भजनों को संगीत देने वाले इस म्यूजिक डायरेक्टर को थी हिंदुओं से नफरत? नहीं होने दी थी देव आनंद और सुरैया
हिंदी सिनेमा जगत का एक ऐसा संगीतकार जिसने भगवान के कई भजनों को संगीत दिया लेकिन उस पर हिंदुओं से नफरत का आरोप था। उसे देव आनंद और सुरैया की शादी का मेन विलन माना जाता है।

नौशाद एक मुस्लिम रूढ़िवादी परिवार में जन्मे थे जहां संगीत से नाता गुनाह समझा जाता थे। उन्होंने हिंदी सिनेमा जगत में बड़ा नाम कमाया। हालांकि इसके पीछे उनका कठिन संघर्ष भी था। वह सड़कों पर सोए, खाने को भी कुछ नहीं था और काम की तलाश जारी रखी। नौशाद ने कई भजनों को संगीत दिया। हालांकि उनके करियर में कुछ ऐसी घटनाएं घटीं जिसके चलते उन्हें लोग हिंदुओं से नफरत करने वाला मानने लगे। चलिए जानते हैं क्यों माना जाता है नौशाद को मुस्लिमों से नफरत करने वाला।
जब छिपाकर लाए हारमोनियम
नौशाद का जन्म लखनऊ में 25 दिसंबर 1919 को एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनका परिवार संगीत और फिल्मों के सख्त खिलाफ था। नौशाद एक बार अपने घर पर छिपाकर हारमोनियम ले आए। जब उनके पिता की नजर पड़ी तो उन्होंने इसे तोड़ दिया और नौशाद को चेतावनी दी की परिवार या संगीत में से किसी एक चीज को चुनना पड़ेगा। नौशाद भी धुन के पक्के थे। वह अपने घर को छोड़कर मुंबई जो उस वक्त बॉम्बे था, पहुंच गए। 18 साल के नौशाद को वहां कोई जानने वाला नहीं था। नौशाद एक इंटरव्यू में बता चुके हैं कि उन्होंने 16 साल फुटपाथ पर गुजारे और भूखे पेट सोए।
नौशाद ने दिया इन भजनों को संगीत
काफी स्ट्रगल के बाद उन्हें म्यूजिक असिस्टेंट तो कभी पियानो बजाने वाले का काम मिला। फिर धीरे-धीरे नौशाद ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ली। नौशाद ने इंसाफ का मंदिर हे भगवान, मधुबन में राधिका नाचे रे, ओ दुनिया के रखवाले, भगवान भगत बिना तू पत्थर है जैसे कई भजनों को संगीत दिया था। हालांकि कई लोग उन्हें हिंदुओं से नफरत करने वाला मानने लगे थे।
देव आनंद की लव स्टोरी के विलन
सुरैया देव आनंद से विद्या फिल्म के सेट पर मिली थीं। वह न्यू कमर थीं और देव आनंद स्टार बन चुके थे। शूटिंग के दौरान एक नाव का सीन था। नाव पलटने लगी और देव आनंद ने सुरैया को बचाया। दोनों के बीच तब ही नजदीकियां बढ़ीं और प्यार हो गया। सुरैया देव आनंद से शादी करना चाहती थीं। दोनों के अलग धर्म इस रिश्ते के आड़े आ रहा था। सुरैया ने देव आनंद के साथ भागकर शादी करने का प्लान बनाया। यह बात उनकी दादी को पता चल गई। रिपोर्ट्स बताती हैं कि दादी के कान भरने वाले असली विलन नौशाद थे। वह नहीं चाहते थे कि सुरैया मुस्लिम होकर किसी हिंदू से शादी करें। TFIPost की रिपोर्ट के मुताबिक, नौशाद ही सुरैया को मंदिर से घर खींचकर लाए थे। वह वहां देव आनंद से शादी करने गई थीं। नौशाद ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर ये रिश्ता नहीं तोड़ा तो वह देव आनंद को मार देंगे।
किशोर कुमार से थी नफरत?
इंडस्ट्री में यह भी चर्चा थी कि नौशाद किशोर कुमार को पसंद नहीं करते थे। उन्होंने कभी किशोर कुमार के साथ काम नहीं किया। उन्होंने किशोर कुमार से सुनहरा संसार में एक बार ही गाना गवाया लेकिन इसे प्रोड्यूसर को नहीं दिया। ऐसे ही एक बार मध्य प्रदेश सरकार एक अवॉर्ड फंक्शन रख रही थी। इसकी जूरी में नौशाद थे। वहां जब किशोर कुमार को अवॉर्ड देने की बात कही गई तो नौशाद मीटिंग छोड़कर चले गए थे। जूरी मेंबर्स में जर्नलिस्ट प्रीतीश नंदी भी थे। रेडिफ.कॉम पर प्रीतीश का एक राइटअप है जिसमें उन्होंने इस घटना का जिक्र किया है।
रिहर्सल में लता हो गई थीं बेहोश
एक बार नौशाद के साथ रिहर्सल करते समय लता मंगेशकर गर्मी से बेहोश हो गई थीं। नौशाद लता के गाने से संतुष्ट नहीं हो रहे थे। वह उन्हें बार-बार गाने को बोल रहे थे। लता को छोटे से कमरे में गर्मी में गाने को कहा और वह बेहोश हो गईं। 17 बाद रिहर्सल के बाद 18वीं बार उन्होंने सही गाया। ऐसी कई घटनाओं के चलते नौशाद पर हिंदू-मुस्लिम लॉबी के आरोप लगने लगे थे।
लेखक के बारे में
Kajal Sharmaशॉर्ट बायो : काजल शर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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काजल शर्मा भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम की लीड हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
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