Hanuman Ansh: तीन महिलाओं की वजह से हिट हुई हनुमान अंश, डायरेक्टर ने बताया सफलता का सीक्रेट

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हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया है। फिल्म ने जिस तरह की सफलता पाई है, हर कोई उसके बारे में बात कर रहा है। अब फिल्म के डायरेक्टर ने फिल्म की सफलता का राज बताया है। उन्होंने तीन महिलाओं को फिल्म सफल होने का एक कारण बताया है। 

Hanuman Ansh
हनुमान अंश की सफलता पर क्या बोले डायरेक्टर

नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई है। 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने 64 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। अब इस फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि कैसे ये फिल्म इतनी बड़ी हिट बन गई। उन्होंने तीन महिलाओं को फिल्म के सफल होने का एक कारण बताया है। इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि जब उन्हें लगने लगा था कि फिल्म डूब जाएगी, तो कैसे नीम करौली बाबा की उनपर कृपा बरसी।

विशाल ने कहा- कहानी अच्छी हो तो सबकुछ हो जाता है

द रौनक पॉडकास्ट में बात करते हुए विशाल ने फिल्म की सफलता का सबसे पहला क्रेडिट भगवान हनुमान और बाबा नीम करौली को दिया। इसके बाद विशाल ने कहा कि जब आप सही नियत से, बिना किसी लाग-लपेट के फिल्म को बनाएं और कहानी अच्छी कहें तो बाकी सबकुछ हो जाता है।

बॉलीवुड फिल्मों को बताया खिचड़ी

विशाल ने अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर आप फिल्म बनाते वक्त 25 लोगों की सुनेंगे तो फिल्म बन जाती है खिचड़ी, जैसे बॉलीवुड में होता है। विशाल ने कहा, “एक साधे सब सधे, सब साधे कछु नाही। अगर आप मार्केटिंग भी साधेंगे, आप स्टार्स को भी साधना है, स्टूडियो की भी साधना है….इनकी भी सुननी है, उनकी भी सुननी है…25 लोगों की सुनकर खिचड़ी बनाई जाती है, जो खिचड़ी बॉलीवुड फिल्म होती है।”

किन तीन महिलाओं को दिया सफलता का क्रेडिट?

इसके बाद विशाल ने तीन महिलाओं को इस फिल्म के सफल होने का एक कारण बताया है। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रोड्यूसर्स के रूप में तीन महिलाओं का सपोर्ट मिला, जिन्होंने फिल्म बनाते वक्त ज्यादा दखल नहीं दिया। उस वजह से भी फिल्म सफल हो पाई।

विशाल ने कहा, “यदि ये फिल्म आज बन पाई है इस तरह से तो उसका एक क्रेडिट मैं अपनी फिल्म की प्रोड्यूसर्स को भी देना चाहूंगा। मैं भी फिल्म का प्रोड्यूसर हूं मैंने भी कुछ जो भी इन्वेस्ट किया, अपनी फीस छोड़ी, लेकिन जिन लोगों ने इस फिल्म पर भरोसा दिखाया, फिल्म बनाते वक्त दखल नहीं दिया। जिसमें रागिनी सोना जिन्होंने फिल्म में सबसे पहले पैसे लगाए, नम्रता सिंह और अनुप्रिया नागर जो फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज में आईं और फिल्म को उबारा।”

फिल्म बनाते वक्त मिली पूरी स्वतंत्रता

विशाल ने कहा कि फिल्म में इन तीनों महिलाओं ने दखल नहीं दिया। डायरेक्टर ने कहा कि वो इन तीन महिलाओं को त्रिदेवियां कहते हैं जिन्होंने फिल्म बनाने में मदद की। विशाल ने इस पर जोर दिया कि फिल्म बनाते वक्त उन्हें स्वतंत्रता मिली जिस वजह से ये फिल्म सफल हो पाई।

जब विशाल को लगा कि फिल्म डूब जाएगी

आगे विशाल ने बताया कि कैसे जब फिल्म रिलीज हुई थी तो पहले हफ्ते में ही उन्हें लगने लगा था कि फिल्म डूब जाएगी। लेकिन उनपर बाबा की कृपा हुई। विशाल ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखा जिसपर बाबा जी की तस्वीर के साथ संदेश था- तू अपना काम कर, बाकी मैं देख लूंगा। विशाल ने बताया कि वैसे तो वो ऐसे पोस्ट शेयर नहीं करते हैं, लेकिन उन्होंने वो शेयर अपनी स्टोरी पर शेयर किया।

कम होने लगे थे फिल्म के शोज

विशाल बताते हैं कि उनके 250 शोज से सीधा 25 शोज हो गए थे। सिनेपॉलिस ने कुछ शोज होल्ड करके रखे थे, नहीं तो वो भी चले जाते। विशाल ने बताया कि फर्स्ट वीक के एंड में उन्हें पता चला कि उनकी फिल्म के शोज कट हो रहे हैं। इसके बाद विशाल अपनी टीम के बाकी तीन लोगों के साथ मुंबई से सूरत निकले। वहां, जिस सिनेमाहॉल में वो पहुंचे वहां शो में पब्लिक आई हुई थी। लोग फिल्म देखकर रो रहे थे, हमारे पैर छूने को आ रहे थे। ये रिस्पॉन्स जब वहां देखा तो उस सिनेमाहॉल के मालिक ने बाकियों को कॉल किया। विशाल बताते हैं कि सूरत के बाद वो वडोदरा गए, वडोदरा में उनके कोई शोज नहीं थे, लेकिन जितनी देर में वो वडोडरा पहुंचे, वहां दो शो लग चुके थे। वहां, भी शोज अच्छे चल रहे थे।

मंदिरों में अनाउंसमेंट से बदला हनुमान अंश का खेल!

विशाल ने कहा कि वो अलीगढ़ भी गए थे। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ में हाल ही में शोज लगे हैं और 15 मिनट में शोज सोल्ड आउट हो चुके थे। विशाल ने कहा कि ऐसे वो थिएटर-थिएटर, मंदिर-मंदिर जाकर दर्शन किए और फिल्म को सफलता मिली। विशाल ने बताया कि आखिरी में वो राजस्थान के सालासर बालाजी मंदिर गए। वहां, उन्होंने फिल्म की स्टैंडी लगवा दी। ज्यादातर मंदिर वहां पर हमारी फिल्म का स्टैंडी लगा रहे थे और ऐलान कर रहे थे कि फिल्म देखकर आओ। ऐसे में कुछ लोगों ने वहां के महाराज जी और पंडितों को बोल दिया फिल्म देखकर आओ। वो जब फिल्म देखकर आए तो और 25 लोगों को बोल दिया फिल्म देखकर आओ। विशाल ने कहा कि कहते हैं न कि आप एक कदम चलो, भगवान 10 कदम चालाता है, वैसा ही हुआ।

Harshita Pandey

लेखक के बारे में

Harshita Pandey

हर्षिता पांडे पिछले सात साल से अधिक से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं।


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मनोरंजन जगत की खबरों में दिलचस्पी रखने वाली हर्षिता पांडे को डिजिटल मीडिया में 7 साल से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अप्रैल 2024 से हर्षिता पांडे लाइव हिंदुस्तान के साथ जुड़ी हैं। यहां वह सेलेब्स इंटरव्यू लेती हैं, फिल्मों, टीवी शोज और ओटीटी सीरीज पर खबरें बनाने के साथ साथ उनकी समीक्षा और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर काम करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर की शुरुआत

2017 में मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में बैचलर्स की डिग्री पाने के बाद उन्होंने रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा हासिल किया और फिर आजतक से अपने करियर की शुरूआत की, जहां उन्होंने 5 साल से अधिक काम किया।


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