जब कोई बात बिगड़ जाए…, इस गाने की गायिका को भूल गया बॉलीवुड, 2021 के बाद नहीं गाया कोई हिंदी गाना

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

जब कोई बात बिगड़ जाए…, इस गाने को गाने वालीं गायिका आज बॉलीवुड से दूर हैं। इस गायिका ने साल 2021 में आखिरी हिंदी गाना गाया था। उसके बाद हिंदी फिल्मों में उनकी आवाज सुनाई नहीं दी है।

जब कोई बात बिगड़ जाए…, इस गाने की गायिका को भूल गया बॉलीवुड, 2021 के बाद नहीं गाया कोई हिंदी गाना

जब भी 80 और 90 के दशक की गायिकाओं की बात होती है, तो अमूमन लता मंगेशकर, आशा भोंसले, कविता कृष्णमूर्ति, अलका याग्निक और अनुराधा पौडवाल जैसे नाम जेहन में आते हैं। लेकिन इसी दौर में एक ऐसी जादुई आवाज भी थी, जिसने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपने मधुर गीतों से करोड़ों दिलों पर राज किया था।

कौन है ये गायिका?

हम बात कर रहे हैं नेशनल अवार्ड विनर साधना सरगम की। 'जब कोई बात बिगड़ जाए' जैसे एवरग्रीन गाने को अपनी आवाज देने वालीं साधना सरगम आज बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर गुमनाम-सी हो गई हैं। साल 2021 के बाद से उन्होंने बॉलीवुड में कोई हिंदी गाना नहीं गाया है।

36 भाषाओं में गाए 15 हजार से ज्यादा गाने

साधना सरगम कोई आम सिंगर नहीं हैं। वह एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका हैं। उन्होंने अपने करियर में 36 भाषाओं में लगभग 15,000 से ज्यादा गाने गाए। उन्हें नेशनल फिल्म अवाॅर्ड, 5 महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवाॅर्ड्स, 4 गुजरात स्टेट फिल्म अवाॅर्ड्स और 1 ओडिशा स्टेट फिल्म अवाॅर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है। इसके बावजूद, साल 2021 में आई नेटफ्लिक्स फिल्म 'मीनाक्षी सुंदरेश्वर' के बाद से उन्होंने किसी भी हिंदी फिल्म के लिए प्लेबैक सिंगिंग नहीं की है। ऐसा लगता है कि बॉलीवुड इस शानदार आवाज को भूल ही गया है।

कैसे मिला 'सरगम' सरनेम?

साधना का जन्म 7 मार्च 1969 को महाराष्ट्र के दाभोल में साधना घाणेकर के रूप में हुआ था। उनकी मां नीला घाणेकर खुद एक क्लासिकल सिंगर और म्यूजिक टीचर थीं। साधना की प्रतिभा को देखकर दिग्गज संगीतकार कल्याणजी (कल्याणजी-आनंदजी फेम) ने उन्हें सरगम सरनेम दिया था क्योंकि उनका मानना था कि साधना का नाम संगीत के सुरों को दर्शाता है।

दूरदर्शन की 'चिड़िया' से 'महाभारत' तक का सफर

पहला गाना: मात्र 6 साल की उम्र में दूरदर्शन के मशहूर गीत 'एक चिड़िया अनेक चिड़िया' को अपनी आवाज दी थी।

शिक्षा: संगीत के दिग्गज पंडित जसराज से साधना ने पूरे 7 सालों तक शास्त्रीय संगीत की दीक्षा ली थी।

बॉलीवुड में पहचान: 1982 में फिल्म 'विधाता' के गाने 'सात सहेलियां' से शुरुआत की, लेकिन असली पहचान 1983 की फिल्म 'कलाकार' के गाने 'नीले नीले अंबर पर' से मिली थी।

महाभारत में आवाज: उन्होंने बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' के लिए भी कई गीतों को अपनी आवाज से सजाया था।

'जब कोई बात बिगड़ जाए' से मिली प्रसिद्धि

फिल्म 'जुर्म' (1990) का गाना 'जब कोई बात बिगड़ जाए…' साधना सरगम के करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन साबित हुआ। आज भी जब लोग अकेले होते हैं या किसी मुश्किल वक्त में होते हैं, तो ये गाना उनके दिलों को सुकून देता है।

अब क्या करती हैं साधना?

फिल्मों से दूरी बनाने के बाद साधना सरगम ने खुद को पूरी तरह संगीत से अलग नहीं किया। वह अक्सर भक्ति गीत, शास्त्रीय संगीत, गजल और पॉप एल्बमों में सक्रिय रहती हैं। उनके 'साई दर्शन', 'ओम नमः शिवाय' और 'श्री कृष्ण शरणम ममः' जैसे कई आध्यात्मिक एल्बम बेहद लोकप्रिय हैं।

Vartika Tolani

लेखक के बारे में

Vartika Tolani

वर्तिका तोलानी डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें एंटरटेनमेंट और न्यूज रिपोर्टिंग में 6 साल से ज्यादा समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (HT Media Group) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (Digital) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्तिका न केवल बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया पर पैनी नजर रखती हैं, बल्कि डेटा और रिसर्च के साथ अपनी बात कहती हैं।



करियर का सफर

वर्तिका के प्रोफेशनल सफर की शुरुआत दैनिक भास्कर (इंदौर) से हुई, जहां उन्होंने सिटी रिपोर्टर के रूप में शहर की हलचलों और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज से अपनी पहचान बनाई । इसके बाद उन्होंने दैनिक भास्कर (भोपाल) में सब-एडिटर रहते हुए CBSE और UGC जैसी बड़ी संस्थाओं के प्रमुखों का इंटरव्यू किया ।
अमर उजाला (नोएडा) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नोएडा की एंटरटेनमेंट टीम को लीड किया और बतौर एंकर व प्रोड्यूसर वीडियो कंटेंट के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई ।
आज लाइव हिन्दुस्तान में वह फिल्मों और वेब सीरीज के ईमानदार रिव्यूज और एक्सक्लूसिव सेलिब्रिटी इंटरव्यूज के जरिए पाठकों तक बेहतरीन जानकारी पहुंचा रही हैं ।



पढ़ाई-लिखाई (Education)

वर्तिका ने मीडिया की बारीकियों को किताबी और प्रैक्टिकल, दोनों स्तरों पर समझा है:
B.Sc (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): डी.ए.वी.वी. (इंद्राैर) के एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर से 2016-19 में ग्रेजुएशन पूरी की ।
PG डिप्लोमा (मास कम्युनिकेशन): इग्नू (IGNOU) से 2019-21 में पत्रकारिता की डिग्री ली ।



खासियत और हुनर (Expertise)

एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म: बॉलीवुड, साउथ, ओटीटी और टीवी स्टार्स के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और गहराई से रिसर्च करना ।
मूवी रिव्यूज: फिल्मों और वेब सीरीज का बारीकी से विश्लेषण और सटीक रिव्यू ।
फिल्म रिकमेंडेशन: वह पहले खुद फिल्में और सीरीज देखती हैं और उसके बाद ही पाठकों को उन्हें देखने की सलाह देती हैं।
लाइव कवरेज: ब्रेकिंग न्यूज और लाइव ब्लॉग्स के जरिए सबसे तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना ।



विजन

वर्तिका मानती हैं कि आज के दौर में पत्रकार का काम सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि सही और सच्ची जानकारी देना है। वह अपनी राइटिंग और प्लानिंग के जरिए कंटेंट को एक अलग और बेहतर नजरिए से पेश करने की कोशिश करती रहती हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।