'बॉलीवुड में लॉयल्टी की कमी है, वे बिल्कुल नोबडी हैं…', करण जौहर ने एक्टर्स को बताया 'इनसिक्योर'
करण प्रोफेशनल लाइफ के साथ अपने बयानों को लेकर भी खूब सुर्खियों में रहते हैं। वो अक्सर हर मुद्दे पर बेबाक बयान देते हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से करण ने इंडस्ट्री की बदलती लॉयल्टी पर निशाना साधा है।

बॉलीवुड के जाने माने फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर करण जौहर ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। करण प्रोफेशनल लाइफ के साथ अपने बयानों को लेकर भी खूब सुर्खियों में रहते हैं। वो अक्सर हर मुद्दे पर बेबाक बयान देते हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से करण ने इंडस्ट्री की बदलती लॉयल्टी पर निशाना साधा है। करण जौहर ने एक्टर्स को 'इनसिक्योर' कहा। आइए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों कहा?
करण ने एक्टर्स को कहा 'इनसिक्योर'
करण जौहर ने हाल ही में SCREEN के सार्थक आहूजा के साथ बातचीत की।इस दौरान उन्होंने टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी चलाने की चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की। करण ने कहा कि आजकल ज्यादातर एक्टर्स में प्रोफेशनल लॉयल्टी की कमी है। किसी का नाम लिए बिना करण बोले, 'हर दो साल में लोग एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी में जा रहे हैं क्योंकि वे इतने इनसिक्योर हैं कि उन्हें लगता है कि हम टाइम-बाउंड हैं।
एक्टर बस आते-जाते रहते हैं
करण ने आगे कहा, 'इस बिजनेस में कोई भी लॉयल नहीं है; एक्टर बस आते-जाते रहते हैं। तो आप अपनी जिंदगी के दो साल किसी टैलेंट में लगाते हैं और वे अचानक कहीं और चले जाते हैं और फिर उन्हें वहां अच्छा नहीं लगता और वे वापस आना चाहते हैं। यह एक बुरा चक्कर है।'
ईगो को लेकर करण
करण ने यह भी कहा कि टैलेंट मैनेजमेंट में आना उनके लिए नैचुरली हुआ, उन्होंने बताया कि ज्यादातर काम लोगों को समझने और मैनेज करने के आस-पास घूमता है। उन्होंने कहा, 'इस बिजनेस का 90 परसेंट हिस्सा लोगों, ईगो, इनसिक्योरिटीज को संभालने के बारे में है और यह आसान नहीं है। अगर आप टैलेंट मैनेजमेंट को एक बिजनेस अपॉर्चुनिटी के तौर पर देखते हैं, तो कुछ नहीं होने वाला है।'
मेरी खुशी और दुख मेरी सक्सेस और फेलियर का नतीजा नहीं
अपने लंबे करियर के बारे में बताते हुए, करण ने कहा, '31 साल तक बिजनेस में रहने के बाद, मैं सक्सेस और फेलियर को लेकर जेन हो गया हूं क्योंकि मुझे लगता है कि मेरी खुशी और दुख मेरी सक्सेस और फेलियर का नतीजा नहीं हो सकते क्योंकि तब मैं ICU में हो जाऊंगा।'
टैलेंट के साथ इक्विटी-बेस्ड पार्टनरशिप ढूंढनी चाहिए
करण ने आगे कहा कि एजेंसियां अब सिर्फ कमीशन पर डिपेंड नहीं रह सकतीं और उन्हें अपने टैलेंट के साथ इक्विटी-बेस्ड पार्टनरशिप ढूंढनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'सिर्फ आर्टिस्ट्स पर कमीशन से आपको कुछ नहीं मिलेगा क्योंकि आर्टिस्ट्स नोबडी हैं। वे बिल्कुल नोबडी हैं, वो किसी के नहीं हैं।'
जाह्नवी के इस फैसले के बाद बोले करण
करण जौहर की यह बात जाह्नवी कपूर के DCAA छोड़कर कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क में शामिल होने के कुछ महीनों बाद आई है, जिससे धर्मा के टैलेंट डिवीजन में अंदरूनी बदलावों के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं। अभी, करण की एजेंसी सारा अली खान, रोहित सराफ, शनाया कपूर और राशा थडानी जैसे नामों को रिप्रेजेंट करती है।
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Priti Kushwahaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



