जाते हैं। आप फिल्म में बसी दुनिया में खो जाते हैं। ऐसे में बोरिंग एग्जिट आपको फिल्म की दुनिया से निकालकर रियलिटी में लाते हैं। आपका दिमाग सपनों की दुनिया से निकलकर अपने आसपास की चीजों में वापस आता है।

सेफ्टी: ऑडियंस की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए एग्जिट बैकसाइड पर होते हैं। दरअसल, किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में लोग जल्दी-जल्दी वहां से निकल पाएं, इस वजह से एग्जिट को चौड़ा और बैकसाइड में रखा जाता है।

बैकसाइड पर कोई सजावट या महंगी लाइट्स इसलिए नहीं लगाई जाती हैं क्योंकि जब आप फिल्म देखकर निकलते हैं तो सिनेमा हॉल वालों को आपसे कोई भी फायदा नहीं होता है। इसलिए एग्जिट प्वाइंट पर सजावट या किसी चीज में पैसे खर्च नहीं किए जाते हैं।

सिनेमाहॉल एग्जिट

ऑपरेशनल प्वाइंट ऑफ यू: जब आप फिल्म देखकर निकलते हैं तो दूसरा शो शुरू करने से पहले ऑडी की सफाई की जाती है। ऐसे में सिनेमा हॉल वाले लोग चाहते हैं कि आप जल्द से जल्दी हॉल से बाहर जाएं ताकि वो ऑडी की सफाई कर सकें। एग्जिट बोरिंग होने की वजह से आप वहां रुकते नहीं और भीड़ के साथ फटाफट वहां से निकल जाते हैं।

Harshita Pandey

लेखक के बारे में

Harshita Pandey

हर्षिता पांडे पिछले सात साल से अधिक से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं।


विस्तृत बायो

मनोरंजन जगत की खबरों में दिलचस्पी रखने वाली हर्षिता पांडे को डिजिटल मीडिया में 7 साल से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अप्रैल 2024 से हर्षिता पांडे लाइव हिंदुस्तान के साथ जुड़ी हैं। यहां वह सेलेब्स इंटरव्यू लेती हैं, फिल्मों, टीवी शोज और ओटीटी सीरीज पर खबरें बनाने के साथ साथ उनकी समीक्षा और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर काम करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर की शुरुआत

2017 में मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में बैचलर्स की डिग्री पाने के बाद उन्होंने रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा हासिल किया और फिर आजतक से अपने करियर की शुरूआत की, जहां उन्होंने 5 साल से अधिक काम किया।


एंटरटेनमेंट और विजन

फिल्म, ओटीटी और टीवी शोज में हर्षिता की अच्छी पकड़ है। उनका लक्ष्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


विशेषज्ञता
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट
ओटीटी सीरीज (बॉलीवुड और हॉलीवुड) का रिव्यू
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
बॉलीवुड फिल्मों के रिव्यूज
साउथ की फिल्में और टीवी रियलिटी शोज से जुड़े अपडेट्स
फिल्मी पर्दे पर दिखाई जा रही कहानियों के पीछे के किस्से पाठकों तक पहुंचाना

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।