
घर से भागे असरानी को परिवार ने फिल्म में देखकर पहचाना, मुंबई आकर ले गए थे वापस
बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन गोवर्धन असरानी का 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह फिल्म शोले में अपने मशहूर किरदार की वजह से आज भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं। लोगों को आज भी उनका अंग्रेजों के जमाने वाला डॉयलॉग याद है।
Asrani: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन गोवर्धन असरानी का निधन हो गया है। उन्होंने 84 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। असरानी का शुरुआती जीवन किसी आम हिन्दुस्तानी की तरह ही सिनेमा से प्यार और उसमें काम करने की ललक से साथ बीता। फिल्म शोले के 'अंग्रेजों के जमाने वाले जेलर' असरानी बचपन में ही सिनेमा देखने के लिए अपने घर से झूठ बोलकर जाते थे। घरवालों को उनकी यह बात पसंद नहीं थी। इससे परेशान असरानी घर छोड़कर मुंबई भाग आए। यहां पर थोड़ी कोशिश करने के बाद उन्हें छोटे-छोटे रोल मिलना शुरू हो गए। इसी तरह एक गाने छोटा सा स्टेप करने वाले असरानी को उनके घरवालों ने पहचान लिया। इसके बाद वह मुंबई आए और उन्हें अपने साथ ले गए।

असरानी ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में बताया कि सिनेमा से लगाव की वजह से उनके पिताजी ने उन पर काफी प्रतिबंध लगा दिए थे। उनके पिता चाहते थे कि वह सरकारी नौकरी करके अपना जीवन सुखमय बनाए। लेकिन असरानी का मन केवल सिनेमा में लगता था। बकौल असरानी, उनका सिनेमा के प्रति लगाव इतना ज्यादा था कि वह बिना बताए ही घर से भागकर मुंबई आ गए थे। यहां पर फिल्मों में काम तलाशा लेकिन कोई काम नहीं मिला।
इसके बाद किसी ने सलाह दी कि अगर फिल्मों में काम करना है तो एक्टिंग का डिप्लोमा करना होगा। इस सलाह को मानकर असरानी ने यहां से डिप्लोमा करना शुरू कर दिया। 1964 में उनका डिप्लोमा खत्म हुआ। पुणे से वापस लौटे असरानी को डिप्लोमा की दम पर छोटे-मोटे रोल मिलना शुरू हो गए। इन्हीं में से एक सीमा फिल्म के एक गाने में असरानी को देखकर उनके घरवालों ने उन्हें पहचान लिया। वह सीधे मुंबई आए और असरानी को अपने साथ गुरुदासपुर वापस ले गए। हालांकि कुछ समय बाद ही असरानी ने उन्हें मना लिया और वापस मुंबई आ गए।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




