मेरी किस्मत में तू नहीं शायद…इस मशहूर शायर ने लिखा था गीत, एक फिल्म के लिए 3 गीतकारों ने लिखे गाने
राज कपूर के डायरेक्शन में बनी फिल्म प्रेम रोग के गाने ‘मेरी किस्मत में तू नहीं शायद’ इस शायर से लिखवाया गया था। 3 गीतकारों ने लिखे थे फिल्म के सभी गीत। आपका कौनसा फेवरेट है?

राज कपूर ने अपने फिल्मी करियर में कई ऐसी फिल्में बनाई जिसमें सामाजिक मुद्दे को खूबसूरती से उठाया हो। उनकी इन्हीं खूबसूरत फिल्मों की लिस्ट में एक फिल्म प्रेम रोग भी है जो 1982 में रिलीज हुई थी। फिल्म में ऋषि कपूर लीड रोल में थे और उनके साथ मनोरमा के किरदार में थीं पद्मिनी कोल्हापुरे। इस फिल्म के गानों के लिए ऑडियंस में एक अलग तरह की दीवानगी देखी गई। फिल्म में एक गाना है 'मेरी किस्मत में तू नहीं शायद'। इस गाने की फील अलग है। क्या आप जानते हैं इस गाने को किस गीतकार ने लिखा था?
प्रेम रोग के गानों को लिखने वाले गीतकार
फिल्म प्रेम रोग में पद्मिनी कोल्हापुरे और ऋषि कपूर की ऑनस्क्रीन जोड़ी को पसंद किया गया। फिल्म एक विधवा की प्रेम कहानी और उसकी दूसरी शादी पर आधारिक थी। इस फिल्म ने उस समय की ऑडियंस को खूब प्रभावित किया था। लेकिन इसके गानों की अलग जगह है। फिल्म के डायरेक्टर राज कपूर संगीत प्रेमी थे। उन्होंने अपने करियर में कई फिल्में सिर्फ इसलिए बनाई क्योंकि उन्हें किसी का म्यूजिक पसंद आ गया। म्यूजिक को दुनिया को सुनाने के लिए फिल्म तो चाहिए। इसलिए फिल्म बना दी गई। राज कपूर को संगीत की अच्छी समझ थी। इसलिए उन्होंने फिल्म प्रेम रोग के गाने एक नहीं बल्कि 3 अलग गीतकारों से लिखवाए थे। संगीत दिया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने।
प्रेम रोग का गाना मेरी किस्मत में तू नहीं शायद
फिल्म में ऋषि कपूर पर फिल्माया एक गाना है ‘मेरी किस्मत में तू नहीं शायद’ अलग एहसास महसूस करवाता है। इस गाने को लता मंगेशकर और सुरेश वाडकर ने गाया था। गाने के बोल एक मशहूर उर्दू शायर ने लिखे थे जिनका नाम है अमीर कजलबाश। इन्होंने एकाध फिल्मों के लिए ही गीत लिखे जिसमें से ये वाला सबसे ज्यादा मशहूर हुआ। ये गाना आज भी ऑडियंस का फेवरेट है।
फिल्म के लिए थे 3 गीतकार
फिल्म प्रेम रोग में कुल 6 गाने थे। फिल्म का गाना 'भंवरे ने खिलाया फूल, फूल को ले गया राजकुंवर', इस गाने को पंडित नरेंद्र शर्मा ने लिखा था। इसके बाद 'मैं हूं प्रेम रोगी', 'मोहब्बत है क्या चीज', 'ये प्यार था ता कुछ आयर था' और 'ये गलियां ये चौबारा' संतोष आनंद ने लिखे थे। इन सभी गानों को लता मंगेश्कर और सुरेश वाडकर ने आवाज दी थी।
प्रेम रोग ने जीते अवॉर्ड्स
फिल्म प्रेम रोग के लिए राज कपूर ने बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट एडिटिंग के लिए अवॉर्ड जीता, पद्मिनी कोल्हापुरे बनीं बेस्ट एक्ट्रेस, फिल्म के गाने 'मोहब्बत है क्या चीज' के लिए संतोष आनंद ने बेस्ट गीतकार का अवॉर्ड जीता।


