साउथ की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म, 7.9 है IMDb रेटिंग, जानें वीकेंड के लिए क्यों है परफेक्ट

Vartika Tolani लाइव हिन्दुस्तान
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What To Watch on Weekend: अगर आपको साउथ की एक्सपेरिमेंटल फिल्में पसंद हैं तो ये फिल्म आपके लिए है। इसमें कोई एक्शन नहीं है, बस कॉमेडी है और कोटरूम ड्रामा है।

साउथ की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म, 7.9 है IMDb रेटिंग, जानें वीकेंड के लिए क्यों है परफेक्ट

South Movie With Good IMDb Rating: वीकेंड आ गया है और हम आपके लिए साउथ की एक और मजेदार फिल्म भी लेकर आ गए हैं। ये कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है। इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.9 है। वहीं इसका नाम ‘नना थान केस कोडू’ है। हिंदी में इस नाम का मतलब ‘तो फिर मुझ पर केस कर दो’ है। आइए आपको इस फिल्म के अच्छे और बुरे पॉइंट्स बताते हैं ताकि आप ये तय कर पाएं कि ये फिल्म आपके लिए है या नहीं।

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी कोझुम्मल राजीवन (Kunchacko Boban) के इर्द-गिर्द घूमती है। कोझुम्मल राजीवन पहले छोटी-मोटी चोरियां करता था, लेकिन अब सुधर चुका है और कासरगोड में अपनी पत्नी देवी के साथ शांति से जीवन जी रहा होता है। एक दिन उसकी जिंदगी अजीब मोड़ लेती है। वह एक तेजी से उसकी तरफ बढ़ रही ऑटो से बचने के लिए दीवार फांदता है और दीवार के उस पार बंधे स्थानीय विधायक के पालतू कुत्ते उसे काट लेते हैं। इसके बाद उस पर चोरी की कोशिश का आरोप लगता है। हालांकि, राजीवन डरता नहीं है, बल्कि उल्टा उनपर केस ठोक देता है।

साउथ फिल्म

क्यों देखनी चाहिए ये फिल्म?

- टॉपिक सीरियल है, लेकिन मजाकिया ढंग से दिखाया गया है।

- लीड एक्टर कुंचाको बोबन ने एक आम आदमी का किरदार इतनी बखूबी निभाया है कि आपको लगेगा ही नहीं कि वह कोई सुपरस्टार हैं।

- इस फिल्म में आम आदमी की जीत होती है। फिल्म में ये दिखाया जाता है कि अगर एक इंसान ठान ले, तो वह सिस्टम की कमियों के खिलाफ आवाज उठा सकता है।

ये फिल्म क्यों है अलग?

- न्याय पाने में समय लगता है, लेकिन ये बात समझाने के लिए डायरेक्टर ने स्क्रीन पर सिर्फ ये नहीं लिखा कि ‘एक महीने बाद’, ‘एक साल बाद’। उन्होंने पेट्रोल की बदलती कीमतों के जरिए समझाया है कि समय तेजी से आगे बढ़ रहा है।

- फिल्म में जज और वकीलों का किरदार निभाने वाले कई लोग असल जिंदगी में भी वकील ही हैं, जिससे कोर्टरूम सीन बहुत ही नेचुरल लगते हैं।

- भारत में हर कोई खराब सड़कों और गड्ढों से परेशान है। ऐसे में वे इस फिल्म से खुद को कनेक्ट कर पा रहे हैं।

South Movie

खामियां

- फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी है, खासकर इंटरवल के बाद वाला पार्ट।

- अगर आप हिंदी डब नहीं देख रहे हैं, तो इसके बारीक जोक्स समझने के लिए सबटाइटल्स पर काफी ध्यान देना होगा।

अच्छी बातें

- सिर्फ लीड ही नहीं, बल्कि जज और सपोर्टिंग कास्ट का काम लाजवाब है।

- फिल्म आपको केरल के एक छोटे से गांव की मिट्टी से जोड़ती है।

- साउथ एक्टर कुंचाको बोबन ने अपने चॉकलेट बॉय वाली इमेज से हटकर एकदम अलग लुक अपनाया है।

- फिल्म में 80s के गाने देवदूथर पाड़ी के रीमिक्स का इस्तेमाल किया गया है।

- इस फिल्म के जरिए व्यंग कसा गया है और ये दिखाया गया है कि आम आदमी के लिए सिस्टम से न्याय पाना कितना मुश्किल होता है।

अवॉर्ड्स

इस फिल्म ने 53 केरला स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में धूम मचा दी थी और कुल 7 अवॉर्ड जीते थी।

कहां देखें ये फिल्म

आप ये फिल्म जियोहॉटस्टार पर देख सकते हैं।

फैक्ट

'नना थान केस कोडू' के दो साइड कैरेक्टर्स, सुरेशन और सुमालता, इतने फेमस हो गए थे कि इन पर अलग से फिल्म लानी पड़ी। इस फिल्म का नाम ‘Sureshanteyum Sumalathayudeyum Hrudayahariyaya Pranayakadha’ है।

Vartika Tolani

लेखक के बारे में

Vartika Tolani

वर्तिका तोलानी डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें एंटरटेनमेंट और न्यूज रिपोर्टिंग में 6 साल से ज्यादा समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (HT Media Group) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (Digital) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्तिका न केवल बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया पर पैनी नजर रखती हैं, बल्कि डेटा और रिसर्च के साथ अपनी बात कहती हैं।



करियर का सफर

वर्तिका के प्रोफेशनल सफर की शुरुआत दैनिक भास्कर (इंदौर) से हुई, जहां उन्होंने सिटी रिपोर्टर के रूप में शहर की हलचलों और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज से अपनी पहचान बनाई । इसके बाद उन्होंने दैनिक भास्कर (भोपाल) में सब-एडिटर रहते हुए CBSE और UGC जैसी बड़ी संस्थाओं के प्रमुखों का इंटरव्यू किया ।
अमर उजाला (नोएडा) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नोएडा की एंटरटेनमेंट टीम को लीड किया और बतौर एंकर व प्रोड्यूसर वीडियो कंटेंट के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई ।
आज लाइव हिन्दुस्तान में वह फिल्मों और वेब सीरीज के ईमानदार रिव्यूज और एक्सक्लूसिव सेलिब्रिटी इंटरव्यूज के जरिए पाठकों तक बेहतरीन जानकारी पहुंचा रही हैं ।



पढ़ाई-लिखाई (Education)

वर्तिका ने मीडिया की बारीकियों को किताबी और प्रैक्टिकल, दोनों स्तरों पर समझा है:
B.Sc (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): डी.ए.वी.वी. (इंद्राैर) के एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर से 2016-19 में ग्रेजुएशन पूरी की ।
PG डिप्लोमा (मास कम्युनिकेशन): इग्नू (IGNOU) से 2019-21 में पत्रकारिता की डिग्री ली ।



खासियत और हुनर (Expertise)

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फिल्म रिकमेंडेशन: वह पहले खुद फिल्में और सीरीज देखती हैं और उसके बाद ही पाठकों को उन्हें देखने की सलाह देती हैं।
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विजन

वर्तिका मानती हैं कि आज के दौर में पत्रकार का काम सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि सही और सच्ची जानकारी देना है। वह अपनी राइटिंग और प्लानिंग के जरिए कंटेंट को एक अलग और बेहतर नजरिए से पेश करने की कोशिश करती रहती हैं।

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