
हुमा कुरैशी के पेरेंट्स पहली फिल्म के ऑफर को समझे थे प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट, बोलीं- उन्हें लगा कि मुझे कोई…
संक्षेप: हुमा कुरैशी के पेरेंट्स का फिल्मी दुनिया से कोई नाता नहीं। जब हुमा को पहली फिल्म ऑफर हुई तो उनके माता-पिता को लगा कि कोई फिल्म क्यों देगा वह जरूर प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट में फंस रही हैं।
हुमा कुरैशी ने साल 2012 में अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर से डेब्यू किया था। मूवी में उनके रोल की काफी तारीफ की गई थी। हुमा कुरैशी ने अपने पहले ऑफर से जुड़ा मजेदार एक्सपीरियंस बताया है। वह फिल्म के लिए चुनी गईं तो उनके पेरेंट्स को लगा कि हुमा को कौन फिल्म देगा, जरूर उन्हें किसी प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट में फंसाया जा रहा है। हालांकि वो फिल्म नहीं बन पाई।

घरवालों को नहीं हुआ यकीन
मिड डे इंडिया से बातचीत में हुमा बोलीं, 'मेरे पेरेंट्स को यकीन नहीं हुआ था। उन्हें लगा, कोई मुझे क्यों कास्ट करेगा? उन्हें पक्का यकीन था कि ये फिल्म का ऑफर नहीं कोई प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट है।'
मां-बाप को समझाने में लगा वक्त
हुमा बोलीं, 'अब मैं पुरानी बात सोचती हूं तो बोलती हूं कि आप लोगों को जरा भी भरोसा नहीं था कि मैं अपने लिए कुछ कर सकती हूं। लेकिन हां उन्हें समझाने में वक्त लगा क्योंकि मेरे मां-बाप इस दुनिया के नहीं हैं। यहां तक कि अब भी उनमें इंडस्ट्री के तौर-तरीके इतने नहीं पता।'
तुरंत हो गया था सिलेक्शन
हुमा ने अपने पहले ऑफर के बारे में बताया, 'मैं ऑफिस गई, मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी, अगले दिन उन लोगों ने स्क्रीन टेस्ट के लिए बुला लिया। दोपहर तक उन लोगों ने बताया कि मैं सिलेक्ट हो गई हूं। हालांकि वो फिल्म नहीं बनी, जो कि दुख की बात थी।' हुमा को बाद में अनुराग की फिल्म मिली थी।

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Kajal Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




