गाजियाबाद सुसाइड: सोशल मीडिया बैन के खिलाफ RGV, बोले- ऐसा किया तो खड़ी होगी नई प्रॉब्लम
Ram Gopal Varma: राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया के साइड इफैक्ट्स और उसके इस्तेमाल से आ रहे दुष्परिणामों को लेकर एक नया नजरिया पेश किया है। राम गोपाल वर्मा सोशल मीडिया पर पूरी तरह बैन लगाए जाने के खिलाफ हैं।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के सुसाइड करने की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले पर डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा ने अपने विचार रखे हैं। राम गोपाल वर्मा ने नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया को पूरी तरह बैन करने की बात कही है। राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया को एक तरह का जहर बताते हुए कहा है कि जैसे शराब और सिगरेट के लिए उम्र की सीमा तय है, उसी तरह सोशल मीडिया के लिए भी सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। राम गोपाल वर्मा ने साफ कहा है कि यह सोचना बेवकूफी होगी कि सोशल मीडिया सिर्फ एक मनोरंजन का साधन है।
राम गोपाल वर्मा ने दिया नया नजरिया
लीजेंडरी फिल्म डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर मौजूद खतरनाक कॉन्टेंट से बच्चों को बचाने की बात कहते हुए अपनी पोस्ट में लिखा, 'बिना बैन वाले देशों में बच्चे लगातार यूट्यूब ट्यूटोरियल्स, रेड्डिट थ्रेड्स, टिकटॉक एक्सप्लेनर्स और उन ग्लोबल फोरम्स से टच में रहेंगे जो कोडिंग, भाषाएं, बिजनेस, साइंस और आम दुनिया में चल रही चीजों के बारे में किसी भी पारंपरिक क्लासरूम से ज्यादा तेजी से सिखाते हैं।' राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया के फायदे गिनाते हुए यह भी कहा कि इसे बच्चों की पहुंच में लाने के लिए कुछ चीजें तय करना बहुत जरूरी है, वरना इससे मिलने वाले फायदे नुकसान में बदलते देर नहीं लगेगी।
अगर अभी नहीं रोका तो और भयानक..
सोशल मीडिया के डार्क साइड पर बात करते हुए राम गोपाल वर्मा ने कहा, '16 साल से कम उम्र के बच्चे मानसिक रूप से इतने मैच्योर नहीं होते कि वे सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग या वहां के माहौल को झेल सकें।' RGV ने कहा कि गाजियाबाद जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि कैसे इंटरनेट का निगेटिव असर बच्चों को डिप्रेशन और सुसाइड जैसे खतरनाक रास्तों पर ले जा रहा है। डायरेक्टर वर्मा के मुताबिक, अगर इसे अभी नहीं रोका गया, तो यह स्थिति और भी भयानक हो सकती है।
बैन लगाया तो झेलने पड़ेंगे ये नुकसान
राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया के दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कहा, 'ऐसे युग में जहां ऑनलाइन नॉलेज तेजी से बढ़ रही है, ये बैन उनके बचपन को बचाने की बजाए डिजिटल क्षेत्र में पिछड़ने वाली एक पीढ़ी को जन्म देंगे, जो विचारों, टैलेंट और मौकों की दुनियावी दौड़ में पिछड़ जाएगी। जो देश इंटरनेट की पहुंच खुली रखते हैं, वे प्रभावी रूप से अपने युवाओं को एक शक्तिशाली बढ़त दे रहे हैं।' राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया को पूरी तरह बैन करने की बजाए इसे रेग्युलेट करने की बात कही है।

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