
शेकी-शेकी वाले संजू राठौड़ को गालियां देकर जलील करते थे लोग, बोले- मैं छिपता घूमता था
शायद ही कोई डांस लवर होगा जिसने शेकी-शेकी गाने के हुक स्टेप्स ना करके देखे हों। इसको गाने वाले संजू राठौड़ अब हिंदी म्यूजिक लवर्स के बीच पॉप्युलर हो चुके हैं। उन्होंने अपने पुराने वक्त और गरीबी के दिनों के बारे में बताया।
गुलाबी साड़ी और शेकी-शेकी गानों पर सोशल मीडिया पर खूब रील्स बनीं। यूट्यूब पर भी इन गानों को खूब हिट मिले। इन गानों को गाने वाले संजू राठौड़ मराठी सिंगर हैं और उन्होंने अब हिंदी श्रोताओं के दिल में भी जगह बना ली है। संजू ने अपनी जिंदगी काफी मुश्किल वक्त भी देखा। उन्होंने बताया कि उनके गाने बहुत वायरल होते थे लेकिन उनको यूट्यूब से पैसे कमाना नहीं आता था। लोग सोचते थे कि वह बहुत कमाई कर रहे हैं लेकिन वह तंगी झेल रहे थे।

लोन लेकर बनाते थे म्यूजिक
संजू बोले, 'मैं पैसे के पीछे नहीं भागता हूं, मेरी खुशी मेरे परिवार के खुश रहने से है। मैंने उन्हें कम्फर्टेबल जिंदगी, घर और एक गाड़ी दी है, मेरी यही इच्छा थी। अब मुझे और चीजें पानी हैं। मराठी म्यूजिक में और नए रास्ते भी खोलने हैं।' संजू अपनी शुरुआती जिंदगी के बारे में बताते हैं, 'जब मैंने शुरुआत में अपना सिंगिंग करियर शुरू किया था तो मेरे ट्रैक्स वायरल हुए। हर साल मैं गणपति के लिए एक गाना बनाता, तब भी मेरे गानों को 10-15 मिलियन व्यूज मिल जाते जबकि यूट्यूब के बारे में लोग इतना नहीं जानते थे। मैं भी यूट्यूब से अनजान था और कोई अकाउंट भी नहीं था। म्यूजिक बनाने के लिए मैंने दोस्तों और परिवार से लोन लिया था। मेरे कॉन्टेंट को रीच मिलती और लोग बोलते, देखो वह इतने पैसे कमा रहा है, लेकिन सच ये था कि मैं मुश्किल में था।'
लोग करते थे जलील
संजू ने बताया कि एक वक्त था जब वह पैसे ना होने की वजह से 15 दिन स्टेशन पर सोए। वह बताते हैं कि लोगों को लगता था कि वह कमाई कर रहे हैं लेकिन वह पैसों से परेशान थे। संजू बोले, 'लोग मुझे बेइज्जत करते थे, घर के बाहर इकट्ठे होकर जलील करते थे। मैं छत पर छिपता, कभी पानी की टंकी के पीछे और बचने के लिए कूदकर भाग जाता। इस तरह की अनगिनत कहानियां हैं। अब इन सबको पीछे छोड़ चुका हूं।'

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Kajal Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




