'भैया मेरे राखी के बंधन...' गाने के गीतकार की दुखद कहानी, जानें किस सदमे के कारण हुई थी मौत
भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना… इस गाने को लिखने वाले गीतकार ने एक सदमे में छोड़ दी थी दुनिया। करीब 65 साल बाद आज भी खास ये गाना। इस गाने की सिंगर ने जीता था फिल्मफेयर अवॉर्ड।

भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना…इस गाने को आपने नजाने कितनी ही बार सुना होगा। भाई और बहन के पवित्र रिश्ते पर बना ये गाना आत्मा को सुकून पहुंचाता है। ब्लैक एंड वाइट जमाने का ये गाना आज भी रक्षाबंधन के मौके का सबसे खास गाना है। जब ये गाना 50 के दशक की धुनों के बीच बजता है यो मानों दिल खुश हो जाता। स्क्रीन पर नंदा और उअर बलराज साहनी जैसे एक्टर्स अपने चेहरे के भाव से इस गाने को और पवित्र बना देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं भाई बहन के रिश्ते पर बना ये गाना किसने लिखा था? इस गाने को गाने वाली सिंगर ने जीता था फिल्मफेयर अवॉर्ड।
भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना…
1959 में एक फिल्म आई थी छोटी बहन। फिल्म की कहानी दो भाइयों और उनकी एक छोटी बहन पर बेस्ड थी। फिल्म में बलराज साहनी ने लीड एक्टर का किरदार निभाया, उनके साथ उनके छोटे भाई शेखर के किरदार में एक्टर रहमान थे और बहन थी नंदा। गरीबी में जीवन जी रहे रहे ये तीनों भाई-बहन खुशहाल थे। इसी दौरान ये भाई बहन रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं। लता मंगेशकर की आवाज में ये गाना एक्ट्रेस नंदा पर फिल्माया गया है। फिल्म में एक्ट्रेस अपने दोनों भाइयों को राखी बांधने के दौरान ये गाना गाती हैं। इस गाने का जब अंतरा शुरू होता है तो आप हर कड़ी से जुड़ जाएंगे। इस खूबसूरत गाने को शैलेंद्र ने लिखा था। लता मंगेशकर ने इस गाने के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता।
इस गीतकार ने लिखा ये गाना
शैलेंद्र ने अपने फिल्मी करियर में कई यादगार गाने लिखे थे। उनमें से एक ये भाई-बहन के रिश्ते पर बना प्यारा गाना। शैलेंद्र के लिखे हुए गानों में सरल शब्दों का इस्तेमाल मिलता है। यही शब्द सुनने वाले को एक अलग दुनिया का एहसास करवाते। राज कपूर के करीबी और उनकी कई फिल्मों के लिए गीत लिखने वाले शैलेंद्र ने अपने जीवन में एक ही फिल्म प्रोड्यूस की।इस फिल्म का नाम था तीसरी कसम जिसमें राज कपूर, वहीदा रहमान लीड रोल में थे, बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म फ्लॉप रही। इसी सदमे में शैलेंद्र चल बसे। लेकिन बाद में इसी फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड जीता। राज कपूर के लिए आवारा हूं, मेरा जूता है जापानी, प्यार हुआ इकरार हुआ जैसे यादगार गाने लिखे थे।
फिल्म की कहानी और अंत
फिल्म छोटी बहन की बात करें तो इस फिल्म में की कहानी दुखद थी। फिल्म में छोटी बहन की आंखों की रौशनी चली जाती है। दोनों भाइयों में टकराव हो जाता है। ये भाई बहन बिछड़ जाते हैं। लेकिन कहानी का अंत उतना ही सुखद, इन भाई बहन के मिलन का सुख और हैपी एंडिंग के साथ ये फिल्म खत्म हो जाती है।


