मदर इंडिया- मुग़ल-ए आजम जैसी आइकॉनिक फिल्मों के गीत लिखने वाले मुस्लिम गीतकार ने लिखे थे ये भजन
प्यार किया तो डरना, चौदहवीं का चांद हो…जैसे गीत लिखने वाले इस मुस्लिम गीतकार ने जब भजन लिखने के लिए कलम उठाई तो कमाल हो गया। हिंदी सिनेमा के इतिहास की दो सबसे बड़ी फिल्मों मदर इंडिया, मुग़ल-ए आजम के म्यूजिक को अपने कलम से सजाया।

जब प्यार किया तो डरना क्या…तेरी महफिल में किस्मत आजमा के…1950 और 60 के दशक में ऐसे कई गाने आए जिन्होंने उस समय के सिनेमा के नए सफर की शुरुआत की। ये गाने ही थे जिन्होंने फिल्मों और उस दौर के एक्टर्स को पहचान दी। इन गीतों को आवाज देने वाले और म्यूजिक से तैयार करने वाले कंपोजर के अलावा गीतकार की भी अहम भूमिका थी। उसी समय एक ऐसा गीतकार आया जिसने अपने लिखे गीतों, कव्वाली, शायरी, गजल के अलावा भजनों से भी अलग पहचान बनाई। एक मुस्लिम गीतकार जिसने जब भजन लिखे तो सारी धारणाओं को बदल दिया। ये वो गीतकार था जिसने हॉस्पिटल के बिस्तर पर लेटे हुए दिलीप कुमार की सफल फिल्म के गीत लिख दिए थे। इस गीतकार का नाम है शकील बदायुनी।
शकील बदायुनी का जन्म और गीत
3 अगस्त 1916 को बदायूं जिले में जन्में गीतकार का असली नाम शकील अहम मसूदी था। मशहूर होने के बाद ये शकील बदायुनी बन गए। घर में ही उन्हें उर्दू, अरबी, फ़ारसी, हिंदी की शिक्षा दी गई। पिता चाहते थे कि बेटा बड़ा अफसर बने, लेकिन पढ़ाई के दौरान शकील को शायरी का शौक चढ़ा और इसी शौक ने उनकी जिंदगी बदल दी। शकील अपनी शायरियों से मशहूर हो चुके थे। तभी एक मुशायरे में अब्दुल रशीद कारदार ने उन्हें सुना और फिर म्यूजिक कंपोजर नौशाद से उनकी मुलाकात करवाई। इस मुलाकात और नौशाद के साथ दोस्ती के बाद शकील फिल्मों के लिए लिखने वाले अहम गीतकार बन गए। 1947 में आई फिल्म दर्द में पहली बार शकील ने गीत लिखे लेकिन उन्हें असली पहचान 'अफसाना लिख रही हूं' गाने से मिली।
मुस्लिम शकील ने दिया ये भजन
शकील अपने लिखे गीतों, शायरी और गजलों से मशहूर हो रहे थे। लेकिन उस समय किसी ने ये नहीं सोचा था कि ये मुस्लिम गीतकार भजनों को इतनी आत्मीयता के साथ कैसे लिख सकता है। लेकिन जब फिल्म बैजू बावरा के लिए विजय भट्ट ने उन्हें सुना तो फिल्म के सभी गीत उन्हीं से लिखवाए। खास बात ये है कि इस फिल्म के गीत ‘ दुनिया के रखवाले’ को तीन मुस्लिमों ने ही बनाया था। इसके गीत शकील ने लिखे थे, म्यूजिक नौशाद का था और गाया मोहम्मद रफी ने था। फिल्म के सभी गाने पसंद किए गए थे।
मुग़ल-ए आजम के सभी गाने लिखे
आगे शकील ने सदी की दो सबसे बड़ी फिल्में मदर इंडिया और मुग़ल-ए आजम के लिए अपनी कलम चलाई। मदर इंडिया का गाना 'दुनिया में हम आए हैं तो जीना पड़ेगा', 'ओ जाने वालों' जैसे पॉपुलर गीत ।लिखे। जब मुग़ल-ए आजम आई तो जैसे कमाल हो गया। इस फिल्म का गाना ‘प्यार किया तो डरना क्या’, तेरी महफिल में किस्मत आजमा के’ जैसे गाने लिखे जो आज भी मशहूर हैं। गुरुदत्त की फिल्म चौदहवीं का चांद हो या आफताफ हो के लिए तो इन्हें अवॉर्ड तक मिला था। उनके लिखे इन गीतों ने हिंदी सिनेमा पर छाप छोड़ दी। इसके अलावा उन्होंने भक्ति गीत, भजन भी लिखे। जैसे ‘मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो’, ‘मधुबन में राधिका नाचे’,’ओ दुनिया के रखवाले’ ‘जय रघुनंदन जय सियाराम’। मुस्लिम होने के बाद भी शकील की कलम से ये भक्ति गीत निकले। इसके पीछे की वजह धर्म से उनका लगाव माना गया था। इसी धार्मिक संस्कारों की वजह से उन्होंने शायरी करते हुए भी कभी शराब हो हाथ नहीं लगाया। हां, उन्हें पान और खाने-पीने का शौक था। बताया जाता है कि उनका बावर्ची लखनऊ से बुलाया गया था। वहीं चांदी की डिबिया में उनका पान रखा जाता था।
हॉस्पिटल के बिस्तर पर लिखे दिलीप कुमार के लिए गीत
1965 की बात है। शकील बीमार चल रहे थे हॉस्पिटल में भर्ती थे। इस बारे में नौशाद ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था। नौशाद ने कहा था कि वो फिल्म दिलीप कुमार की राम और श्याम के लिए गाने बना रहे थे। उन्होंने प्रोड्यूसर से बात की और कहा कि इसके गाने शकील लिखेंगे। प्रोड्यूसर ने कहा कि वो तो बीमार हैं। लेकिन नौशाद जानते थे कि ये काम सिर्फ शकील ही कर सकते हैं। उन्होंने प्रोड्यूसर को मनाया और सीधे उस हॉस्पिटल में जा पहुंचे जहां शकील भर्ती थे। उन्होंने 10 हजार का चेक उनके तकिए के नीचे रख दिया। ये किसी भी गीतकार को मिलने वाली सबसे ज्यादा रकम थी। उन्होंने कहा कि फिल्म राम और श्याम के गीत आप लिखेंगे। शकील ने पहले अपने बीमार होने का हवाला दिया। लेकिन अंत में वो मान गए और हॉस्पिटल के बिस्तर से उन्होंने, 'मैंने कब तुमसे कहा', आज की रात मेरे दिल की', बालम तेरे प्यार की ठंडी आग' जैसे गीत लिखे।
शकील बदायुनी का अंत
शकील ने अपने अंतिम समय में भी खूब काम किया और 1970 में उनका निधन हो गया। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 53 साल थी। वो अपे पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक उनकी बेटी कम उम्र में ही दुनिया छोड़ गई थीं। दोनों बेटों ने बिजनेस किया।
लेखक के बारे में
Usha Shrivasपरिचय और अनुभव: ऊषा श्रीवास भारतीय डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 9+ सालों का प्रोफेशनल एक्सपीरियंस है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के लाइव हिन्दुस्तान में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रही हैं। डिजिटल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता, वीडियो कंटेंट और ऑडियंस-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग में उनकी गहरी समझ उन्हें इस एरिया में एक मजबूत पहचान दिलाती है। करियर: पत्रकारिता में आने से पहले ऊषा अन्य कई फील्ड के साथ जुड़ी रही हैं। एकाध NGO के साथ काम करने के बाद Visa Facilitation Service (VFS) जैसी अंतरराष्ट्रीय वीजा प्रोवाइडर कंपनी में काम किया। फिर जर्नलिज्म को करियर बनाने के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जन संचार संस्थान(IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली, जिससे उन्हें न्यूज़ जजमेंट, कंटेंट स्ट्रक्चर और मीडिया एथिक्स की गहरी समझ मिली। अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत उन्होंने APN चैनल से की, जहां कंटेंट राइटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाली। यहां रहते हुए उन्होंने डिजिटल ऑडियंस के लिए ट्रेंड-आधारित स्टोरीज।
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ सफर: 2017 में वह देसीमार्टीनी (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ीं और लगभग 7 सालों तक हिंदी एंटरटेनमेंट के लिए काम किया और टीम लीड भी की। इस दौरान वीडियो स्क्रिप्टिंग, एंकरिंग और टीम मैनेजमेंट की कमान संभाली। ऊषा के एंकर किए गए वीडियो सेगमेंट्स और स्पेशल सीरीज को खास पहचान मिली। 2024 से ऊषा लाइव हिन्दुस्तान में की एंटरटेनमेंट टीम के साथ जुडी हुई हैं। यहां ऊषा, बॉक्स ऑफिस एनालिसिस, OTT कवरेज, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, मूवी, वेब सीरीज रिव्यू और ब्रेकिंग न्यूज पर काम कर रही हैं।
एजुकेशन: ऊषा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया है। पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री और फिर भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में प्रोफेशनल कोर्स किया है।
एंटरटेनमेंट पत्रकारिता और डिजिटल विजन: ऊषा का मानना है कि एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में स्पीड के साथ-साथ सटीकता जरूरी हैं। उनका फोकस ऐसे कंटेंट पर रहता है जो न सिर्फ ट्रेंड करे, बल्कि पाठकों को भरोसेमंद और सही जानकारी भी दे। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऑडियंस बिहेवियर को समझकर वह हाई-रीच और हाई-एंगेजमेंट स्टोरीज तैयार करती हैं।
खासियत
मूवी और OTT रिव्यू
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और ट्रेड एनालिसिस
बॉलीवुड न्यूज, साउथ सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
वीडियो स्क्रिप्टिंग और एंकरिंग
ब्रेकिंग और ट्रेंडिंग एंटरटेनमेंट न्यूज़
डिजिटल ऑडियंस इनसाइट्स और कंटेंट स्ट्रैटेजी
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


