वो मनहूस फिल्म 'टाइटल' जिसके नाम से बनीं 9 फिल्में, सभी हुईं फ्लॉप, कोई हुआ इंडस्ट्री से लापता, किसी का खत्म हुआ करियर
आपको जानकार हैरानी होगी की एक ऐसा टाइटल है जो वाकई में मेकर्स के लिए हर बार 'मनहूस' साबित हुआ। जी हां, एक ही नाम से बनीं 9 फिल्में बुरी तरह से फ्लॉप रहीं। यही नहीं इस टाइटल ने कई मेकर्स को दिवालिया किया तो कई स्टार्स का करियर तक डुबो दिया।

बॉलीवुड हो या साउथ सिनेमा, एक ही नाम से कई फिल्में बनी हैं, जिसके किरदार और कहानी अलग-अलग होते हैं। वहीं, कई फिल्में एक ही कहानी के रीमके भी रहे। कई बार फिल्में हिट रहती हैं तो कई बार बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरा हैं। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी की एक ऐसा टाइटल है जो वाकई में मेकर्स के लिए हर बार 'मनहूस' साबित हुआ। जी हां, एक ही नाम से बनीं 9 फिल्में बुरी तरह से फ्लॉप रहीं। यही नहीं इस टाइटल ने कई मेकर्स को दिवालिया किया तो कई स्टार्स का करियर तक डुबो दिया। इसी वजह से ये टाइटल बॉलीवुड के लिए एक तरह से 'मनहूस' बन गया था। आइए जानते हैं कौन सा है ये टाइटल?
ये है वो 'मनहूस' कहा जाने वाला टाइटल
बॉलीवुड इंडस्ट्री ने जिस नाम को 'मनहूस' माना वो टाइटल है 'कर्ज'। इस नाम से बॉलीवुड में एक नहीं बल्कि 9 फिल्में बन चुकी हैं। यही नहीं, ये टाइटल जिस फिल्म के नाम से जुड़ा उसका भी बेड़ा गर्क हो गया। बता दें कि पहली बार साल 1980 में 'कर्ज' नाम से फिल्म बनी थी। इस फिल्म को सुभाष घई ने डायरेक्ट किया था। मूवी में लीड रोल में ऋषि कपूर, राज किरण, टीना मुनीम और सिमी ग्रेवाल नजर आई थीं।
फ्लॉप की वजह से डिप्रेशन में चले गए थे ऋषि कपूर
आज भले ही ये फिल्म कल्ट फिल्मों की लिस्ट में शुमार किया जाता है, लेकिन 46 साल पहले रिलीज होने पर यह बुरी तरह फ्लॉप रही थी। उस दौर में ऋषि कपूर की 'कर्ज' ने सिर्फ 4 करोड़ ही कमाए थे। ऋषि कपूर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलासा किया था कि इस फिल्म के फ्लॉप होने का उन पर गहरा असर पड़ा था। फिल्म के खराब प्रदर्शन से वह डिप्रेशन में चले गए थे। हालांकि, समय के साथ 'कर्ज' की पॉपुलैरिटी बढ़ती गई, लेकिन इसके फ्लॉप होने से फिल्म इंडस्ट्री में एक 'श्रॉप' की शुरुआत हो गई थी।
32 साल से लापता है इसी फिल्म का हीरो
इसी फिल्म के एक्टर राज किरण 32 सालों से लापता है। वो अचानक ऐसे गायब हुए कि आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिला। राज किरण की आखिरी फिल्म साल 1990 में आई थी, और तब से वह कहीं नहीं दिखे। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राज किरण अटलांटा के किसी पागलखाने में हैं। हालांकि, बाद में उनके परिवार ने इस बात का खंडन किया।
सनी देओल का करियर भी लगा दांव पर
इसके बाद साल 2002 में फिल्म आई 'कर्ज: द बर्डन ऑफ ट्रूथ'। इस फिल्म में सनी देओल और शिल्पा शेट्टी लीड रोल में थे। इस मूवी में मेकर्स का पैसा डुबा दिया था और इसने सिर्फ 15 करोड़ की कमाई की थी।
रीमेक ने भी डुबोई लुटिया
इसके बाद 2008 में 'कर्ज' का रीमेक बनाया गया। इस मूवी हिमेश रेशमिया और उर्मिला मातोंडकर लीड रोल में थे। इस फिल्म का भी वही हश्र हुआ, जो बॉक्स ऑफिस पर बाकी फिल्मों का हुआ। 24 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने सिर्फ 16 करोड़ रुपये ही कमाए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमेश रेशमिया की 'कर्ज' के मेकर्स दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गए थे।
'कर्ज' नाम ये बनीं ये 9 की 9 फिल्में रहीं फ्लॉप
उन तीन फिल्मों के अलावा 'कर्ज' टाटल से 9 फिल्में और हैं, जिनके टाइटल में 'कर्ज' आता है और वो बुरी तरह फ्लॉप रहीं। ये हैं- 'कर्ज', 'कर्ज: द बर्डन ऑफ ट्रुथ', Karzzzz, 'कर्ज तेरे खून का', 'दूध का कर्ज' (1990), 'प्यार का कर्ज', 'कर्ज चुकाना है', 'महान कर्ज' और दूध का कर्ज (2016) हैं। बताया जाता है कि इनमें से एक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 5 करोड़ का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी थी। इसलिए 'कर्ज' शब्द बॉलीवुड के लिए अनलकी बनता चला गया।
लेखक के बारे में
Priti Kushwahaप्रीति कुशवाहा को डिजिटल मीडिया में 9+ सालों का प्रोफेशनल एक्सपीरियंस है। वह फिलहाल 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के मनोरंजन सेक्शन में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। प्रीति को मनोरंजन जगत के हर इवेंट, मूवी रिलीज और लाइव इवेंट्स को कवर करना पसंद है।
करियर
प्रीति ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया कानपुर हिन्दुस्तान प्रिंट से की थी। इसके बाद मेरठ जनवाणी में फीचर डेस्क पर एक साल काम किया। इसके बाद दैनिक भास्कर (रोहतक) में सब-एडिटर के तौर पर एक साल में काम। साल 2019 में डिजिटल मीडिया में काम शुरू किया और राजस्थान पत्रिका (जयपुर) में डिजिटल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता, वीडियो कंटेंट पर काम किया। गृहलक्ष्मी मैगजीन में उनके डिजिटल और मैगजीन के लिए काम किया। दैनिक जागरण डिजिटल में साढ़े तीन साल एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा रहीं।
एजुकेशन: प्रीति ने कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री और फिर भारतीय विद्या भवन से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। साथ ही राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
एंटरटेनमेंट पत्रकारिता और डिजिटल विजन: प्रीति का मानना है कि एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में खबरों को रोचक बनाने के साथ ही उसमें फैक्ट का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही सोशल मीडिया के ट्रेंड को फॉलो करना बेहद जरूरी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऑडियंस बिहेवियर को समझकर वह हाई-रीच और हाई-एंगेजमेंट स्टोरीज तैयार करती हैं।
खासियत
मूवी और OTT रिव्यू
ब्रेकिंग और ट्रेंडिंग एंटरटेनमेंट न्यूज
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और ट्रेड एनालिसिस
बॉलीवुड न्यूज, साउथ सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री


