मोहम्मद रफी के इस गाने को सुन जब छूट गए थे दिलीप कुमार के पसीने, हाथों में पड़ गए थे छाले, फिर भी दर्द में किया परफॉर्म
मोहम्मद रफी ने अपने करियर में कई जबरदस्त गाने दिए हैं। उन्होंने दिलीप कुमार के लिए भी कई गाने गाए थे, लेकिन उनका एक गाना ऐसा था जिसमें परफॉर्म करने के लिए दिलीप ने महीनों की पूरी मेहनत लगा दी थी।

भारतीय सिनेमा का सबसे महान एक्टर जिन्हें ट्रैजेडी किंग कहा जाता था, वह एक ऐसे गाने को लेकर इतना सीरियस हो गए थे कि इसके लिए उन्होंने महीने लगा दिए ट्रेनिंग के लिए। 60 का दशक था और उस समय दिलीप कुमार का चेहरा और मोहम्मद रफी की आवाज किसी जादुई कॉम्बिनेशन से कम नहीं था। मोहम्मद रफी की आवाज दिलीप कुमार पर बिल्कुल परफेक्ट फिट बैठती थी। लेकिन फिल्म कोहिनूर के एक गाने ने दिलीप कुमार को सोचने पर मजबूर कर दिया था।
कौनसा था वो मुश्किल गाना
जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वो है मधुबन में राधिका नाचे रे। रफी के इस गाने को जब दिलीप कुमार ने सुना तो स्टूडियो में सन्नाटा रह गया। वह समझ गए थे कि इस गाने को अगर उन्होंने सिर्फ फॉर्मैलिटी के लिए परफॉर्म किया तो यह रफी साहब की इज्जत के खिलाफ बात होगी। उन्हें कला को सच्चा साबित करना था। उन्होंने तय किया कि वह स्क्रीन पर कुछ झूठ नहीं दिखाएंगे। उन्होंने फिर हलीम जाफर खान से सितार बजाना सीखा। उनकी उंगलियों में छाले पड़ जाते थे, दर्द होता था, लेकिन वह फिर भी डटे रहे। वह चाहते थे कि जब स्क्रीन पर उनकी गले की नसें फूलें और उंगलियां जब सितार पर दौड़ें तो सबको लगे कि वह रियल में इसे परफॉर्म कर रहे हैं ना कि नाटक।
दिलीप ने माना था यह उनके लिए काफी मुश्किल था
दिलीप कुमार ने खुद कहा था, ‘प्लेबैक वैसे तो कुछ मुश्किल नहीं होता, कोई दिक्कत नहीं होती इसमें जैसे मधुमति में जो गाने थे वो आसान थे, देवदास में भी मितवा, लागिरे ये कैसी अनबुज आग, ये भी आसान था- लेकिन कुछ गाने बड़े दिक्कत से भरे होते हैं। वो रियाज मांगते हैं। कोहिनूर फिल्म का एक गाना था जिसे नौशद अली ने बताया और शकील ने लिखा था और वो था मधुबन में राधिका नाचे रे और इस गाने में एक सितार पैसेज था जो काफी मुश्किल था। इसमें तराना भी था- ओ दे ना दिर दिर धा नि ता, धा रे दिम दिम ता ना ना...। इस गाने के लिए काफी प्रैक्टिस और स्टडी चाहिए थी।’
दिलीप ने इसके लिए सितार पढ़ना और बजाना सीखना शुरू किया
डायरेक्टर एसयू सनवी इस गाने की शूटिंग पहले करना चाहते थे। इस पर दिलीप ने कहा था, ‘मैंने उनसे रिक्वेस्ट किया कि शेड्यूल के एंड तक रुको ताकि मैं महीने तक कुछ प्रैक्टिस कर पाऊं। गिलीप ने कहा था, मैंने कई महीने तक सितार के बारे में पढ़ा, लेकिन सितार काफी मुश्किल इंस्ट्रूमेंट था। इसके लिए काफी प्रैक्टिस, फोकस और डिसिप्लिन चाहिए था। मधुबन में राधिका नाचे रे गाना काफी मुश्किल था मेरे करियर का। इसके अलावा यह मेरा फेवरेट गाना भी है।’
जाकिर हुसैन ने बताया था दिलीप को लेकर
वहीं जाकिर हुसैन ने बताया था कि दिलीप कुमार ने 6 महीने की ट्रेनिंग ली थी सितार वादक हालिम जाफर खान साहब से। जब हमने क्लिप देखी मधुबन में राधिका नाचा रे और जब वो सीन आया जब दिलीप कुमार सितार बजाते हैं। हमें उनके चेहरे पर विजय का भाव देख सकते थे।
लेखक के बारे में
Sushmeeta Semwalसुष्मिता सेमवाल भारतीय डिजिटल मीडिया में पिछले 8+ सालों से हैं। वह फिलहाल 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के मनोरंजन सेक्शन में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। सुष्मिता को मनोरंजन जगत के हर इवेंट, मूवी रिलीज और लाइव इवेंट्स को कवर करना पसंद है।
करियर
सुष्मिता ने अपने करियर की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की। इसके बाद टीवी-9 डिजिटल में काम किया और फिर लाइव हिन्दुस्तान में वापसी की। बॉलीवुड की फिल्में, रियलिटी शोज, ओटीटी, टीवी की खबरों पर सुष्मिता की पारखी नजर रहती है। इसके अलावा सुष्मिता ने कई बॉलीवुड, पंजाबी और भोजपुरी स्टार्स के इंटरव्यू भी लिए हैं।
एजुकेशन
सुष्मिता ने बैचलर इन मास कम्यूनिकेशन गुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी से की है। इसी दौरान एबीपी न्यूज, इंडिया टीवी और हिंदुस्तान में ही ट्रेनिंग ली है।
एंटरटेनमेंट पत्रकारिता और डिजिटल विजन
सुष्मिता की हमेशा यही कोशिश रहती है कि वह कुछ अलग और ट्रेंडिंग टॉपिक पर काम करें ताकि पाठकों को सभी जानकारी मिले मनोरंजन जगत की। हर एथिक और रूल्स को फॉलो करके वह एक ऐसी खबर बनाती है जो पाठकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है।
खासियत
बॉलीवुड, टीवी रियलिटी शोज, ओटीटी शोज
मूवी और वेब सीरीज रिव्यू
ब्रेकिंग ऑन टाइम
सेलेब्स इंटरव्यू
ट्रेंडिंग टॉपिक पर खबरें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


