कादर खान के बेटे को जब मिली पिता के विलन बनने की सजा, खूंखार गुंडे रोल को छोड़ क्यों करनी पड़ी कॉमेडी
कादर खान ने अपने करियर में खूब काम किया है। कभी सपोर्टिंग एक्टर, कभी विलन बने और कभी कादर ने अपनी राइटिंग स्किल से सारी चीजें काफी हैंडल कर दी हैं।

कादर खान जब भी स्क्रीन पर आते थे तो लोग डर जाते थे। वह खूंखार विलन बन ज्यादातर नेगेटिव रोल करते थे। करियर के शुरुआत में उन्होंने सिर्फ विलन के रोल ही निभाए। लेकिन फिर एक ऐसा हादसा हुआ उनके बेटे को लेकर जिसके बाद कादर ने विलन बनना छोड़ दिया और कॉमेडी रोल करने लग गए।
क्यों विलन नहीं बनें कादर खान
दरअसल, कादर खान से एक बार पूछा गया था कि क्यों वह अब विलन या नेगेटिव रोल नहीं करते हैं तो उन्होंने कहा था, ‘मेरा बेटा सरफराज थोड़ा गुस्से वाला रहा है। वह स्कूल से लौटता था तो उसकी हालत खराब हुई होती थी। मैं पूछता कि क्या हुआ तो वह कहता कि स्कूल में बच्चे उन्हें गुंडा का बेटा बोलते हैं।’
बेटे के लिए लिया बड़ा फैसला
वह बोले थे कि बेटे ने कहा था कि लोग उसे बोलते हैं कि तुम्हारा बाप हीरो से पिटता है और उसका मजाक बनाते थे। कादर इस बाक को सुनकर इतना परेशन हुए कि उन्होंने फिर विलन का रोल ना करने का फैसला किया और फिर सिर्फ कॉमेडी रोल किए। अच्छी बात यह है कि लोगों ने उन्हें बतौर कॉमेडी एक्टर भी पसंद किया।
कादर खान की कॉमेडी फिल्में
कादर ने दिलवाले दूल्हे राजा, कुली नंबर 1, आंखें और साजन चले ससुराल जैसी कॉमेडी फिल्मों में फनी रोल निभाए हैं। गोविंदा के साथ ज्यादा फनी मूवीज कादर ने की थीं।
स्क्रिप्ट राइटर भी थे कादर खान
बता दें कि एक्टर के अलावा कादर, राइटर-स्क्रिप्टराइटर भी काफी अच्छे रहे हैं। उन्होंने कई फिल्मों के जबरदस्त डायलॉग्स भी लिखे खासकर अमिताभ बच्चन के जो खूब हिट रहे हैं जैसे मूंछें हों तो नत्थूलाल जैसी, वरना न हों। ये बम्बई शहर की पुलिस है, जो कानून के हाथ से ज्यादा अपने हाथ पर भरोसा करती है। कादर के डायलॉग्स फैंस आज भी डेली बेसिस पर लोग या उनके फैंस बोलते हैं।
मां ने किया मोटिवेट
कादर खान तो मजदूरी का काम करना चाहते थे और इसके साथ पढ़ाई, लेकिन उनकी मां ने समझाया कि वह यह सब ना करें और पढ़ाई पर ध्यान दें। वह अपना और परिवार वालों का भविष्य अच्छा करें। वहीं परिवार वालों के सोने के बाद कादर फिर कब्रिस्तान जाते थे और वहां रिहर्सल करते थे। एक दिन फिर अशरफ खान ने उन्हें देखा और थिएटर के लिए बुलाया। यहां से फिर कादर की जर्नी शुरू हुई।
कादर खान का निधन
कादर खान सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी बीमारी से जूझ रहे थे, जो कि एक लाइलाज बीमारी थी। सांस लेने में दिक्कत होने के बाद उन्हें 28 दिसंबर 2018 को कनाडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वो अपने बेटे-बहू के पास इलाज कराने के लिए गए थे। इसके बाद 31 दिसंबर 2018 को कनाडा में ही कादर खान का निधन हो गया।
कादर खान की लास्ट फिल्म मस्ती नहीं सस्ती शामिल है। यह फिल्म साल 2017 में रिलीज हुई थी जिसमें कादर के साथ जॉनी लीवर और शमिता शेट्टी भी अहम किरदार में थे। इसके बाद कादर की तबीयत खराब होने लगी थी।
पद्मश्री अवॉर्ड से हुए थे सम्मानित
कादर खान ने वैसे तो अपने करियर में कई अवॉर्ड्स जीते हैं जैसे फिल्मफेयर अवॉर्ड। लेकिन सबसे बड़ा सम्मान उन्हें पद्मश्री का मिला था भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए।
लेखक के बारे में
Sushmeeta Semwalसुष्मिता सेमवाल भारतीय डिजिटल मीडिया में पिछले 8+ सालों से हैं। वह फिलहाल 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के मनोरंजन सेक्शन में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। सुष्मिता को मनोरंजन जगत के हर इवेंट, मूवी रिलीज और लाइव इवेंट्स को कवर करना पसंद है।
करियर
सुष्मिता ने अपने करियर की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की। इसके बाद टीवी-9 डिजिटल में काम किया और फिर लाइव हिन्दुस्तान में वापसी की। बॉलीवुड की फिल्में, रियलिटी शोज, ओटीटी, टीवी की खबरों पर सुष्मिता की पारखी नजर रहती है। इसके अलावा सुष्मिता ने कई बॉलीवुड, पंजाबी और भोजपुरी स्टार्स के इंटरव्यू भी लिए हैं।
एजुकेशन
सुष्मिता ने बैचलर इन मास कम्यूनिकेशन गुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी से की है। इसी दौरान एबीपी न्यूज, इंडिया टीवी और हिंदुस्तान में ही ट्रेनिंग ली है।
एंटरटेनमेंट पत्रकारिता और डिजिटल विजन
सुष्मिता की हमेशा यही कोशिश रहती है कि वह कुछ अलग और ट्रेंडिंग टॉपिक पर काम करें ताकि पाठकों को सभी जानकारी मिले मनोरंजन जगत की। हर एथिक और रूल्स को फॉलो करके वह एक ऐसी खबर बनाती है जो पाठकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है।
खासियत
बॉलीवुड, टीवी रियलिटी शोज, ओटीटी शोज
मूवी और वेब सीरीज रिव्यू
ब्रेकिंग ऑन टाइम
सेलेब्स इंटरव्यू
ट्रेंडिंग टॉपिक पर खबरें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


