अजीब हिंदी फिल्मों में गिनी जाती है यह मूवी, बनाया था ऐसा रिकॉर्ड जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया
Heer Raanjha Movie Kissa: आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके डायलॉग सुनकर आपको बहुत अटपटा सा लगेगा। आज अगर ऐसी फिल्म बना दी जाए तो इसे क्रिंज मूवी कहकर शायद खारिज कर दिया जाएगा, लेकिन उस दौर में इसने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।

भारतीय सिनेमा की ऑडियंस आज ज्यादा से ज्यादा ऑथेन्टिक और ऑरिजनल फिल्मों की डिमांड कर रही है। हालांकि बीच में एक लंबे वक्त तक सिर्फ एक ही नपे-तुले ढर्रे पर बनाई गई फिल्मों को ही लोगों ने प्यार दिया है। हालांकि बात अगर 70-80 के दशक की करें तो उन दिनों बॉलीवुड डायरेक्टर्स ज्यादा से ज्यादा क्रिएटिव होने की कोशिश कर रहे थे। आज हम आपको ऐसी ही एक बहुत यूनिक फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं। आज अगर इस तरह की फिल्म बनाई जाए, तो ज्यादा संभावना इस बात की है, कि यह बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट जाएगी, लेकिन उन दिनों इस फिल्म ने कामयाबी के झंडे गाढ़ दिए थे। बल्कि सच तो यह है कि अगर आपने गलती से कभी इस फिल्म की क्लिप्स रील्स में देखी होंगी तो शायद कोई क्रिंज पिक्चर समझकर आगे बढ़ गए होंगे। ज्यादातर लोग अभी भी इसे बहुत अजीब फिल्म समझते हैं, वजह है इसका बहुत अलग होना।
1946 में कर दिया ऐसा कमाल जो आज तक...
जितनी दिलचस्प इस फिल्म की कहानी है, उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है इसे बनाने वाले डायरेक्टर की कहानी। इस फिल्म के डायरेक्टर चेतन आनंद थे, जिन्हें आज भी ज्यादातर लोग देव आनंद का भाई समझते हैं। हालांकि उनकी अपनी अलग पहचान थी और कम लोग जानते हैं कि चेतन भारतीय सिनेमा की पहचान माने जाने वाले सत्यजीत रे की प्रेरणा थे। दरअसल चेतन ने साल 1946 में अपनी फिल्म 'नीचा नगर' के जरिए वो करिश्मा कर दिखाया था, जो आज भी कोई दूसरी हिंदी फिल्म नहीं कर पाई है। चेतन की इस फिल्म ने कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रांड प्राइज जीता था।
फिल्म जिसमें हर कोई कविता में करता है बात
उनकी इसी उपलब्धि के बाद सत्यजीत रे ने उन्हें लेटर लिखा कि आपकी वजह से मुझे फिल्म बनाने की हिम्मत मिली है। इतनी बड़ी कामयाबी के बाद चेतन आनंद ने एक और मील का पत्थर रखने का फैसला किया था। उन्होंने 1970 में तय किया कि वह एक ऐसी फिल्म बनाएंगे, जिसका हर डायलॉग किसी कविता की तरह होगा। इस फिल्म में कोई हल्की-फुल्की स्टार कास्ट नहीं थी। राज कुमार, पृथ्वीराज कपूर और प्राण जैसे कमाल के एक्टर्स को कास्ट करके उन्होंने एक ऐसी फिल्म बना डाली, जिसमें हर कोई कविताओं में बात करता नजर आता है।
किसानों को जल्दी फसल उगाने के लिए दिए पैसे
अपनी फिल्म को द बेस्ट बनाने के लिए उन्होंने कुछ किसानों को अतिरिक्त पैसे दिए थे कि सरसों की खेती जल्दी करो, ताकि फिल्म के लिए सही लाइटिंग और बैकग्राउंड इफैक्ट मिल पाए। इस फिल्म का ऑरिजनल कट 3 घंटे से भी ज्यादा लंबा था, लेकिन फाइनल एडिट के बाद यह 2 घंटे 20 मिनट की फिल्म तैयार हुई। जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो इसने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह फिल्म थी साल 1970 में आई 'हीर रांझा', जिसको आज भी उस दौर की सबसे आइकॉनिक लेकिन थोड़ी अजीब से फॉरमैट वाली फिल्मों में गिना जाता है।
लेखक के बारे में
Puneet Parasharपरिचय और अनुभव
पुनीत पाराशर को मनोरंजन जगत में पत्रकारिता का 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। साल 2021 से वह हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़े हुए हैं और बीते एक दशक में कंटेंट की दुनिया को बहुत करीब से बदलते हुए देखा है। इस दौरान उन्होंने मनोरंजन जगत पर पैनी नजर रखते हुए यूनिक फीचर खबरों, रियल टाइम कंटेंट और ब्रेकिंग स्टोरीज का सराहनीय कवरेज किया है।
पुनीत 'लाइव हिन्दुस्तान' की एंटरटेनमेंट टीम का अहम हिस्सा हैं और कंटेंट स्ट्रेटेजी के साथ-साथ साइट को क्वालिटी कंटेंट देने में विशेष भूमिका निभा रहे हैं।
करियर का सफर
पुनीत पाराशर ने अपने एक दशक लंबे करियर में देश के सबसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है। 'लाइव हिन्दुस्तान' से जुड़ने से पहले वह आज तक (Aaj Tak), जी न्यूज (Zee News), जनसत्ता (Jansatta) और राजस्थान पत्रिका जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। डिजिटल मीडिया में लंबे अनुभव की वजह से उन्हें खबरों की बारीकियों और पाठकों की नब्ज की बेहतरीन समझ है।
एंटरटेनमेंट और विजन
मनोरंजन की दुनिया, खासतौर पर बॉलीवुड और टीवी पर पुनीत की मजबूत पकड़ है। वह खबरों को केवल रिपोर्ट ही नहीं करते, बल्कि उनका सटीक विश्लेषण भी करते हैं। उनका विजन मनोरंजन गलियारों के गॉसिप्स के साथ-साथ फैक्ट्स से भरी दिलचस्प खबरें पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे लाइव हिन्दुस्तान के कंटेंट पर पाठकों का भरोसा बना रहे।
विशेषज्ञता
बॉलीवुड और टीवी: फिल्मों और टीवी शोज की रियल टाइम खबरें और फीचर्स
एक्सप्लेनर्स: मनोरंजन जगत में पर्दे के पीछे की कहानियां और टेक्निकल एक्सप्लेनर्स
ब्रेकिंग न्यूज: मनोरंजन जगत की हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर
डिजिटल ट्रेंड्स: वायरल कंटेंट और सोशल मीडिया ट्रेंड्स के आधार पर स्टोरी टेलिंग


