जब कोर्ट के चक्कर में 4 साल तक रिलीज नहीं हो पाई सनी देओल की ये फिल्म, जानें धर्म से जुड़ा पूरा विवाद

Feb 27, 2026 08:03 pm ISTKajal Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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द केरल स्टोरी 2 की रिलीज का मामला कोर्ट में फंसा है। इससे पहले भी कई फिल्में विवादों की भेंट चढ़ चुकी हैं। लेटेस्ट कॉन्ट्रोवर्सी ने 2015 में बनी सनी देओल की फिल्म मोहल्ला अस्सी की याद दिला दी है। पढ़ें तब क्या हुआ था।

जब कोर्ट के चक्कर में 4 साल तक रिलीज नहीं हो पाई सनी देओल की ये फिल्म, जानें धर्म से जुड़ा पूरा विवाद

द केरल स्टोरी 2 पर विवाद को देखते हुए केरल हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी है। फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होनी थी। टिकट्स बिक रहे हैं जिससे दर्शक कन्फ्यूजन में हैं। फिल्मों के साथ विवाद का जुड़ना नया मामला नहीं है। ऐसी कई फिल्में हैं जो पहले कोर्ट केस और बैन के फेर में घिरकर बर्बाद हुईं। वहीं कई ऐसी भी हैं जिनको कॉन्ट्रोवर्सी से फायदा मिला। खैर अभी बात करते हैं रिलीज की रोक पर तो द केरल स्टोरी 2 ने मोहल्ला अस्सी फिल्म की यादें ताजा कर दी हैं। इस फिल्म में वाराणसी के अस्सी मोहल्ले की कहानी दिखाई गई थी और कोर्ट केस में 4 साल तक फंसी रही। चलिए जानते हैं मोहल्ला अस्सी का पूरा फसाद।

फिल्म की कहानी और विवाद की जड़

मोहल्ला अस्सी (2015) की एक डार्क कॉमेडी-ड्रामा मूवी है जो वाराणसी के प्रसिद्ध मोहल्ला अस्सी इलाके के बैकड्रॉप पर बनी है। इसे कन्यादान और पिंजर जैसी फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने डायरेक्शन दिया था। फिल्म में सनी देओल, परेश रावल, रवि किशन, ओम पुरी और कुलभूषण खरबंदा हैं।

मोहल्ला अस्सी की कहानी

फिल्म वाराणसी की राजनीति, धर्म के नाम पर वोट बैंक की चालबाजी और लोकल करप्शन पर सटायर थी। इसमें दिखाया गया है कि कैसे धर्म और राजनीति का इस्तेमाल करके आम आदमी को गुमराह किया जाता है। फिल्म 1990 और 1998 के बीच की घटनाओं पर केंद्रित है जिसमें राम जन्मभूमि आंदोलन और मंडल कमीशन जैसे मुद्दे हाइलाइट किए गए हैं। लीड कैरेक्टर सनी देओल थे जिन्हें धर्मनाथ पांडे एक कट्टर ब्राह्मण और संस्कृत विद्वान का रोल निभाया था। वह अस्सी की परंपराओं को बचाने की कोशिश करते हैं। कहानी दिखाती है कि कैसे फॉरेनर्स के आने और व्यवसायीकरण के कारण अस्सी की अक्खड़ और फक्कड़ संस्कृति धीरे-धीरे बदल रही है।

सीन और डायलॉग्स पर विवाद

फिल्म में गाली-गलौज दिखाया गया था। शिव भक्त बनारसी लहजे में गालियां दे रहे थे। एक सीन में शिव के गेटअप में एक शख्स गालियां देता है। मूवी में मंदिर-मस्जिद विवाद पर कुछ डायलॉग्स पर आपत्ति थी। मूवी में सनी देओल ने भी खुल्लम-खुल्ला गंदी गालियां दी हैं।

क्या थी फिल्म पर आपत्ति

हिंदूत्ववादी संगठनों की आपत्ति थी कि फिल्म वाराणसी और हिंदू धर्म की छवि खराब कर रही है। कहा गया कि फिल्म में हिंदू-देवताओं और परंपराओं की खिल्ली उड़ाई गई है। वाराणसी में प्रोटेस्ट हुए, फिल्म के पोस्टर फाड़े गए और कई संगठनों ने फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की थी।

4 साल की कानूनी जंग

मोहल्ला अस्सी 2015 में बनकर तैयार हुई, CBFC से A सर्टिफिकेट भी मिल गया। लेकिन...2015-2018 तक ये विरोध और कानूनी पचड़े में फंसी रही। कई संगठनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कीं और आरोप लगाया कि यह फिल्म धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। वाराणसी की संस्कृति का अपमान है।

कोर्ट ने दिया था फिल्म का साथ

कोर्ट ने कहा, सीबीएफसी ने पहले ही सर्टिफिकेट दे दिया है, हमें लगता है कि फिल्म में आपत्तिजनक कुछ नहीं है। लेकिन प्रोटेस्ट और दबाव के बीच फिल्म की रिलीज़ टलती गई।आखिरकार 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीएफसी का सर्टिफिकेट कानूनी रूप से वैध है। फिल्म को 23 नवंबर 2018 को रिलीज की इजाजत मिली लेकिन नुकसान हो चुका था। फिल्म का ठीक से प्रमोशन नहीं हो पाया, लोगों का इंट्रेस्ट खत्म हो गया और मोहल्ला अस्सी बॉक्स ऑफिस पर ढेर हो गई। हालांकि क्रिटिक्स ने फिल्म की तारीफ की थी।

सबसे बड़ी समानता

केरल स्टोरी 2 और मोहल्ला अस्सी के केस में कुछ समानताएं तो कुछ फर्क है। जैसे दोनों ही मामलों में CBFC ने सर्टिफिकेट दे दिया, लेकिन कोर्ट या प्रोटेस्ट ने रास्ता रोका। फर्क ये है कि मोहल्ला अस्सी में कोर्ट ने आखिरकार फिल्ममेकर्स का साथ दिया था लेकिन केरल स्टोरी 2 में कोर्ट ने CBFC पर सवाल उठाए हैं।

FAQs

आपके सवाल, हमारे जवाब

सवाल: क्या मोहल्ला अस्सी आज OTT पर उपलब्ध है?

जवाब: हां, फिल्म अमेजन प्राइम वीडियो और यूट्यूब पर है।

सवाल: क्या भारत में फिल्म बैन करना कानूनी है?

जवाब: हां, सेक्शन 5बी ऑफ सिनेमैटोग्राफी एक्ट, 1952 के तहत सरकार फिल्म को सार्वजनिक शांति, धार्मिक भावनाओं, या राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर रोक सकती है।

सवाल: मोहल्ला अस्सी और केरला स्टोरी 2 में सबसे बड़ा अंतर क्या है?

जवाब: मोहल्ला अस्सी में कोर्ट ने आखिरकार फिल्ममेकर्स का साथ दिया, जबकि केरल स्टोरी 2 में कोर्ट ने सीबीएफसी पर सवाल उठाए हैं, मेकर्स के लिए यह चिंता की बात है।

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शॉर्ट बायो : काजल शर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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