Hindi Newsएंटरटेनमेंट न्यूज़बॉलीवुडRandeep Hooda Praises CJI for to look into the ruling about stray dogs in NCR welcomes Supreme Court Decision
'किसी अपने को रेबीज के कारण खोया...', आवारा कुत्तों को लेकर SC के फैसले पर क्या बोले रणदीप हुड्डा

'किसी अपने को रेबीज के कारण खोया...', आवारा कुत्तों को लेकर SC के फैसले पर क्या बोले रणदीप हुड्डा

संक्षेप:

दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सिलेब्स से लेकर आम जनता तक कई लोग नाराज हैं। अब एक्टर रणदीप हुड्डा ने इस मामले में अपनी राय सामने रखी है। उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के फैसले का स्वागत किया है।

Aug 13, 2025 07:23 pm ISTHarshita Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद देशभर में एक बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने फैसले पर नाराजगी भी जताई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हो रहे विरोध को देखते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक बार फिर विचार करने का आश्वासन दिया है। अब इस मामले पर एक्टर रणदीप हुड्डा ने अपनी राय सामने रखी है। रणदीप हुड्डा ने कहा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की तारीफ की है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

रणदीप ने की मुख्य न्यायाधीश की सरहाना

रणदीप हुड्डा ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा- "ये सुनकर बहुत खुशी हुई कि माननीय मुख्य न्यायाधीश ने एनसीआर में आवारा कुत्तों से जुड़े फैसले पर विचार करने पर सहमति जताई है। किसी भी कानून को पास करना और उसे लागू करना सबसे पहले तो मानवीय होना चाहिए, और दूसरी बात, बुनियादी ढांचे और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।"

रणदीप हुड्डा का पोस्ट

रणदीप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या कहा?

रणदीप ने आगे लिखा- "मैं जानवरों से प्यार करता हूं, लेकिन क्या मैं इसे उस परिवार के आगे सही ठहरा पाउंगा जिसने किसी अपने को रेबीज के कारण खोया हो या जिसने गंभीर चोट झेली हो? नहीं, आवारा कुत्तों की पूरी आबादी को बंद करना एक अच्छा आइडिया नहीं है और न ही प्रभावी है।"

रणदीप ने क्या दी सलाह

रणदीप ने कहा कि नागरिक के तौर पर हमें ऑप्शन्स के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल एक उपाय है बड़े पैमाने पर और चक्रीय नसबंदी करना और उन आक्रामक झुंडों को पकड़ कर दूसरी जगह ले जाना जो बहुत टेरिटोरियल हो गए हैं। रणदीप ने कहा कि ये एक लॉन्ग टर्म पॉसिबल सॉल्यूशन है जो आनेवाले सालों में कुत्तों की संख्या को कम करेगा। साथ ही, रणदीप ने लोगों को कुत्ते गोद लेने की सलाह दी है।

Harshita Pandey

लेखक के बारे में

Harshita Pandey
हर्षिता पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले वह आज तक में काम कर चुकी हैं। एंटरटेनमेंट के अलावा मेंटल हेल्थ की खबरों में रुचि रखती हैं। काम से इतर वह अपना अधिकांश वक्त फिल्में देखने में बिताती हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।