जब कादर खान के लिखे डायलॉग सुन चीख पड़ा था ये डायरेक्टर, गिफ्ट में दे दी घर की टीवी, सोने का ब्रेसलेट
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर कादर खान ने बताया था कि कैसे डायरेक्टर मनमोहन देसाई ने उन्हें तोहफे में घर का टीवी और हाथ का सोने का ब्रेसलेट गिफ्ट कर दिया था। डायरेक्टर की खुशी ने उनकी फीस लाखों में पहुंचा दी थी।
बॉलीवुड एक्टर कादर खान ने अपने एक्टिंग करियर में कई शानदार फिल्मों में काम किया। जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग और शानदार डायलॉग डिलीवरी से वो स्क्रीन पर कमाल करते। लेकिन कम ही लोग ये बात जानते हैं कि पेशे से प्रोफेशर कादर खान अपनी लेखन कला की वजह से इंडस्ट्री में आए थे। उन्होंने अमिताभ बच्चन से लेकर राजेश खन्ना तक के लिए कई ऐसे डायलॉग लिखे, जिन्हें सुनने के बाद ऑडियंस तालियां बजाना नहीं रोक पाई। कादर खान ने अपने करियर के शुरुआती दौर में मशहूर डायरेक्टर मनमोहन देसाई को भी प्रभावित कर दिया था। डायरेक्ट ने जब पहली बार कादर खान के लिखे डायलॉग सुने तो हैरान हो गए और अपने घर से टीवी उठा कर उन्हें दे दी।
कादर खान को दिया था बड़ा चैलेंज
कादर खान ने सालों पहले एक इंटरव्यू में डायरेक्टर मनमोहन देसाई के साथ का किस्सा खुद शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि ये वो दौर था जब मनमोहन देसाई डायलॉग लिखने वालों से खुश नहीं थे। उन्हें लगता था कि उस दौर के डायलॉग लिखने वाले सिर्फ शेर-ओ शायरी करते हैं। उन्हें ऐसा लेखक चाहिए था जिसके लिखे डायलॉग पर लोग तालियां बजा सके। ऐसे में कादर खान ने मनमोहन देसाई से मुलाकात की। एक्टर ने कहा, ‘मनमोहन देसाई ने कहा कि तुम मियां भाइयों को लिखना नहीं आता। तुम या तो शेर-ओ शायरी करते हो या मुहावरे कहते हो। मुझे तालियां बजाने वाले डायलॉग चाहिए। बोलो कर सकते हो।’ कादर खान ने जवाब दिया ‘अगर कर दिया तो?’ मनमोहन देसाई बोले, ‘मैं तुझे गणपति की तरह अपने सिर पर बैठाऊंगा और नाचूंगा पूरे मोहल्ले में।’
डायरेक्टर ने गिफ्ट कर दी घर की टीवी
कादर खान ने बताया कि उन्हें 1974 में आई फिल्म रोटी का क्लाइमेक्स लिखने को कहा गया था। वो पूरी रात इस क्लाइमेक्स पर काम करते रहे और अगले दिन मनमोहन देसाई के घर पहुंच गए। वो उस समय बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। एक्टर ने उन्हें डायलॉग सुनाए। डायरेक्टर ने बोला, एक बार सुनाओ, कादर खान ने फिर से वो डायलॉग सुनाए, मनमोहन देसाई बार-बार कादर खान के लिखे डायलॉग सुनते रहे और खुशी से झूम उठे। कादर खान ने बताया कि डायलॉग सुनने के बाद मनमोहन देसाई अंदर गए और एक तोशिबा का ब्लैक एंड वाइट टीवी लेकर आए और बोले की ये इनाम है। हाथ से सोने का ब्रेसलेट उतारा और एक्टर को दे दिया।
कादर खान को फीस में मिले थे लाख
कादर खान ने आगे बताया कि उस दिन मनमोहन देसाई ने उनसे उनकी फीस पूछी थी। एक्टर ने कहा कि उन्होंने पिछली फिल्म लिखने के लिए 21 हजार रुपए लिए थे। मनमोहन देसाई बोले-मनमोहन देसाई का राइटर और सिर्फ 21 हजार, नहीं आज से 1,21000 तुम्हारी फीस है। कादर खान ने कहा कि मनमोहन देसाई ने उन्हें ऐसे लाखों की फीस लेने वालों की गिनती में पहुंचा दिया था। उनके करियर में सलीम-जावेद ने भी उनकी बहुत मदद की। इसके बाद कादर खान ने मुकद्दर का सिकंदर, अमर अकबर एंथनी, अग्निपथ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी।


