दमादम मस्त कलंदर...आखिर किसके लिए है ये गाना जिसे हिंदू-मुस्लिम सब गाते हैं, आपको पता है मतलब?
चार चराग तेरे बरण हमेशा... ये लाइनें कई रील्स में खूब पॉप्युलर हुईं, क्या आपको इनका मतलब पता है। यहां जानिए दमादम मस्त कलंदर गाने से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जो ज्यादा लोगों को पता नहीं होंगी।

हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण... यह गाना सुनकर आपका मन भी मगन हो जाता है? यह सिंधी भाषा का भजन है इसके ना जाने कितने वर्जन आपको यूट्यूब पर मिल जाएंगे। मीका सिंह ने भी इसका मॉडर्न बना रखा है। आबिदा परवीन वाला वर्जन आपको दूसरी दुनिया में ले जाता है। आपने कभी सोचा कि आखिर दमादम मस्त कलंदर का मतलब क्या है? या इतनी शिद्दत से यह गाना किसके लिए गाया गया है।
बहुत पुरानी है ये कव्वाली
दमादम मस्त कलंदर गाने की अलग फैन फॉलोइंग है। चार चराग तेरे बरण हमेशा, ये लाइनें आपने कई रील्स में सुनी होंगी। यह कव्वाली इतनी पुरानी है कि आपने सोचा भी नहीं होगा। दरअसल इस कव्वाली की असली कहानी शुरू होती है आज से कोई 700 साल पहले वो भी सिंध की मिट्टी में, एक फकीर की दरगाह पर। इंट्रेस्टिंग बात ये है कि इसे हर धर्म के लोग झूमकर गाते हैं।
कौन थे मस्त कलंदर?
इस कव्वाली में एक नाम आता है शाहबाज कलंदर। आखिर कौन थे शहबाज? शहबाज कलंदर हजरत उस्मान मरवंदी 13वीं सदी के महान सूफी संत थे। उनकी दरगाह पाकिस्तान के सेहवान शरीफ में है। लाखों लोग आज भी उनको याद करके वहां सजदा करते हैं। गाने में लाल रंग का जिक्र है तो लाल उनका पसंदीदा रंग था। उनका चोगा और टोपी सब लाल थे। शाहबाज यानी बाज जैसा। कलंदर का मतलब है मस्त फकीर जिसे दुनियादारी से मतलब नहीं। यह कलाम उन्हीं को शाहबाज के लिए लिखा गया है।
किसने लिखी ये कव्वाली?
माना जाता है कि यह कव्वाली अमीर खुसरो ने लिखी थी। यह वही खुसरो जो हजरत निजामुद्दीन औलिया के सबसे प्रिय शिष्य थे। वहीं कुछ लोग यह मानते हैं कि यह कव्वाली दूसरे सूफी शायरों की है।
क्या है गाने की लिरिक्स
हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण
ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण
सिंदड़ी दा सेवण दा
सखी शाह बाज कलंदर
दमादम मस्त कलंदर
अली दम दम दे अन्दर
दमादम मस्त कलंदर
अली दा पैला नंबर
चार चराग तेरे बरण हमेशा
पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण
हो पंजवा मैं
पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण
सिंदड़ी दा सेवण दा
सखी शाह बाज कलंदर
दमादम मस्त कलंदर
अली दम दम दे अन्दर
दमादम मस्त कलंदर
अली दा पैला नंबर
क्या है इसका मतलब
हो लाल मेरी पत रखियो सदा झूले लालण
हे लाल (शाहबाज कलंदर/झूलेलाल) आप हमेशा मेरी इज्जत रखना
सिदड़ी दा सेवण दा, सखी शाहबाज कलंदर
सिंध के सेहवन में रहने वाले, सबके सखा शाहबाज कलंदर
दमादम मस्त कलंदर, अली दम दम दे अंदर
दमादम यानी हर दम यानी सांस में रहने वाले , हर सांस में अली रहते हैं
अली दा पैला नंबर का मतलब है- मेरे लिए अली से बढ़कर कोई नहीं है।
चार चराग तेरे बरण हमेशा, पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण
हे लाल, आपकी मजार पर हमेशा चार चिराग जलते रहते हैं। पांचवीं मैं हूं जो खुद को जलाने आई हूं ताकि मेरी सारी बलाएं दूर हो जाएं।
लेखक के बारे में
Kajal Sharmaशॉर्ट बायो : काजल शर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
काजल शर्मा भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम की लीड हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
काजल ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2014 में अमर उजाला डिजिटल के साथ उन्होंने न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 2017 से 2020 तक नवभारत टाइम्स (NBT) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल कवरेज के बाद वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़ीं और वर्तमान में इन दोनों सेक्शंस की टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
B.Sc (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण काजल को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह मनोरंजन बीट पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिख रही हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
फिल्म, बॉक्स ऑफिस ऐनालिसिस, ट्रेंड्स, टीवी, ओटीटी और लाइफस्टाइल विषयों पर काजल की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। काजल का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
बॉलीवुड, साउथ मूवीज़ और टीवी रियलिटी शोज
मूवी और वेब सीरीज रिव्यू
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
हेल्थ, फिटनेस, प्रिवेंटिव केयर और डेली लाइफ हैक्स
मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


