दिलजीत दोसांझ ने माथे से लगा ली थी सतलुज की स्क्रिप्ट, फिल्म के लिए ली कितनी फीस?

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सतलुज के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने बताया कि इस फिल्म के लिए दिलजीत दोसांझ ने कितनी फीस ली थी। उन्होंने कहा कि दिलजीत के बिना ये फिल्म मुमकिन नहीं होती। 

Diljit Dosanjh

दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है। दिलजीत की फिल्म पहले पंजाब 95 के नाम से सीबीएफसी के पास सर्टिफिकेशन के लिए अटकी रही। इसके बाद फिल्म को सतलुज नाम से जी5 पर रिलीज किया गया। जी5 पर रिलीज होने के दो दिन के अंदर ही इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। अब फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने बताया कि दिलजीत ने फिल्म के लिए कितनी फीस ली थी।

दिलजीत के बिना मुमकिन नहीं होती फिल्म

द प्रिंट से खास बातचीत में हनी त्रेहान ने कहा कि दिलजीत पहले दिन से ही प्रोजेक्ट के प्रति कमिटेड रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिलजीत के बिना ये फिल्म मुमकिन नहीं होती।

क्यों दिलजीत को ही किया कास्ट?

डायरेक्टर ने कहा, “अगर दिलजीत नहीं होते, तो ये फिल्म भी नहीं होती। मुझे एक ऐसा एक्टर चाहिए था जो उस दुनिया के बारे में जानता हो। मैं एक सरदार को ही कास्ट करना चाहता था, क्योंकि अगर मैं किसी बॉलीवुड एक्टर को कास्ट करता, नेरेटिव अचानक से इस बारे में हो जाता कि ये एक्टर सरदार प्ले कर रहा है। यह खालड़ा साहब के सफर और उन लोगों के साथ नाइंसाफी होती, जिनका दर्द यह कहानी बयां करती है।”

दिलजीत ने ली कितनी फीस?

खालड़ा ने बताया कि जब उन्होंने दिलजीत को जब फिल्म ऑफर की तब वो अपनी कुर्सी से खड़े हो गए, स्क्रिप्ट को अपने माथे से लगाया और कहा- वाहेगुरु। मैं खालड़ा जैसे शख्स का किरदार प्ले करने के लिए फीस कैसे ले सकता हूं? वो शर्मनाक होगा। हालांकि, जब डायरेक्टर ने जोर दिया तो एक्टर ने कहा कि अगर वो कॉन्ट्रैक्ट के लिए मुझे पैसे देना चाहते हैं तो 1 रुपया दे सकते हैं।

किस बारे में है फिल्म?

फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में है। उन्होंने 1984-94 के बीच में लापता हुए लोगों और अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़ी जांच करके मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया था। इसके बाद 1995 में वह गायब हो गए। साल 2005 में पंजाब पुलिस के चार जवानों को उसकी किडनैपिंग और मर्डर के मामले में दोषी ठहराया गया और सात सालों की जेल की सजा हुई। इसके बाद, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पुलिसवालों की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद में बदल दिया था।

बता दें, इस फिल्म का साल 2023 में वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में होना था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया था। इसके पीछे कोई भी वजह आयोजकों की तरफ से नहीं बताई गई थी।

Harshita Pandey

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हर्षिता पांडे पिछले सात साल से अधिक से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं।


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मनोरंजन जगत की खबरों में दिलचस्पी रखने वाली हर्षिता पांडे को डिजिटल मीडिया में 7 साल से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अप्रैल 2024 से हर्षिता पांडे लाइव हिंदुस्तान के साथ जुड़ी हैं। यहां वह सेलेब्स इंटरव्यू लेती हैं, फिल्मों, टीवी शोज और ओटीटी सीरीज पर खबरें बनाने के साथ साथ उनकी समीक्षा और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर काम करती हैं।


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2017 में मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में बैचलर्स की डिग्री पाने के बाद उन्होंने रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा हासिल किया और फिर आजतक से अपने करियर की शुरूआत की, जहां उन्होंने 5 साल से अधिक काम किया।


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