कफन की जगह ओढ़े थे अखबार... अमिताभ बच्चन को पहली फिल्म देने वाले के.ए. अब्बास का ऐसा था अंतिम सफर

Vartika Tolani लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

राज कपूर की 'आवारा' लिखने वाले और 'सात हिंदुस्तानी' बनाने वाले दिग्गज फिल्ममेकर के.ए. अब्बास की वो अनसुनी कहानी, जिसने लकवे के बाद भी हार नहीं मानी।

कफन की जगह ओढ़े थे अखबार... अमिताभ बच्चन को पहली फिल्म देने वाले के.ए. अब्बास का ऐसा था अंतिम सफर

अमिताभ बच्चन को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का शहंशाह बनाने वाले फिल्ममेकर का नाम ख्वाजा अहमद अब्बास था। ख्वाजा एक लेखक, निर्देशक और पत्रकार थे। उन्होंने न केवल अमिताभ बच्चन जैसे महानायक को पर्दे पर उतारा था, बल्कि आखिरी सांस तक अपनी कलम को रुकने नहीं दिया था। आइए आपको इनके बारे में बताते हैं।

अमिताभ बच्चन के 'मामू जान ख्वाजा'

आज जिसे दुनिया सदी का महानायक कहती है, उस अमिताभ बच्चन को फिल्म इंडस्ट्री में पहला ब्रेक ख्वाजा अहमद अब्बास ने दिया था। जब वह ‘सात हिंदुस्तानी’ लिख रहे थे तब उनकी नजर अमिताभ के फोटो पर पड़ी थी। उन्होंने अमिताभ को मिलने बुलाया था। जब उन्हें पता चला कि अमिताभ, डॉक्टर हरिवंशराय बच्चन के बेटे हैं तो उन्होंने उन्हें खत लिखा था और उनकी अनुमति मांगी थी। डॉ हरिवंशराय बच्चन की परमिशन मिलने के बाद उन्होंने अमिताभ को 5,000 रुपये में साइन किया था।

रोंगटे खड़े कर देने वाली अंतिम इच्छा

ख्वाजा अहमद अब्बास का पत्रकारिता और अखबारों से ऐसा रिश्ता था कि मौत भी उन्हें उसे अलग नहीं कर पाई थी। दरअसल, ख्वाजा अहमद अब्बास ने अपनी वसीयत में लिखा था कि जब उनकी मृत्यु हो, तो उनके पार्थिव शरीर को कफन की जगह उनके लिखे हुए लेखों और न्यूजपेपर्स (अखबारों) से ढंका जाए। वह चाहते थे कि जिस पेशे ने उन्हें पहचान दी, वही उनके अंतिम सफर का साथी बने। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए, उनके सीने पर अखबारों की प्रतियां रखी गई थीं।

पैरालाइज होने के बाद भी नहीं रुकी कलम

ख्वाजा अहमद अब्बास को अपने काम से बहुत प्यार था। जब उनके शरीर के एक हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था और वह पैरालाइज हो गए थे, तब भी उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा था। वह बोलकर अपने लेख लिखवाया करते थे। उन्होंने बॉम्बे क्रॉनिकल और फिर ब्लिट्ज' मैग्जीन में अपना मशहूर कॉलम 'लास्ट पेज' लगातार 40 सालों तक लिखा था।

राज कपूर और अब्बास की जोड़ी

सिनेमा की दुनिया में राज कपूर की सफलता के पीछे भी ख्वाजा अहमद अब्बास का हाथ था। उन्होंने राज कपूर के लिए 'आवारा', 'श्री 420' और ‘बॉबी’ जैसी फिल्में लिखी थी। 'आवारा' की कहानी ने न केवल भारत, बल्कि रूस में भी धमाका कर दिया था।

न बंगला न गाड़ी

इतनी बड़ी फिल्मों का हिस्सा रहने के बावजूद ख्वाजा अहमद अब्बास ने बेहद साधारण जीवन जिया था। उनके पास न अपनी गाड़ी थी और न ही कोई आलीशान बंगला। वह बस की यात्रा करते थे और अपना सारा ध्यान समाज की कड़वी सच्चाई को कागज और पर्दे पर उतारने में लगाते थे।

Vartika Tolani

लेखक के बारे में

Vartika Tolani

वर्तिका तोलानी डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें एंटरटेनमेंट और न्यूज रिपोर्टिंग में 6 साल से ज्यादा समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (HT Media Group) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (Digital) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्तिका न केवल बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया पर पैनी नजर रखती हैं, बल्कि डेटा और रिसर्च के साथ अपनी बात कहती हैं।



करियर का सफर

वर्तिका के प्रोफेशनल सफर की शुरुआत दैनिक भास्कर (इंदौर) से हुई, जहां उन्होंने सिटी रिपोर्टर के रूप में शहर की हलचलों और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज से अपनी पहचान बनाई । इसके बाद उन्होंने दैनिक भास्कर (भोपाल) में सब-एडिटर रहते हुए CBSE और UGC जैसी बड़ी संस्थाओं के प्रमुखों का इंटरव्यू किया ।
अमर उजाला (नोएडा) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नोएडा की एंटरटेनमेंट टीम को लीड किया और बतौर एंकर व प्रोड्यूसर वीडियो कंटेंट के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई ।
आज लाइव हिन्दुस्तान में वह फिल्मों और वेब सीरीज के ईमानदार रिव्यूज और एक्सक्लूसिव सेलिब्रिटी इंटरव्यूज के जरिए पाठकों तक बेहतरीन जानकारी पहुंचा रही हैं ।



पढ़ाई-लिखाई (Education)

वर्तिका ने मीडिया की बारीकियों को किताबी और प्रैक्टिकल, दोनों स्तरों पर समझा है:
B.Sc (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): डी.ए.वी.वी. (इंद्राैर) के एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर से 2016-19 में ग्रेजुएशन पूरी की ।
PG डिप्लोमा (मास कम्युनिकेशन): इग्नू (IGNOU) से 2019-21 में पत्रकारिता की डिग्री ली ।



खासियत और हुनर (Expertise)

एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म: बॉलीवुड, साउथ, ओटीटी और टीवी स्टार्स के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और गहराई से रिसर्च करना ।
मूवी रिव्यूज: फिल्मों और वेब सीरीज का बारीकी से विश्लेषण और सटीक रिव्यू ।
फिल्म रिकमेंडेशन: वह पहले खुद फिल्में और सीरीज देखती हैं और उसके बाद ही पाठकों को उन्हें देखने की सलाह देती हैं।
लाइव कवरेज: ब्रेकिंग न्यूज और लाइव ब्लॉग्स के जरिए सबसे तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना ।



विजन

वर्तिका मानती हैं कि आज के दौर में पत्रकार का काम सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि सही और सच्ची जानकारी देना है। वह अपनी राइटिंग और प्लानिंग के जरिए कंटेंट को एक अलग और बेहतर नजरिए से पेश करने की कोशिश करती रहती हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।