'शोले' में बसंती के लिए हेमा मालिनी को मिली थी इतनी फीस, जया बच्चन को भी छोड़ा था पीछे
रमेश सिप्पी की फिल्म 'शोले' का एक-एक कैरेक्टर आज अमर हो गया है। फिर चाहे वो जय-वीरू हो, ठाकुर हो, गब्बर और या फिर बसंती सभी को एक खास पहचान मिली।

हिंदी सिनेमा की वो आईकॉनिक फिल्म, जिसका रिकॉर्ड आज तक कोई तोड़ नहीं सका। ये फिल्म कोई और नहीं, बल्कि साल 1975 में आई ब्लॉकबस्टर मूवी 'शोले' है। ये फिल्म आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। इस फिल्म की कहानी ही नहीं बल्कि इसके गाने भी सुपरहिट रहे हैं।
करीब 5 साल थिएटर पर किया राज
रमेश सिप्पी की फिल्म 'शोले' का एक-एक कैरेक्टर आज अमर हो गया है। फिर चाहे वो जय-वीरू हो, ठाकुर हो, गब्बर और या फिर बसंती सभी को एक खास पहचान मिली। आपको जानकर हैरानी होगी कि फिल्म 'शोले' (1975) मुंबई के मिनर्वा थिएटर में लगातार 5 साल (लगभग 260 से 286 हफ्तों) से अधिक समय तक सिनेमाघरों में लगी रही थी। लेकिन क्या आप जानते हैं इस फिल्म में बसंती का किरदार निभाने वाली हेमा मालिनी को बतौर फीस कितने रुपये मिले थे। अगर आपको नहीं पता तो चलिए हम आपको बताते हैं हेमा की फीस।
बसंती के किरदार से मिली खास पहचान
बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी ने अपने करियर में कई शानदार फिल्में दी हैं, लेकिन उन्हें सही मायने में पहचान फिल्म 'शोले' में उनके बसंती के किरदार से मिली है। मूवी में हेमा का कई डायलॉग भी काफी फेमस हुए थे। इसमें से एक था 'चल धन्नो आज तेरी बसंती की इज्जत मेरे हाथो में है...' वहीं दूसरा 'यूंकी, ये कौन बोला?'। इसे अभी भी लोग काफी पसंद करते हैं।
हेमा को मिली थी इतनी फीस
जिस फिल्म ने हेमा मालिनी को एक नई पहचान दिलाई उसकी फीस के बारे में अब बात करते हैं। बता दें कि हेमा मालिनी को फिल्म 'शोले' के लिए 75 हजार रुपये मिले थे। फिल्म में उनकी मौजूदगी और उनका किरदार आज भी चर्चा में रहता है। फिल्म में हेमा ने अपनी एक्टिंग के चलते खूब वाहवाही लूटी है।
हेमा के लिए इस गाने की शूटिंग थी सबसे मुश्किल
बता दें कि 'शोले' के 50 साल पूरे होने पर हेमा मालिनी ने इस आइकॉनिक फिल्म में काम करने के सबसे यादगार पलों को याद किया। उन्होंने ANI को अपना इंटरव्यू दिया। इस दौरान बातचीत में हेमा ने कहा, 'मेरी मां मेरे पत्थरों पर नंगे पैर डांस करने को लेकर बहुत चिंतित थीं, खासकर इतनी ज्यादा गर्मी को देखते हुए।' शारीरिक परेशानी के बारे में बताते हुए हेमा ने आगे कहा, 'रेत, कीचड़, और खासकर पत्थर बहुत ज्यादा गर्म थे। नंगे पैर पत्थरों पर चलना भी बहुत दर्दनाक था।'
मां ने लगाया ये जुगाड़
हेमा ने आगे बताया था कि इसके लिए उनकी मां ने एक जुगाड़ लगाया था। उन्होंने मुझे दर्द कम करने के लिए पैरों के नीचे पतले सोल पहनने की सलाह दी। हेमा ने याद करते हुए कहा, 'मेरी मां परेशान थीं और उन्होंने मुझे पैरों के नीचे पतले सोल पहनने की सलाह दी ताकि ज्यादा दर्द न हो।' हालांकि, यह जुगाड़ जल्द ही डायरेक्टर रमेश सिप्पी की नजर में आ गया और ऐसा करने से साफी मना किया।
शोले की कास्ट
आपको बता दें कि 1975 में रिलीज हुई 'शोले' में धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, संजीव कुमार,अमजद खान जैसे दिग्गज कलाकार थे। इस फिल्म को कई अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।


