फिल्म जिसमें एक मिनट तक ब्लैक रही स्क्रीन, सांसें रोके बैठी रही ऑडियंस और फिर..
अमिताभ बच्चन की वो फिल्म जिसमें 1 मिनट तक स्क्रीन पर रहा अंधेरा। सांसें रोके सिर्फ आवाज सुनती रही ऑडियंस और फिर आया यह दमदार ट्विस्ट।

Bollywood Movie Kissa: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की एक फिल्म ऐसी भी है, जिसके एक सीन में स्क्रीन काफी देर तक पूरी तरह ब्लैक कर दी गई थी। बावजूद इसके दर्शक सांसें रोके फिल्म देखते रहे और इसे बॉलीवुड फिल्मों के सबसे क्लासिक सीक्वेंस में गिना जाता है। साल 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खास कमाई नहीं की थी, लेकिन क्रिटिक्स ने इसे खूब सराहा था। तकरीबन 30 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर कुल मिलाकर 38 करोड़ 82 लाख रुपये कमाए थे।
सिर्फ आवाज के दम पर चला था सीन
IMDb पर 6 रेटिंग वाली इस फिल्म का प्रोडक्शन और डायरेक्शन लीजेंडरी डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने किया था। बात कहानी की करें तो यह फिल्म देवगढ़ (राजस्थान) के एक काल्पनिक शाही घराने, उनके रहस्यों और उनके अंधे, बुजुर्ग लेकिन बेहद वफादार अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) 'एकलव्य' की कहानी सुनाती है। फिल्म का नाम भी एकलव्य है और इसी का एक सीन है जिसमें स्क्रीन कुछ देर के लिए पूरी तरह ब्लैक कर दी जाती है, और सिर्फ वॉयस ओवर के दम पर फिल्म को आगे बढ़ाने का जज्बा डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने दिखाया था।
एक मिनट सांसें रोके बैठी रही ऑडियंस
कहानी में अमिताभ बच्चन (एकलव्य) अंधे हो जाते हैं और उन्हें बदला लेना है। जिन लोगों को वह मारना चाहते हैं, उनमें से एक जिम्मी शेरगिल भी हैं। फिल्म के इस सीन में जिम्मी शेरगिल अपने प्राइवेट थिएटर में अकेले मूवी देखते नजर आते हैं। तो आप फिल्म में देखते हैं कि जिम्मी शेरगिल फिल्म देख रहे हैं और उनकी हल्की सी धुंधली इमेज नजर आती है। फिर वो गायब हो जाते हैं और आपको अमिताभ बच्चन की आवाज सुनाई पड़ती है, “इस अंधेरे में आप मेरी शक्ल नहीं देख पाएंगे उदयवर्धन।”
क्या था अमिताभ बच्चन का वह सीन
यह सुनते ही फिल्म में जिम्मी शेरगिल गन निकालकर गोलियां चलाना शुरू कर देते हैं। गोलियों के खोके गिरते हैं और अब पूरी तरह अंधेरा छा जाता है। फिर अमिताभ बच्चन अपनी बुलंद आवाज में कहते हैं, "जब तक कोई आवाज नहीं होगी, तब तक तुम जिंदा रहोगे। अगर तुमने सांस ली तो मैं अपना धर्म निभाऊंगा... तुम्हारी सांस रोक दूंगा।" करीब 60 सेकंड तक पूरी तरह अंधेरा छाया रहता है, ऑडियंस इंतजार करती रहती है और फिर जिम्मी शेरगिल के सांस लेने की आवाज आती है, और अगले सीन में एक चाकू जिम्मी शेरगिल की गर्दन के आर-पार दिखाया जाता है।
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