
प्रेमानंद महाराज से मिले राजपाल यादव, बोले- आशीर्वाद दीजिए कि जीवन में…
राजपाल यादव ने प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी भी उनकी भक्त हैं और उनका आशीर्वाद लेना चाहती हैं। राजपाल यादव ने कुछ ऐसा भी कहा जिसे सुनकर प्रेमानंद महाराज जोर-जोर से हंसने लगे।
बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव वृंदावन स्थित आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। उन्होंने प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। वहीं प्रेमानंद महाराज ने राजपाल यादव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह अपनी एक्टिंग से लोगों को खूब हंसाते हैं, उनका मनोरंजन करते हैं। उन्होंने राजपाल को सलाह दी कि काम के साथ-साथ भगवान का स्मरण करते रहो और जीवन को आनंदमय बनाओ, किसी भी विपत्ति से हारो नहीं बल्कि लड़ना सीखो।

‘धरती पर ईश्वर हैं’
यूट्यूब चैनल भजन मार्ग पर शेयर किए गए वीडियो में राजपाल ने कहा, ‘आपको देखकर पता चलता है कि धरती पर ईश्वर हैं।’ राजपाल ने प्रेमानंद महाराज के सामने एक कठिन मंत्र का जाप भी किया। उन्होंने कहा, ‘सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे! तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम:।’ फिर उन्होंने प्रेमानंद महाराज से जीवन में कथनी और करनी में एकता लाने का आशीर्वाद मांगा।
क्यों हंसने लगे प्रेमानंद महाराज?
सबसे मजेदार पल तब आया जब राजपाल यादव ने कहा, ‘एक पागलपन जैसी गलतफहमी मानकर बैठ गए कि द्वापर हुआ है, कृष्णा जी हुए हैं, सब ग्वाला हुए हैं और मुझे लगता है मनसुखा मैं ही था।’ ये सुनते ही प्रेमानंद महाराज और वहां मौजूद सभी लोग हंस-हंस कर लोटपोट हो गए।
क्या बोले राजपाल?
राजपाल का मतलब था, अगर द्वापर युग सच में उनके सामने हुआ होता, कृष्ण-लीला सच में उसी रूप में सामने होती, तो वह मनसुखा होते। मनसुखा कोई धार्मिक किरदार नहीं है। यहां मनसुखा से मतलब — वह मासूम, खुशमिजाज, भोला-भाला ग्वाला जो कृष्ण के साथ खेलता, हंसता और शरारतें करता होगा।

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