मोहम्मद रफी के घर पर जब बंद हो गया था उनके गानों को बजाना, पत्नी हो जाती थीं बीमार
मोहम्मद रफी की आवाज को जो सुनता है वो बस सुनता ही रह जाता है। अब आज हम आपको एक किस्से के बारे में बताते हैं जब उनके गाने उनके ही घर में बजने बंद हो गए थे।

मोहम्मद रफी एक ऐसे सिंगर थे जिनकी आवाज के लाखों दीवाने थे। इतना ही नहीं आज की यंग जनरेशन भी उनके गानों को पसंद करते हैं। रफी साहब के घर में भी उनके गाने बजते रहते थे। लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब रफी साहब के घर में उनके गाने ही नहीं बजाए गए। इसके पीछे एक इमोशनल किस्सा है जिसे सुनकर आप भी इमोशनल हो जाएंगे।
क्यों नहीं बजते थे रफी साहब के गानें
दरअसल, मोहम्मद रफी का जब निधन हुआ, उससे परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ टूट गया था। वहीं उनकी पत्नी बिलकिस बानो तो पूरी तरह से टूट गई थीं। जब रफी साहब के गाने उनके निधन के बाद घर में बजे तो बिलकिस खुद को संभाल ही नहीं पाती थीं। वह रफी साहब को और याद करने लगती थीं। इतना ही नहीं कई बार तो उनकी तबीयत तक खराब हो जाती थी। यही वजह है कि कुछ समय तक रफी साहब के गाने ही घर में नहीं बजाए गए।
हालांकि जैसे-जैसे वक्त आगे बड़ा और हालत थोड़े बेहतर हुए तब उनके गाने वापस घर में बजने लगे।
रफी साहब का आखिरी गाना
ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि रफी साहब ने मौत से कुछ घंटे पहले एक गाना रिकॉर्ड किया था। वो गाना था शाम फिर क्यों उदास है। यह गाना 1981 में रिलीज हुई फिल्म आस पास का था। इस गाने में संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया था। रफी साहब ने 31 जुलाई 1980 को यह गाना रिकॉर्ड किया था और फिर कुछ घंटे बाद रफी साहब का निधन हो गया।
बच्चों को रखा संगीत की दुनिया से दूर
बता दें कि रफी साहब एक दिग्गज सिंगर थे, लेकिन उनके परिवार से खासकर उनके बच्चों ने कभी म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम नहीं रखा। आखिर क्यों उन्होंने म्यूजिक से दूरी बनाई, इसके बारे में रफी साहब की बहू ने बताया था।
रफी साहब ने 2 शादी की थी। पहली पत्नी थीं बशीरा जिनसे वह अलग हो गए थे क्योंकि बशीरा, लाहौर छोड़कर भारत नहीं आना चाहती थीं। इस शादी से रफी का एक बेटा था। वहीं इसके बाद रफी साहब ने बिलकिस से शादी की। इस शादी से रफी के 6 बच्चे हुए।
बहू ने बताई थी इसकी वजह
रफी साहब पर लिखी बुक-मोहम्मद रफी- माय अब्बा में उनकी बहू यास्मीन ने बताया था कि रफी साहब नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे म्यूजिक में अपना करियर बनाएं। रफी साहब कहते थे कि ऊपर वाले के उन पर कर्म हैं, लेकिन जरूरी नहीं बच्चे भी वैसा ही करें। वह नहीं चाहते थे कि उनके बच्चों को कोई प्रेशर झेलना पड़े, पिता के प्रोफेशन का। यही वजह है कि उनके बच्चों ने म्यूजिक में करियर नहीं बनाया।
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