
अमिताभ बच्चन को इसलिए मीडिया ने कर दिया था बायकॉट, एक्टर ने भी ऐसे दिया था तगड़ा जवाब
बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन के करियर का एक ऐसा भी दौर था जब मीडिया ने उन्हें बायकॉट कर दिया था। एक्टर का नाम और उनकी तस्वीर नहीं छपती थी। इसके जवाब में अमिताभ ने जो किया वो भी याद रखने लायक था।
बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन से जुड़ी खबरें हर अखबार, वेबसाइट और टीवी चैनल पर देखी जाती हैं। मीडिया का हर माध्यम देश के सबसे बड़े सुपरस्टार से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर उनके फैंस तक पहुंचाता है। लेकिन एक ऐसा भी वक्त था जब मीडिया ने अमिताभ को बैन किया हुआ था। उस समय के अखबारों और मैगज़ीन में अमिताभ का ना तो नाम होता था और ना ही उनकी कोई तस्वीर छपती थी। अमिताभ ने भी मीडिया से दूरी बनाते हुए उन्हें बायकॉट कर दिया था। इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार पत्रकारों को इंटरव्यू नहीं दे रहे थे, उनकी फिल्मों के सेट पर पत्रकारों का आना बैन था। ये सब चल रहा था 1970 और 1980 के दशक में।
अमिताभ और मीडिया के बीच ये दरार आई कैसे?
अमिताभ बच्चन और मीडिया के बीच ग़लतफ़हमी का दौर शुरू हुआ साल 1975 से। ये वही दौर था जब अमिताभ बच्चन अपने करियर के सबसे सुनहरे दौर में थे। उनकी फिल्में, शोले, डॉन, दीवार बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर रही थीं। और ये वही दौर भी था जब देश में उस समय की प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाई थी। अमिताभ और मीडिया में आई दरार का एक कारण ये माना गया था कि एक्टर इंदिरा गांधी के करीबी थी जिन्होंने देश में इमरजेंसी लगाई थी। उस समय की खबर के मुताबिक मीडिया को लगा था कि अमिताभ बच्चन ने सत्ता में गांधी परिवार से अपने रिश्तों का फायदा उठाते हुए प्रेस पर सेंसरशिप लगवाई थी।

अमिताभ को किया गया बायकॉट
उस समय के बड़ी फिल्म मैगज़ीन जैसे स्टारडस्ट अन्य ने मिलकर अमिताभ बच्चन को बायकॉट करने का फैसला लिया। सभी ने मिलकर ये तय किया कि अमिताभ की ना तो तस्वीर छापी जाएगी और ना ही उनका नाम लिखा जाएगा। उस समय अमिताभ की फिल्मों के रिव्यू बिना उनके नाम के छपते थे। रिव्यू में जब कास्ट का नाम लिखा जाता था तो अमिताभ के नाम की जगह एक कोमा छोड़ दिया जाता था। हाल में फिल्म क्रिटिक्स और ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने भी बताया कि उस समय अमिताभ अपने करियर के पीक पर थे। उनकी फिल्म शोले, दीवार, डॉन के रिव्यू बिना उनके नाम के छपते थे।
फिल्म कुली के सेट पर हादसे ने बदल दिए रिश्ते
अमिताभ बच्चन को जब पता चला कि मीडिया ने उनके साथ ऐसा कर रहा है। तो उन्होंने भी जवाब देते हुए प्रेस को इंटरव्यू देना बंद कर दिया। उनकी फिल्मों के सेट पर पत्रकारों का आना बैन हो गया। ये सिलसिला कई सालों तक चला। लेकिन इसी दौरान 1982 में अमिताभ बच्चन को फिल्म कुली के सेट पर लगी चोट ने बायकॉट को खत्म कर दिया। ऐसी एक रिपोर्ट है कि एक मैगज़ीन जो शुरू से अमिताभ बच्चन को बायकॉट कर रही थी, उसी मैगज़ीन में अमिताभ के लिए एक दया भरी पोस्ट छापी। अमिताभ के उस एक्सीडेंट से पूरे देश में प्रार्थनाएं हो रही थीं। ऐसे में ये मैगज़ीन पुरानी बातें भुलाते हुए अमिताभ के ठीक होने की उम्मीद के साथ उनके नाम का एक लेख लेकर आई। इसी के बाद दोनों के रिश्ते में थोड़ी नरमी आई।

मीडिया के साथ खत्म हुआ विवाद
अमिताभ बच्चन जब 1984 में चुनाव चढ़ रहे थे तो उन्हें मीडिया की जरूरत हुई। उन्होंने मीडिया की मदद से ही अपनी जनता तक बात पहुंचाई। अपने ऊपर लगे बोफोर्स घोटाले पर भी मीडिया के सामने सफाई दी। बाद में जब सब ठीक हुआ तो अमिताभ ने पहल करते हुए कई मीडिया एडिटर्स से मुलाकात की। एक्टर ने कई पत्रकारों को अपने घर बुलाया और पुराने विवाद को सालों बाद खत्म किया।

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