सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'द वन' बिहार के सदियों पुराने इस मंदिर पर है बेस्ड, सूर्यास्त के बाद पुजारी भी नहीं रुकते
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म द वन की कहानी बिहार के एक पुराने मंदिर पर बेस्ड है। जानें इस मंदिर के बारे में ऐसी बातें जिन्हें पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे।

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म आ रही है द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट। इस फिल्म का टीजर कुछ दिनों पहले रिलीज हुआ जिसे देखकर दर्शक काफी हैरान हुए। इसमें एक आदमी की स्टोरी दिखाई है जिसमें वह प्रतिबंधित जंगल में जाकर वहां का नियन तोड़ देता है और इसके बाद जो होता है वही इस कहानी का ट्विस्ट है। इस फिल्म की कहानी बिहार के एक पुराने मंदिर वन देवी पर आधारित है।
किस मंदिर से इंस्पायर है द वन की स्टोरी
इस बारे में खुद फिल्म के मेकर्स ने खुलासा किया है। फिल्म के मेकर्स दीपक मिश्रा और अरुणाभ ने बताया कि पटना के पास एक वन देवी मंदिर है जिसकी सच्ची कहानी से फिल्म को बनाने का पॉइंट मिला। अरुणाभ ने बताया कि वन देवी मंदिर जाने और वहां के इतिहास और लोक-कथाओं को जानने वाले लोगों से बात करने के बाद उन्होंने इस कहानी को बनाने का सोचा।
सूर्यास्त के बाद मंदिर में नहीं है जाने की अनुमति
अरुणाभ ने मंदिर की कहानी बताते हुए कहा, ‘वो मंदिर 16वीं सदी में बनाया गया था। वहां जंगल में कुछ ऐसी चीजें होती थीं जिससे लोग काफी परेशान होते थे। वहां फिर ये नियम बनाया गया कि सूरज डूबने के बाद लोग जंगल में ना जाएं। आज भी वहां ऐसा ही होता है।’
पुजारियों से की थी डायरेक्टर ने बात
अरुणाभ ने आगे कहा, ‘मैंने वहां के लोग और पुजारियों से बात की। मैंने दीपक को 2 साल पहले इस कहानी के बारे में बताया था और हम दोनों को यह स्टोरी काफी इंट्रेस्टिंग लगी। इसके बाद हम दोनों एकता कपूर के पास गए और उन्होंने कहा कि इस स्टोरी को बड़े पर्दे पर लाना चाहिए।’
मंदिर के पीछे की कहानी
मंदिर की बात करें तो वन देवी मंदिर बिहार के पटना में है। इस मंदिर को करीब 350 से 400 साल पुराना बताया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर के कपाट बंद होने के बाद वहां किसी को जाने की मंजूरी नहीं है। यहां तक कि पुजारी भी घर चले जाते हैं। सूर्यास्त के बाद वहां जाना मना है। इसके पीछे की वजह बताई जाती है कि सूर्यास्त के बाद वहां वन देवी परिसर में घूमती हैं।
फिल्म में खूब टेक्नोलॉजी और एनिमेशन का इस्तेमाल
मिश्रा ने कहा कि जब फिल्म की कहानी नरेट हुई तब उनके दिमाग में ऑटोमैटिकली विजुअल्स आ गए। वहां से चीजों की शुरुआत हुई और फिर धीरे-धीरे टीम बढ़ती गई। उन्होंने एक सिनेमैटिक प्रेजेन्टेशन तैयार की। वह बोले, 'लोगों को भले ही फिल्म देखते हुए फील ना हो, लेकिन इसमें काफी टेक्नोलॉजी, एनिमेशन का यूज हुआ है इस दुनिया और माहौल को बनाने में।'
द वन की बात करें तो इस फिल्म को अरुणाभ कुमार और दीपक कुमार मिश्रा ने डायरेक्ट किया है। वहीं शोभा कपूर, एकता कपूर ने इसे प्रोड्यूस किया है। फिल्म में सिद्धार्थ के साथ तमन्ना भाटिया लीड रोल में हैं।


