सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर क्यों चुप बॉलीवुड? स्वरा भास्कर बोलीं- सेलेब्स पर इतना भरोसा मत करो
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 20वां दिन है। उनकी भूख हड़ताल पर कुछ बॉलीवुड सेलेब्स ने अपनी राय रखी है। स्वरा जंतर मंतर भी पहुंचीं, लेकिन बहुत से सेलेब्स अब भी इस हड़ताल से दूरी बनाए हैं। इस बारे में जब एक्ट्रेस से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा सेलेब्स पर इतना भरोसा मत करो।

सोनम वांगचुक को लेकर देशवासियों की चिंता बढ़ती जा रही है। आज उनकी भूख हड़ताल का 20वां दिन है। सोनम वांगचुक की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। सोनम वांगचुक से मिलने एक्ट्रेस स्वरा भास्कर जंतर मंतर पहुंचीं। स्वरा भास्कर उन सेलेब्स में से हैं जो सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर बेबाकी से अपनी राय रख रही हैं। स्वरा के अलावा कुछ और बॉलीवुड सेलेब्स हैं जिन्होंने इस मामले में अपनी राय सामने रखी है। हालांकि, अब भी इंडस्ट्री के कई लोग ऐसे हैं जो इस मामले से दूरी बनाए हुए हैं। अब स्वरा भास्कर ने इस बारे में बात की है। उन्होंने बताया क्यों बॉलीवुड के लोग इस मामले पर नहीं बोल रहे हैं।
सोनम वांगचुक की हड़ताल पर क्यों नहीं बोल रहे बॉलीवुड सितारे?
जंतर मंतर पर द लल्लनटॉप ने स्वरा से पूछा कि साल 2011 में अन्ना आंदोलन के वक्त बॉलीवुड सेलेब्स अपनी राय रख रहे थे, लेकिन अब ऐसा क्यों है कि बॉलीवुड के ज्यादातर सेलेब्स ने सोनम वांगचुक की हड़ताल से दूरी बनाई हुई है? इस सवाल पर स्वरा भास्कर ने कहा- मेरी हालत देखकर नहीं आ रहे हैं। उनको पता है कि ज्यादा बोलने से स्वरा भास्कर के साथ जो हुआ था, वो हम सबके साथ होगा। इसलिए वो नहीं आ रहे हैं।
स्वरा बोलीं- 2010-11 की बात अलग थी
स्वरा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि 2010-11 की बात अलग थी। तब सरकार अलग थी। स्वरा ने कहा- 2011-10 की बात अलग थी। सरकार अलग थी। हां, उन्होंने भी भ्रष्टाचार किया होगा, गलत चीजें करी होंगी, लेकिन जिस हद तक ये सरकार चली जाती है... एक्टिविस्ट और छात्रों को बिना बेल के, बिना किसी वजह के जेल में सड़ाया गया था।
स्वरा बोलीं- सेलेब्रिटीज पर इतना भरोसा मत करो
स्वरा भास्कर ने सरकार पर भड़ास भी निकाली। उन्होंने सरकार पर अहंकार और बेशर्मी में डूबे होने का आरोप लगाया। साथ ही स्वरा ने कहा कि किसी भी आंदोलन के लिए सेलेब्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा- सेलेब्रिटीज पर इतना भरोसा मत करो। सेलिब्रिटी की वजह से कोई मकसद जरूरी नहीं हो जाता। मकसद अपने आप में ही जरूरी है।
क्यों स्वरा बनी हैं आंदोलन का हिस्सा?
स्वरा भास्कर में ये भी बताया कि क्यों वो इस आंदोलन का हिस्सा बनीं। उन्होंने कहा कि ये आंदोलन उनके बच्ची के फ्यूचर के बारे में भी। उन्होंने कहा कि वो नहीं चाहतीं कि वो देश छोड़कर दुबई का गोल्डन वीजा लें। उन्होंने कहा कि वो अपनी बेटी को भारत में पालना और पढ़ाना चाहती हैं।
लेखक के बारे में
Harshita Pandeyहर्षिता पांडे पिछले सात साल से अधिक से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं।
विस्तृत बायो
मनोरंजन जगत की खबरों में दिलचस्पी रखने वाली हर्षिता पांडे को डिजिटल मीडिया में 7 साल से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अप्रैल 2024 से हर्षिता पांडे लाइव हिंदुस्तान के साथ जुड़ी हैं। यहां वह सेलेब्स इंटरव्यू लेती हैं, फिल्मों, टीवी शोज और ओटीटी सीरीज पर खबरें बनाने के साथ साथ उनकी समीक्षा और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर काम करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर की शुरुआत
2017 में मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में बैचलर्स की डिग्री पाने के बाद उन्होंने रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा हासिल किया और फिर आजतक से अपने करियर की शुरूआत की, जहां उन्होंने 5 साल से अधिक काम किया।
एंटरटेनमेंट और विजन
फिल्म, ओटीटी और टीवी शोज में हर्षिता की अच्छी पकड़ है। उनका लक्ष्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट
ओटीटी सीरीज (बॉलीवुड और हॉलीवुड) का रिव्यू
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
बॉलीवुड फिल्मों के रिव्यूज
साउथ की फिल्में और टीवी रियलिटी शोज से जुड़े अपडेट्स
फिल्मी पर्दे पर दिखाई जा रही कहानियों के पीछे के किस्से पाठकों तक पहुंचाना


