मधुबाला की मौत से पहले के कुछ आखिरी घंटों में हुआ ये सब, बहन की बाहों में तोड़ा दम, बोलीं- अब मुझे जाने दो
बॉलीवुड एक्ट्रेस मधुबाला की मौत से पहले के वो कुछ आखिरी घंटे दर्द और तकलीफ से भरे थे। लंदन में एक्ट्रेस ने सुसाइड की भी कोशिश की थी। अपने आखिरी वक्त में वो बस शांति से जाने की बात कहती रहीं।

गुजरे जमाने की एक्ट्रेस मधुबाला की खूबसूरती के चर्चे दुनियाभर में होते रहे हैं। 50 के दशक में सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस, 60 के दशक में देश की सबसे बड़ी एक्ट्रेस अब बेड आराम पर थीं। अपने आखिरी सालों में मधुबाला दर्द से कराहती, चिल्लाती और फिर कहती कि अब मुझे जाने दो। एक्ट्रेस ने शीशा देखना छोड़ दिया था, लोगों से मिलने से मना कर दिया। मधुबाला अक्सर अपने आपको देखकर कहती ‘मैं क्या से क्या हो गई हूं’। बीमारी ने मधुबाला के चेहरे का नूर छीन लिया था। वजन इतना घट गया था कि वो कंकाल लगने लगी थीं। आखिरी के पल बहन की बाहों में गुजरे।
सबसे पहली बार बीमारी का पता चला
ये 1954 की बात है। मधुबाला फिल्म 'बहुत दिन हुए' के सेट पर शूटिंग में बिजी थीं। अचानक उनके खून की उल्टियां हुई। उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया। जांच में पता चला कि मधुबाला के दिल में छेद है। उस समय ऐसी बीमारियों का कोई परमानेंट इलाज नहीं था। मधुबाला लगातार काम करती रहीं। उस दशक में उनकी कई फिल्में आई। दुनियाभर में उनकी खूबसूरती और एक्टिंग के चर्चे होने लगे। वो छोटी उम्र में बड़ा नाम कमा चुकी थी। इसी दौरान दिलीप कुमार से उनके प्यार की शुरुआत हुई।दोनों फिल्म मुगल-ए आजम में काम कर रहे थे।इसी फिल्म के दौरान रिश्ता बिगड़ा और दोनों अलग हो गए।मधुबाला प्यार चाहती थीं, घर बसाना चाहती थीं। ऐसे में उन्होंने सिंगर किशोर कुमार का हाथ थाम लिया।
मधुबाला से बनाई दूरी
किशोर कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो जानते थे कि मधुबाला बीमार हैं। लेकिन उन्हें इसकी गंभीरता का एहसास नहीं था। उन्होंने मधुबाला से जो वादा किया था उसे निभाया और उन्हें शादी कर अपने घर ले आए। शुरुआत में वो उन्हें लंदन के हॉस्पिटल ले गए। डॉक्टर के मुताबिक मधुबाला की हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उन्हें सिर्फ दो साल जीने का समय दिया गया। ऐसी भी रिपोर्ट्स हैं कि दोनों के बीच खटपट बढ़ गई थी इसलिए मधुबाला अलग रहती थीं। किशोर कुमार अपने काम में बिजी और अक्सर कॉन्सर्ट के चक्कर में बाहर ही होते थे। ऐसा कहा जाता है कि किशोर कुमार ने जानबूझकर मधुबाला से दूरी बनानी शुरू कर दी थी।
कंकाल जैसी दिखने लगी थीं मधुबाला
मधुबाला अपने आखिरी के सालों पर बिस्तर पर आ गई थीं। वजन इतना कम हो गया था कि वो कंकाल जैसी दिखने लगीं थीं। उनकी तबीयत का हाल लेने अक्सर लोग उनसे मिलने आते लेकिन वो अपनी ऐसी हालत किसी को नहीं दिखाना चाहती थीं। उनकी बहन के मुताबिक मधुबाला ने बुरी हालत में भी अपने काम खुद किए। वो कभी बहनों या पिता पर बोझ नहीं बनना चाहती थी। वो खुद नहाती और खाना खाती थीं। एक्ट्रेस अक्सर अपनी बहन को कहती थीं कि अब उनके ट्रीटमेंट पर पैसा बर्बाद नहीं किया जाए। वो जानती हैं कि वो नहीं बचेंगी। इसलिए कमाई को खर्च न करें। उनके जाने के बाद कोई और कमाने वाला नहीं था।
दर्द में चिल्लाती थीं एक्ट्रेस
मधुबाला के आखिरी के कुछ दिन बेहद दर्दनाक थे। किशोर कुमार के मुताबिक वो दर्द में चिल्लाती थीं। विकिपीडिया के मुताबिक मधुबाला जब इलाज के लिए लंदन गई थीं तो वहां उन्होंने सुसाइड की कोशिश की थी। डॉक्टर ने उन्हें बस दो सालों का समय दिया था। ये सुनते ही वो टूट गई।
मौत के आखिरी घंटे
किशोर कुमार ने बताया था कि डॉक्टर ने उन्हें दो साल का समय दिया था लेकिन वो 9 साल तक दर्द के साथ जीती रहीं। मौत के आखिरी दिन याने 22 फरवरी को उन्हें तेज बुखार हुआ। हालत बहुत खराब हो चुकी थी। वो अपने पिता के घर थीं। बहन चंचल उनकी देखभाल कर रही थीं। पिता अताउल्लाह खान बेटी की ऐसी हालत देख सदमे में थे। उन्होंने किशोर कुमार से संपर्क किया। बताया जाता है कि किशोर कुमार का कॉन्सर्ट था और वो फ्लाइट पकड़ने के लिए निकलने वाले थे। लेकिन पिता अताउल्लाह खान ने कुछ ऐसा कहा कि वो तुरंत घर आए। रिपोर्ट के मुताबिक शाम होते मधुबाला की हालत गंभीर हो गई। दिल की बीमारी से लड़ रही एक्ट्रेस को दिल के दौरे पड़े। उन्होंने अपनी बहन से कहा कि अब उन्हें आराम से जाने दिया जाए। सुबह 23 फरवरी 1969 को मधुबाला चल बसी। एक्ट्रेस ने अपने बांद्रा वाले घर पर आखिरी सांस ली।
घर से निकला जनाजा
दोपहर तक उनका जनाजा निकाला गया। बड़ी संख्या में इंडस्ट्री के लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अशोक कुमार।दिलीप कुमार के भाई, सुनील दत्त, पृथ्वीराज कपूर, तमाम दिग्गज कलाकार ने एक्ट्रेस को नम आंखों से विदाई दी। मधुबाला के जनाजे को किशोर कुमार और उनके पिता अताउल्लाह खान ने कंधा दिया। कब्र पर अताउल्लाह खान अपनी फूल जैसी बच्ची को देखकर बच्चों की तरह रोते। दिलीप कुमार उस समय मद्रास में फिल्म की शूटिंग में बिजी थे। वो जब तक लौटे मधुबाला को दफनाया जा चुका था। वो कब्र पर पहुंचे और उन्हें दुआओं में याद किया। मधुबाला की मौत के बाद दिलीप कुमार के घर से अगले कुछ दिनों तक खाना आया।


