मोहम्मद रफी के साथ गाने के लिए नशे में पहुंची थी सिंगर, फिर जो हुआ उसने उड़ा दी सभी के होश, बना ये गाना
मोहम्मद रफी के साथ डुएट गाने के लिए नशे में पहुंची थीं सिंगर। स्टूडियो में था डर का माहौल फिर हो जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया। नशे में गाया सुरों से सजा ये गाना। मोहम्मद रफी के भी उड़ गए होश। पहचानिए-

मोहम्मद रफी अपनी गायिकी के अलावा नियमों के भी पक्के थे। संगीत को पूजते थे। म्यूजिक जगत में सुरों से बंधे रफी को महान फनकार के रूप में माना जाता है। अपने गानों और अनोखी आवाज के लिए मशहूर मोहम्मद रफी ने कई सिंगर्स के साथ डुएट गाने गाए। लेकिन एक बार कुछ ऐसा हुआ कि महिला सिंगर नशे की हालत में स्टूडियो पहुंच गई। ये मोहम्मद रफी के लिए अपमान जैसा था। साथ ही रिकॉर्डिंग स्तुदिओं में सभी लोग परेशान थे कि नशे की हालत में ये सिंगर गाना कैसे गाएंगी। लेकिन फिर जो हुआ वो चमत्कार था। नशे में धुत्त इस महिला सिंगर के ऐसे सुर लगे कि रफी साहव को भी रीटेक लेने पड़ गए।
नशे में धुत्त सिंगर ने किया था कमाल
ये किस्सा है साल 1958 का। फिल्म रिलीज हुई 12 O'क्लॉक। गुरु दत्त और वहीदा रहमान इस फिल्म के लीड हीरो हीरोइन थे। प्रमोद चक्रवर्ती का डायरेक्शन और जी पी सिप्पी फिल्म के प्रोड्यूसर थे। फिल्म रिलीज से पहले इसके गाने रिकॉर्ड हो रहे थे। फिल्म के हीरो गुरु दत्त के लिए मोहम्मद रफी और हीरोइन वहीदा रहमान के लिए गीता दत्त शमशाद बेगम गाने गा रही थीं।महान म्यूजिक डायरेक्टर OP नय्यर ने गानों की जिम्मेदारी उठाई थी। कुछेक गाने रिकॉर्ड हो चुके थे। एक गाने के लिए लीड सिंगर्स को साथ में डुएट गाना था।
नशे में पहुंची सिंगर को देखकर हैरान थे सभी
अपना डुएट गाना रिकॉर्ड करने के लिए मोहम्मद रफी स्टूडियो पहुंच चुके थे। वो म्यूजिक डायरेक्टर OP नय्यर के साथ गानों को लेकर बातचीत कर रहे थे। तभी स्टूडियो में सिंगर गीता दत्त की एंट्री हुई। गीता दत्त को देखकर OP नय्यर और मोहम्मद रफी समेत स्टूडियो में मौजूद सभी के होश उड़ गए। गीता नशे की हालत में स्टूडियो पहुंची थीं। उनकी हालत इतनी खराब थी कि वो ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं। उन्हें ऐसे देख म्यूजिक डायरेक्टर OP नय्यर ने रिकॉर्डिंग कैंसिल करने का मन बनाया। लेकिन गीता दत्त बोली कि वो गाना गा सकती हैं। वो स्टूडियो के रिकॉर्डिंग रूम में गई और रफी के साथ गाना शुरू किया।
फिल्म का वो सुरों से सजा गाना
सभी को लग रहा था कि आज सब कुछ खराब होने वाला है। लेकिन जब धुन बजते ही गीता दत्त ने गाना शुरू किया और सुर लगाए थे रफी साहब के भी होश उड़ गए। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि कोई ऐसी हालत में कैसे इतना सुंदर, सुरों से सजा हुआ गा सकता है। इस गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान नशे की हालत में गीता दत्त के सुर नहीं हिले, बल्कि मोहम्मद रफी को एकाध बार रीटेक लेना पड़ा। ये गाना थाफिल्म 12 O'क्लॉक 'तुम जो हुए मेरे हमसफर'। फिल्म के सभी गाने जबरदस्त हिट हुए।
ऐसे हुआ निधन
ऐसा कहा जाता है कि ये वही दौर था जब गीता दत्त और उनके पति गुरु दत्त के आपसी रिश्तों में कलेश चल रहा था। इसी समय उन्होंने खुद को शराब में डुबो दिया था। गुरु दत्त भी शराब के आदी हो गए थे। ऐसा कहा जाता है कि दोनों पत्नी पत्नी का निधन अलग समय पर हुआ लेकिन उसकी बड़ी वजह शराब और इनके रिश्ते का आपसी कलह था।


