कौन है ‘चलत मुसाफिर मोह लिया रे’ गाने की पिजड़े वाली मुनिया? मौज में गाते हैं गाना तो जान लें छिपा अर्थ

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चलत मुसाफिर मोह लिया रे पिंजड़े वाली मुनिया... ये गाना किसी की तारीफ में गाया मौज-मस्ती भरा लगता है लेकिन इस गाने के पीछे एक गहरा अर्थ छिपा है जो तीसरी कसम फिल्म की कहानी से जुड़ा है।

कौन है ‘चलत मुसाफिर मोह लिया रे’ गाने की पिजड़े वाली मुनिया? मौज में गाते हैं गाना तो जान लें छिपा अर्थ

चलत मुसाफिर मोह लिया रे, पिंजड़े वाली मुनिया। यह गाना 1966 में आई फिल्म तीसरी कसम का है। उस वक्त यह गाना जबरदस्त हिट था। रेडियो और रिकॉर्ड्स पर हर जगह ये गाना सुनाई देता था। आगे चलकर इस गाने के कई नए और रीमिक्स वर्जन्स बने। लेटेस्ट बद्री की दुलहनिया फिल्म का गाना भी इसी तर्ज पर है। आपने ये गाना कई बार सुना होगा। डांस भी किया होगा। क्या कभी सोचा कि इस गाने में किस मुनिया का जिक्र किया गया है? मुनिया सुनकर लोगों को छोटी बच्ची याद आती है और पिंजड़े से लगता है कि किसी चिड़िया की बात हो रही है। असल में मौज-मस्ती का फील देने वाले इस गाने के पीछे एक औरत की बेबसी और दर्द छिपा है।

फ्लॉप फिल्म के सुपरहिट गाने

राज कपूर और वहीदा रहमान की फिल्म तीसरी कसम बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप थी। हालांकि इसके गाने काफी पसंद किए गए। दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई, लाली लाली डोलिया में, पान खाए सैंया हमारो, सजन रे झूठ मत बोलो, चलत मुसाफिर मोह लिया ले... ये गाने टाइमलेस हैं। लोग इन्हें आज भी पसंद करते हैं। इसी फिल्म का गाना चलत मुसाफिर लिरिक्स भले ही मौज-मस्ती का गाना लगे लेकिन इसमें एक गहरा अर्थ छिपा हुआ है। यह गाना शैलेंद्र ने लिखा था। प्रोड्यूसर भी शैलेंद्र थे।

क्या है फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी हीरमान की है। जिसके किरदार में राज कपूर हैं। हीरामन गांव का भोलाभाला बैलगाड़ी चलाने वाला है। जीवन में आने वाली परेशानियों से सबक लेकर वह कसम खाता जाता है कि दोबारा वो काम नहीं करेगा। फिल्म का टाइटल इसी थीम पर है। हीरामन की सवारी एक दिन सुंदर महिला (वहीदा रहमान) बनती है। वह उसके साथ गांव के मेले में जा रही होती है। दोनों रास्ते में साथ वक्त बिताते हैं और उन्हें प्यार हो जाता है। हीरामन उस वक्त नहीं जानता कि वह नाचने वाली हीराबाई है। मेले में हीराबाई नौटंकी में नाचती है। लोग उसे वेश्या की तरह देखते हैं। हीरामन ये सब देखकर परेशान हो जाता है। वह हीराबाई को समझाता है कि नाचना छोड़ दे, वब मना कर देती है। वह बदनामी के डर से उससे दूरी बना लेता है और तीसरी कसम खाता है कि किसी नौटंकीवाली डांसर को गाड़ी में नहीं बैठाएगा।

क्या है पिंजड़े वाली मुनिया का मतलब

अब बात आती है इस गाने की। इस गाने में पिंजड़े वाली मुनिया उस नाचने वाली महिला का प्रतीक है जो सबका मन मोहती है लेकिन कोई उसे अपना नहीं सकता। वह एक पिंजड़े वाली चिड़िया है। यह गाना समाज के डबल स्टैंडर्ड पर चोट है। इस गाने में मुनिया जहां जाती है वहां सबको आकर्षित करती है। वह हलवाई के दुकान जाती है तो मिठाई के सारे रस ले लेती, पनवाड़ी के पास जाती है तो बीड़े के सारे रस ले लेती है। यहां बताया गया है कि हर तरह का आदमी उसके मोह में है लेकिन अपनाने का नंबर आता है तो वे लोग दूरी बना लेते हैं। इसीलिए नौटंकी या नाचने वाली औरतें पिंजड़े वाली सुंदर मुनिया की तरह बताई गई हैं जो जिंदगी भर पिंजड़े में घुटती हैं।

Kajal Sharma

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो : काजल शर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
काजल शर्मा भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम की लीड हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
काजल ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2014 में अमर उजाला डिजिटल के साथ उन्होंने न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 2017 से 2020 तक नवभारत टाइम्स (NBT) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल कवरेज के बाद वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़ीं और वर्तमान में इन दोनों सेक्शंस की टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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B.Sc (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण काजल को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह मनोरंजन बीट पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिख रही हैं।


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