मोहम्मद रफी की इस गलती ने बनाया गाने को अमर, जब रिलीज हुआ तो निकल गए थे सबके आंसू
मोहम्मद रफी की आवाज के सभी दीवाने रहे हैं। इतना ही नहीं आज भी उनके गानें फैंस के दिलों में जिंदा है। अब हम आपको उनके एक ऐसे ही गाने के बारे में बताते हैं जिसमें उनसे एक गलती हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी वो गाना हिट रहा है।

मोहम्मद रफी एक ऐसे सिंगर थे जिन्होंने ना सिर्फ अपनी आवाज बल्कि अपने बिहेवियर से भी सबका दिल जीत लेते थे। इतना ही नहीं उनकी आवाज इतनी अच्छी थी कि सभी संगीतकार यहां तक कि एक्टर्स की भी डिमांड होती थी कि उनके गाने में सिर्फ रफी साहब ही अपनी आवाज दें। अब हम आपको रफी साहब के एक किस्से के बारे में बताते हैं जब उनकी एक गलती को गाने में रखा गया और उसके बावजूद भी गाना हिट हुआ था। अब क्या थी वो गलती इसके बारे में हम बताते हैं।
किस गाने में क्या हुई थी गलती
दरअसल, बलराज साहनी की फिल्म सीमा की रिकॉर्डिंग चल रही थी। गाने का नाम था कहां जा रहा है तू ऐ जाने वाले। रफी साहब इस गाने को गा रहे थे। वहीं स्टूडियो में मौजूद थे संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन। यहर एक इमोशनल गाना था और रफी साहब अपनी आवाज से हर लब्ज में जान डाल रहे थे। रिकॉर्डिंग स्टूडियो में सिर्फ रफी साहब की आवाज गूंज रही थी। मोहम्मद रफी इमोशनली इस गाने से कनेक्ट हो गए थे।
गलती पर रुके नहीं थे मोहम्मद रफी
इस गाने की एक लाइन को गाते हुए रफी साहब की आवाज में एक हल्दी सी खराश आ जाती है। उनकी आवाज में कंपन आ गई थी। हालांकि रफी साहब ने बीच में गाने को नहीं रोका और पूरा गाया। उन्होंने फिर गाना खत्म करने के बाद शंकर-जयकिशन को कहा कि उनसे एक गलती हो गई थी। उनकी आवाज तोड़ वक्त बोलते हुए थोड़ी कंपकपी हो गई थी। वह बोले कि उन्हें दोबारा गाने को रिकॉर्ड करना है। लेकिन शंकर-जयकिशन ने मना कर दिया। उन्होंने उसी आवाज के साथ रफी साहब का गाना रिकॉर्ड किया।
गलती हिट साबित हुई थी
शकर ने कहा कि रफी साहब जब तोड़ शब्द के वक्त आपकी खराब आई तब हमें लगा कि वो उस शब्द के लिए बिल्कुल ठीक था। ऐसा लग रहा है जैसे सच में आप इमोशनल हुए हैं जो इस गाने को अमर बना देगा। रफी साहब उनकी बात सुनकर हैरान हो गए, लेकिन शंकर की बात ही सच हुई। यह गाना जब रिलीज हुआ तो इसने सबका दिल जीत लिया।
मोहम्मद रफी ने अपने करियर में कई हिट गाने दिए जैसे लिखे जो खत तुझे, बहारों फूल बरसाओ, चौदहवीं का चांद, क्या हुआ तेरा वादा। रफी साहब को म्यूजिक इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए पद्म श्री अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। मोहम्मद रफी का निधन 31 जुलाई 1980 को दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।


