बॉलीवुड फिल्मों का भी होता है इंश्योरेंस, क्या फ्लॉप मूवी का पूरा पैसा मिल जाता है वापस?

Mar 12, 2026 04:33 pm ISTHarshita Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Film Insurance: आपने हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के बारे में जरूर सुना होगा। पर क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड फिल्मों का भी इंश्योरेंस होता है। आइए जानते हैं बॉलीवुड फिल्मों का इंश्योरेंस कराने का क्या होता है फायदा। क्या फ्लॉप फिल्मों के पैसे प्रोड्यूसर को मिल जाते हैं वापस? 

बॉलीवुड फिल्मों का भी होता है इंश्योरेंस, क्या फ्लॉप मूवी का पूरा पैसा मिल जाता है वापस?

बीमा या इंश्योरेंस शब्द से तो आप अच्छे से वाकिफ होंगे। आजकल लगभग हर व्यक्ति अपना लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस कराता है। इससे एक व्यक्ति को तमाम तरह के लाभ मिलते हैं। लोग अपनी कीमती चीजों जैसे बाइक और कार का भी इंश्योरेंस कराते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि फिल्मों का भी इंश्योरेंस होता है? यह शूटिंग के दौरान होने वाले किसी भी प्रकार के अनपेक्षित वित्तीय नुकसान, सेट को नुकसान, दुर्घटनाओं या कलाकारों/क्रू की बीमारी जैसी जोखिमों से बचाता है। आइए जानते हैं सबसे पहले किस फिल्म का हुआ था इंश्योरेंस? फिल्म इंश्योरेंस से किसे और कैसे मिलता है फायदा।

कब हुई थी फिल्म के इंश्योरेंस की शुरुआत?

आज लगभग सभी फिल्ममेकर्स अपनी फिल्म का इंश्योरेंस करवाते हैं। पर चलिए सबसे पहले जानते हैं कि किस फिल्म से इंश्योरेंस का ये सिलसिला शुरू हुआ था। फिल्म इंश्योरेंस की शुरुआत 1998 में सुभाष घई ने अपनी फिल्म 'ताल' से की थी।

दरअसल, उनकी फिल्म खलनायक की शूटिंग के दौरान संजय दत्त को जेल हो गई थी। इससे सुभाष घई को बहुत नुकसान झेलना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने अपनी अगली फिल्म ताल के लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस की कंपनी मुक्ता आर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से 12 करोड़ का बीमा करवाया। इसके बाद से ही बॉलीवुड इंडस्ट्री में फिल्मों का बीमा कराने का ट्रेंड शुरू हुआ। सिर्फ फिल्मों का ही नहीं बल्कि टीवी सीरियल्स के प्रोडक्शन हाउस भी अपने सीरियल्स का बीमा कराते हैं।

ताल

कितने प्रकार के होते हैं फिल्मों के बीमा इंश्योरेंस?

फिल्मों का बीमा मुख्ता तीन प्रकार का होता है। इसमें एक्टर्स और क्रू की हेल्थ से लेकर सेट को होने वाले किसी भी तरह के नुकसान पर बीमा क्लेम किया जा सकता है। आइए जानते हैं तीन टाइप के फिल्म इंश्योरेंस।

हेल्थ इंश्योरेंस: ये कास्ट और क्रू के लिए होता है। अगर शूटिंग के दौरान किसी कास्ट या क्रू के मेंबर को चोट लगती है या वो घायल होता या बीमार होता है तो बीमा कंपनी मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मुआवजा देती है।

सेट का इंश्योरेंस: इसके तहत अगर सेट को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है तब प्रोड्यूसर बीमा क्लेम कर सकते हैं। उन्हें इस नुकसान का मुआवजा मिल जाता है। इसको उदाहरण के तौर पर समझें तो कुछ सालों पहले सीरियल गुम है किसी के प्यार पर आग लगी थी जिससे सेट को नुकसान पहुंचा था। तब उस नुकसान का खर्चा बीमा कंपीन ने उठाया था और प्रोडक्शन हाउस को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ था।

इक्विपमेंट इंश्योरेंस: जब फिल्मों की शूटिंग चल रही होती है उस दौरान बड़े-बड़े इक्विपमेंट्स जैसे कैमरा, लाइट्स इन सबका इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में अगर प्रोडक्शन हाउस इक्विपमेंट इंश्योरेंस कराता है तो प्री प्रोडक्शन, प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन में इस्तेमाल किए जानेवाले इक्विपमेंट्स की अगर चोरी हो जाती है या उन्हें किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है तो नुकसान बीमा कंपनी उठाती है। हालांकि केवल पॉलिसी में शामिल चीजों के नुकसान होने पर ही ये इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है।

क्या फिल्म फ्लॉप होने पर भी बीमा कंपनी करती है भुगतान?

फिल्मों का बीमा तमाम प्रोडक्शन हाउस को तरह-तरह के नुकसान से बचाता है। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि फिल्म फ्लॉप होने पर भी बीमा कंपनी प्रोडक्शन हाउस को भुगतान करती है तो आप गलत हैं। आदित्य धर ने अपने एक पुराने वीडियो में साफ कियै था कि बॉक्स ऑफिस बिजनेस का फिल्मों के इंश्योरेंस से कोई नाता नहीं है।

कितना भरना होता है प्रीमियम?

रिपोर्ट्स की मानें तो इंश्योरेंस के लिए प्रोडक्शन हाउस को फिल्म का पूरा बजट बताना पड़ता है। इस बजट में फिल्म शूटिंग शेड्यूल और लोकेशन के अलावा, एक्टर्स को भुगतान किए गए पैसों का पूरा हिसाब देना पड़ता है। फिल्म का जितना भी बजट बनता है, उस बजट का 1 से 2.6 प्रतिशत प्रीमियम के तौर पर भरना होता है।

कब क्लेम नहीं कर सकते हैं बीमा?

फिल्म ओ माय गॉड में आपने एक्ट ऑफ गॉड के बारे सुना होगा। बाढ़, भूकंप, महामारी जैसी आपदा जिसपे इंसान का बस नहीं चलता ऐसे किसी में आप इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा अगर किसी फिल्म या सीरियल पर कानूनी कार्यवाही होती तो भी प्रोडक्शन हाउस बीमा क्लेम नहीं कर सकता है।

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लेखक के बारे में

Harshita Pandey

हर्षिता पांडे पिछले सात साल से अधिक से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं।


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मनोरंजन जगत की खबरों में दिलचस्पी रखने वाली हर्षिता पांडे को डिजिटल मीडिया में 7 साल से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अप्रैल 2024 से हर्षिता पांडे लाइव हिंदुस्तान के साथ जुड़ी हैं। यहां वह सेलेब्स इंटरव्यू लेती हैं, फिल्मों, टीवी शोज और ओटीटी सीरीज पर खबरें बनाने के साथ साथ उनकी समीक्षा और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर काम करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर की शुरुआत

2017 में मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में बैचलर्स की डिग्री पाने के बाद उन्होंने रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा हासिल किया और फिर आजतक से अपने करियर की शुरूआत की, जहां उन्होंने 5 साल से अधिक काम किया।


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