
नशे की हालात में डायरेक्टर को रातभर फोन कर परेशान करते रहे थे धर्मेंद्र, इस बात की थी नाराजगी
संक्षेप: धर्मेंद्र अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं। अपना गुस्सा भी वो प्यार से जताते हैं। ऐसा ही एक किस्सा है जब धर्मेंद्र को एक मशहूर डायरेक्टर पर इतना गुस्सा आया था कि वो उन्हें पूरी रात नशे की हालत में फोन कर परेशान करते रहे।
साल 1971 में रिलीज हुई ऋषिकेश मुखर्जी की क्लासिक फिल्म ‘आनंद’ आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे भावुक और यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। राजेश खन्ना का मासूम, प्यारा और दिल को छू लेने वाला किरदार आनंद और अमिताभ बच्चन का शांत व संवेदनशील डॉक्टर भास्कर। दोनों ने इस कहानी को अमर बना दिया। यह एक ऐसी फिल्म थी जिसने ऑडियंस को खूब रुलाया और यही वजह है कि आनंद आज भी सिने प्रेमियों के दिलों में उसी गहराई से बसी हुई है। लेकिन इस फिल्म के बारे में एक दिलचस्प बात ये है कि फिल्म की कहानी सबसे पहले धर्मेंद्र को सुनाई गई थी और यह रोल शुरू में उन्हीं के लिए सोचा गया था।
धर्मेंद्र का रोल छीना
धर्मेंद्र ने में कपिल शर्मा शो में इस फिल्म से जुड़ा यह मज़ेदार किस्सा शेयर किया था। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश मुखर्जी ने एक दिन उन्हें बुलाकर आनंद की पूरी कहानी सुनाई थी। धर्म जी को कहानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने तुरंत ही फिल्म करने की इच्छा जताई। उन्हें लगा कि यह किरदार उनके लिए बनाया गया है और वे इसे बेहद खूबसूरती से निभा सकते हैं। वो फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित भी थे, लेकिन तभी ये रोल राजेश खन्ना को दे दिया गया। इससे नाराज धर्मेंद्र ने पूरी रात डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी को फोन कर परेशान किया था।
डायरेक्टर से नाराज थे एक्टर
कुछ समय बाद धर्मेंद्र को पता चला कि वही फिल्म, वही कहानी और वही किरदार, जिसे ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें सुनाया था, अब राजेश खन्ना के साथ शुरू हो चुकी है। धर्मेंद्र ने कपिल शर्मा शो में हंसते हुए बताया कि जैसे ही उन्हें यह बात पता चली, उन्हें बहुत बुरा लगा। उस रात वे थोड़ा पी भी चुके थे और भावुक होकर उन्होंने डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी को बार-बार फोन करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे उस रात शायद अपनी नाराज़गी रोक नहीं पाए और ऋषिकेश मुखर्जी को पूरी रात परेशान करते रहे।
पूरी रात किया परेशान
धर्मेंद्र ने बताया था कि उन्होंने ऋषिकेश मुखर्जी से बार-बार यही पूछा “ऋषिदा, आपने वो कहानी मुझे सुनाई थी… फिर वो रोल मुझे क्यों नहीं दिया? आपने वो राजेश को कैसे दे दिया?”। उधर ऋषिकेश मुखर्जी लगातार उन्हें समझाते रहे कि वे सो जाएं, शांत रहें, और बार-बार कहते, “सो जा धर्म… प्लीज़ सो जा… मुझे सोने दे।” लेकिन धर्मेंद्र उस रात अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पाए और कई बार फोन करके अपनी नाराज़गी जताते रहे।
राजेश खन्ना ने किया बेस्ट काम
फिर भी, धर्मेंद्र ने स्वीकार किया कि अब उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘आनंद’ जैसी फिल्म बनना ही एक उपलब्धि थी और राजेश खन्ना ने उस रोल में अद्भुत काम किया। उन्हें आज भी इस बात का मजाकिया अंदाज़ में याद आता है कि कैसे उन्होंने एक रात गुस्से और नशे में डायरेक्टर साहब को जगाए रखा। यह किस्सा बॉलीवुड की उन चुनिंदा कहानियों में से एक है जो फिल्म के पर्दे पर नज़र नहीं आतीं, लेकिन उसके पीछे की दुनिया को और भी दिलचस्प बनाती हैं।

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