किशोर कुमार ने इस गाने में भर दिया था अपना दर्द, हॉस्पिटल के बिस्तर पर SD बर्मन को सुनाया गया था गीत
किशोर कुमार ने एक गाने में अपनी आत्मा का सारा दर्द उतार दिया था। ये गाना सचिन देव बर्मन को हॉस्पिटल के बिस्तर पर सुनाया गया। इस गाने को रिकॉर्ड करने के दौरान दुख में थे किशोर कुमार।

1975 में जया बच्चा और अमिताभ बच्चन की फिल्म आई थी ‘मिली’। इस फिल्म की कहानी राजेश खन्ना की आनंद से इंस्पायर्ड थी जहां लड़की मिली एक बड़ी बीमारी से पीड़ित है। मिली इसके बावजूद हंसती, मुस्कुराती है। फिल्म में मिली पर कई गाने फिल्माए गए,लेकिन एक ऐसा भी गाना है जो दुखों से भरा लगता है। इस फिल्म का सबसे दुखद गाना जो रिकॉर्ड भी ऐसे मौके पर हुआ जब गाना कंपोज करने वाले म्यूजिक डायरेक्टर सचिन देव बर्मन जिन्हें प्यार से SD बर्मन कहा जाता है हॉस्पिटल के बिस्तर पर थे। हॉस्पिटल के बिस्तर पर सचिन दा ने किशोर कुमार की आवाज में ये आखिरी गाना सुना था। इसके बाद वो हॉस्पिटल से कभी वापस नहीं लौटे।
सचिन देव बर्मन को आया था पैरालिसिस का अटैक
सचिन दा फिल्म मिली के गानों की धुनें बना रहे थे। फिल्म के गाने ‘बड़ी सूनी सूनी है जिंदगी’ की रिहर्सल उनके घर पर चल रही थी। फिल्म के लीड सिंगर किशोर कुमार घर पर गाने की तैयारी कर रहे थे। तभी सचिन दा को पैरालिसिस का अटैक हुआ। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाने की बात कही गई। लेकिन सचिन दा ने मना कर दिया। उनका कहना था कि वो फिल्म के एक बड़े गाने पर काम कर रहे हैं और ये गाना कल रिकॉर्ड होना है।
किशोर कुमार ने बोला झूठ
सचिन दा हॉस्पिटल जाने के लिए तैयार ही नहीं हुए। तभी किशोर कुमार आगे आए और उन्होंने एक झूठ बोला। उन्होंने सचिन दा से कहा कि अभी उनका गला खराब है, इसलिए बेहतर होगा कि वो पहले हॉस्पिटल चले जाए, जब तक वो आएंगे तो उनका गला भी ठीक हो चुका होगा। सचिन दा ने किशोर कुमार की बात मानी और हॉस्पिटल के लिए रवाना हो गए।
किशोर कुमार ने गाने में भर दिया अपना दर्द
अगले दिन गाने की रिकॉर्डिंग होनी थी। किशोर कुमार अपने म्यूजिक डायरेक्टर के बिना स्टूडियो में अकेले थे। वो दुखी मन से गाना गाने पहुंचे, क्योंकि सचिन दा उनके लिए पिता जैसे थे। किशोर कुमार ने गाना रिकॉर्ड करना शुरू किया और उस गाने में अपनी आवाज का सारा दर्द भर दिया। स्टूडियो में मौजूद लोगों को गाना सुनकर ऐसा लग रहा था जैसे किशोर कुमार का अपने दर्द को गाने में निकाल रहे हो। गाना रिकॉर्ड हुआ ‘बड़ी सूनी सूनी है जिंदगी’। अगले दिन RD बर्मन वो रिकॉर्ड हुए गाने का टेप लेकर हॉस्पिटल पहुंचे और हॉस्पिटल के बिस्तर पर सचिन दा को किशोर कुमार की आवाज में वो गाना सुनाया गया। गाना सुनकर सचिन दा खुश हुए। उन्होंने कहा कि किशोर ने वैसे ही गाया है जैसा वो चाहते थे। बाद में ये गाना खूब हिट भी हुआ, लेकिन हॉस्पिटल के बिस्तर से सचिन दा कभी वापस नहीं लौटे। वो कोमा में चले गए और कुछ समय बाद उनका निधन हो गया।
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