जाह्नवी कपूर ने किया दिल्ली हाईकोर्ट का रुख, कोर्ट ने पूछा- आपको फैन पेज नहीं चाहिए?
जाह्नवी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनकी मांग है कि सोशल मीडिया से उनके एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल हटाई जाएं।
बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने AI से बनाए जा रहे डीपफेक वीडियो, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, अश्लील कंटेंट और उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
जाह्नवी कपूर के वकील ने क्या कहा?
जाह्नवी कपूर की ओर से आए वकील असाव राजन ने अदालत को बताया कि उनके नाम, तस्वीर और चेहरे का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है। AI की मदद से उनकी फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम और X पर उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। वकील ने यह भी बताया कि जाह्नवी के नाम और पहचान का इस्तेमाल बिना अनुमति के अलग-अलग प्रोडक्ट और सेवाएं बेचने के लिए किया जा रहा है इसलिए उन्होंने ऐसी सभी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने कहा कि इस मामले में तीन तरह की सामग्री पर राहत दी जा सकती है—
1. अश्लील या आपत्तिजनक कंटेंट
2. ऐसा कंटेंट जिससे जाह्नवी के पर्सनैलिटी राइट्स का गलत तरीके से आर्थिक फायदा उठाया जा रहा हो
3. उनकी पहचान का इस्तेमाल करके किसी प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करने वाली सामग्री
हालांकि, कोर्ट ने सभी फैन पेजों पर पूरी तरह रोक लगाने से इनकार किया। अदालत ने पूछा, ‘क्या जाह्नवी कपूर को सच में फैंस नहीं चाहिए? यह डिजिटल दुनिया है।’ इसके बाद कोर्ट ने कहा कि हर फैन पेज कानून का उल्लंघन नहीं करता। फैन पेज अभिव्यक्ति, आलोचना या व्यंग्य का हिस्सा भी हो सकते हैं।
एक लाइन ड्रॉ करना जरूर है - कोर्ट
कोर्ट ने साफ किया कि सेलिब्रिटी के अधिकारों की रक्षा जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर लोगों की जायज अभिव्यक्ति पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती इसलिए यह तय करना जरूरी है कि पर्सनैलिटी राइट्स और अभिव्यक्ति की आजादी के बीच लाइन कहां ड्रॉ करनी है।
मेटा ने दी 4,000 से ज्यादा लिंक्स की जानकारी
मेटा की ओर से अदालत में बताया गया कि जाह्नवी की कानूनी टीम ने 4,000 से ज्यादा URL की सूची दी है, जिन्हें हटाने की मांग की गई है। मेटा ने कहा कि सभी लिंक एक जैसे नहीं हैं और उनमें से हर लिंक अश्लील या गैरकानूनी नहीं है। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने जाह्नवी कपूर की कानूनी टीम से कहा कि विवादित कंटेंट को अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर पेश किया जाए। इसके आधार पर ही कोर्ट आगे अंतिम आदेश जारी करेगा।


