
'भारत की जरूरत नहीं है ऐसे गाने', जब जावेद अख्तर ने बताया कहां गलती कर रहा है बॉलीवुड म्यूजिक
जब जावेद अख्तर ने बताया क्यों लगातार नीचे जा रही है बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री। जानिए कहां गलती कर रहे हैं बॉलीवुड के म्यूजिक बनाने और बेचने वाले।
बॉलीवुड फिल्मों के बारे में एक बात है जो उन्हें बाकी दुनिया भर की फिल्म इंडस्ट्री से अलग बनाती है। वो हैं इसके गाने, बाकी किसी भी फिल्म में गाने नहीं होते हैं, लेकिन बॉलीवुड फिल्मों में गाने होते हैं। यही बात है जो इसे खास बनाती है। भारतीय ऑडियंस को फिल्मों में गाने बहुत पसंद आते हैं, लेकिन बावजूद इसके बीते कुछ वक्त में हिंदुस्तानी फिल्मों का म्यूजिक काफी नीचे जाने लगा है। दिग्गज स्क्रिप्ट और लिरिक्स राइटर जावेद अख्तर ने अपने एक इंटरव्यू में इसकी वजह बताई थी।

अलग है बॉलीवुड और वेस्ट म्यूजिक
जावेद अख्तर ने अपने एक इंटरव्यू में कहा, "वेस्ट में और भारत में म्यूजिक का इस्तेमाल अलग है। वेस्ट में म्यूजिक सुनने के लिए बनाया जाता है, फ्रांस में, इंग्लैंड में, जर्मनी में, इंग्लैंड में अमेरिका में किसी को साइकिल पर गाना गाते हुए जाते देखा है? वहां कभी देखा है कि आदमी गाना गाते हुए जा रहा है? वहां पर आम आदमी गाना नहीं गाता है। हिंदु्स्तान गाना गाने वालों का मुल्क है, हमें गाना इसलिए चाहिए क्योंकि हमें खुद गाना है वो गाना। दो बार सुनकर तीसरी बार हम खुद गाएंगे।"
भारत की जरूरत नहीं है ऐसे गाने
जावेद अख्तर ने कहा कि इस बात को समझे बगैर, जो हमारा मार्केटिंग डिपार्टमेंट है म्यूजिक का, वो ऐसी म्यूजिक बनवा रहा है और बेच रहा है, जो हमारी जरूरत ही नहीं है। बता दें कि बॉलीवुड में बीते कुछ सालों में ऐसे तमाम गाने रिलीज हुए हैं, जिन्हें रिलीज तो बड़ी धूम-धाम से किया जाता है, लेकिन वो चलते नहीं हैं। क्योंकि लोग उन गानों को गुनगुना नहीं पाते। वजह यह है कि उनकी लिरिक्स काफी जटिल होती हैं और उनमें से ज्यादातर में कोई राइमिंग नहीं होती है।
भारत में बीते कुछ वक्त में रैप का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है, लेकिन आपने शायद ही कभी नोटिस किया हो कि लोगों को रैप सुनना तो पसंद हैं, लेकिन वो शायद ही कभी अकेले में बैठे उन्हें गुनगुनाते हैं।

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Puneet Parasharलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


