उन लोगों ने मुझे कसाब वाले सेल में रखा था… सूरज पंचोली ने याद किया जेल में गुजारा वक्त
सूरज पंचोली की फिल्म केसरीवीर को दर्शकों ने ज्यादा पसंद नहीं किया। इस बीच मीडिया इंटरैक्शन के दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी के कठिन दौर पर बात की। सूरज ने बताया कि जब वह जेल में थे तो उनका अनुभव कैसा था।

सूरज पंचोली ने अपने जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव देखे। 21 साल की उम्र में उन्हें जेल जाना पड़ा। उन पर गर्लफ्रेंड जिया खान को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। अब वह करियर में नई शुरुआत करना चाहते हैं। उनकी फिल्म केसरी वीर रिलीज हो चुकी है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म नहीं चल पाई। इस बीच प्रमोशन के सिलसिले में सूरज ने मीडिया से बात की। एक पॉडकास्ट में अपने जेल का अनुभव भी बताया।
अंडा सेल में थे सूरज
सूरज पंचोली हिंदी रश पॉडकास्ट में थे। उनसे जेल के अनुभव के बारे में पूछा गया। वह बोले, 'सब बहुत धुंधला सा है, मैं उस वक्त सिर्फ 21 साल का था। मुझे ऑर्थर रोड जेल भेजा गया था और अंडा सेल में रखा गया था। मैं उसी सेल में था जिसमें कसाब को रखा गया था। मेरे साथ ऐसे बर्ताव किया जा रहा था जैसे कि मैंने बम ब्लास्ट किया हो।'
लग रहा था सपना
सूरज आगे बताते हैं, 'मुझे कसाब वाली जगह रखा गया। मेरे पास तकिया भी नहीं था। मैं अखबार पर सोता था। ऐसे ट्रीट करते थे जैसे कोई भयानक जुर्म किया हो। मैं बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बता रहा। चार-पांच साल बाद समझ आया कि मुझ पर क्या बीत रही थी। मुझे लग रहा था कि ये सब सपने में हो रहा है। सीबीआई जांच हुई। मुझे अंडा सेल में रखा गया। यह बहुत कठिन था।'
सूरज पर था ये आरोप
सूरज पंचोली पर जिया खान को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। उन्हें 20 दिन जेल में भी बिताने पड़े। सबूतों की कमी की वजह से उन्हें 2023 में आरोप से बरी कर दिया गया। हालांकि जिया की मां का आरोप था कि सूरज ने उनकी बेटी की जान ली है।
लेखक के बारे में
Kajal Sharmaशॉर्ट बायो : काजल शर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
काजल शर्मा भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम की लीड हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
काजल ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2014 में अमर उजाला डिजिटल के साथ उन्होंने न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 2017 से 2020 तक नवभारत टाइम्स (NBT) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल कवरेज के बाद वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़ीं और वर्तमान में इन दोनों सेक्शंस की टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
B.Sc (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण काजल को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह मनोरंजन बीट पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिख रही हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
फिल्म, बॉक्स ऑफिस ऐनालिसिस, ट्रेंड्स, टीवी, ओटीटी और लाइफस्टाइल विषयों पर काजल की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। काजल का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
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सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
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मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग
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