
हक देखने के बाद आप भी सर्च कर रहे हैं शाह बानो केस? 5 बातें जो दर्शकों के दिमाग में कुलबुला रही हैं
यामी गौतम इमरान हाशमी की फिल्म हक नेटफ्लिक्स पर आने के बाद लोगों ने फिर से इस केस के बारे में सर्च करना शुरू कर दिया है। यहां हैं कुछ सवालों के जवाब जो ज्यादातर लोग सर्च कर रहे हैं।
सुपर्ण वर्मा के डायरेक्शन में बनी फिल्म हक, ओटीटी रिलीज के बाद एक बार फिर से सुर्खियों में है। फिल्म 80 के दशक के एक ऐतिहासिक केस पर आधारित है। यह केस था मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम। फिल्म में यामी गौतम और इमरान हाशमी ने लीड रोल निभाए हैं। यामी फिल्म में शाजिया बानो बनी हैं वहीं इमरान खान उनके पति मोहम्मद अब्बास के रोल में हैं। फिल्म की कहानी यह है कि अब्बास दूसरी शादी करके अपनी पहली बीवी शाजिया को तीन तलाक देते हैं। कुछ वक्त तक गुजारे के पैसे देने के बाद वो भी बंद कर देते हैं और बोलते हैं कि ऐसा शरीयत में लिखा है। शाजिया अपने शौहर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाती है और केस जीतती है। मूवी सच्ची घटना से प्रेरित है और दर्शकों को पसंद आ रही है। मूवी देखने के बाद लोग शाह बानो की असली कहानी भी जानना चाह रहे हैं। यहां जानते हैं कि हक फिल्म देखने के बाद लोगों के मन में आए कुछ सवालों के जवाब…
60 साल की उम्र में तलाक
फिल्म में यामी गौतम शाजिया बानो बनी हैं। उन्हें फिल्म की शुरुआत से ही गलत बात के खिलाफ आवाज उठाने वाला दिखाया गया है। मूवी में शाजिया कम उम्र की दिखाई गई है जबकि असल जिंदगी में शाह बानो ने जब यह कानून लड़ाई शुरू की तब उनकी उम्र 62 साल थी और 69 साल की उम्र तक उनका केस चलता रहा। शाह बानो इंदौर की एक साधारण पर्दा करने वाली महिला थीं। 60 साल के आसपास उनके पति ने तलाक दिया था। असल जिंदगी में शाह बानो मौलवी की बेटी नहीं थीं। फिल्म में उनके कैरेक्टर को स्टैब्लिश करने के लिए ऐसा दिखाया गया है ताकि ये लग सके कि वह 5 वक्त नमाज पढ़ती थीं इसलिए कुरान की इतनी जानकारी थी।
शाह बानो भी थीं कजन
फिल्म में इमरान हाशमी ने अब्बास खान का रोल किया है। यह किरदार अहमद खान से इंस्पायर्ड है। अहमद असल जिंदगी में इंदौर के वकील थे। शाह बानो अब्बास से 7 साल छोटी थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाह बानो असल जिंदगी में मोहम्मद अहमद की मां की तरफ से कजन थीं।
क्यों टूटा शाह बानो का घर
फिल्म में दिखाया गया है कि अब्बास पाकिस्तान जाता है और वहां से अपनी कजन से शादी करके लौटता है। मूवी में यह भी दिखाते हैं कि अब्बास उस लड़की से पहले से शादी करना चाहता था। हालांकि असल जिंदगी में पाकिस्तान का एंगल नहीं था। अहमद खान ने अपने से करीब 14 साल छोटी उम्र की लड़की से शादी कर ली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह भी उनकी कजन थीं। शाह बानो का बेटा द क्विंट को एक इंटरव्यू में बता चुके हैं कि उनके पिता की दोनों बीवियों के बीच छोटी-छोटी बात पर झगड़ा होता था इससे आजिज आकर उन्होंने शाह बानो को तलाक दे दिया था।
लंबा चला था केस
फिल्म में अब्बास और शाजिया के बीच कोर्ट में एक बहस दिखाई देती है। यामी के मोनोलॉग की काफी तारीफ भी हो रही है। असल जिंदगी में ऐसा नहीं हुआ था। यह केस काफी लंबा खिंचा था। पहले 1978 में इंदौर के लोकल कोर्ट, फिर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट और 1985 में सुप्रीमकोर्ट पहुंचा था।
केस के बाद की मुश्किलें
फिल्म के आखिर में शाजिया की जीत और उसे न्याय मिलने के साथ खत्म हो जाती है जबकि असल जिंदगी में शाह बानों पर उनके संप्रदाय से काफी विरोध झेलना पड़ा था। उनका सोशल बॉयकॉट हुआ था। परेशान होकर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि उनके पक्ष का फैसला निरस्त कर दें। कोर्ट में जीतने के बाद भी, राजनीतिक दखल के चलते एक नया कानून (1986 Act) बनाया गया जिसने कोर्ट के फैसले को काफी हद तक बदल दिया था।

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Kajal Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




