Awarapan 2 Review: इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ कैसी है, थिएटर्स में देखने लायक है या नहीं?
Awarapan 2 Review in Hindi: इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म की टिकट बुक करने से पहले इसका स्पॉइलर फ्री रिव्यू पढ़ लीजिए।

2007 में आई 'आवारापन' ने अपनी बेहतरीन कहानी, दर्दभरे गानों और इमरान हाशमी के आइकॉनिक किरदार 'शिवम' के दम पर दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार 'आवारापन 2' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। अगर आप सोच रहे हैं कि क्या यह सीक्वल पहले पार्ट के उस जादू को दोहरा पाता है या नहीं, तो आइए जानते हैं इस डिटेल रिव्यू में।
कलाकार: इमरान हाशमी, दिशा पटानी, पूरन गब्बी, शबाना आजमी
डायरेक्शन: नितिन कक्कड़
रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की शुरुआत वहीं से होती है जहां से शिवम (इमरान हाशमी) की जिंदगी का नया पन्ना खुलता है। पहले पार्ट की ही तरह, इस पार्ट में भी शिवम के जीवन में 'आलिया' की एंट्री होती है। लेकिन इस बार परिस्थितियां और वजहें बिल्कुल अलग हैं। शिवम और आलिया की यह मुलाकात कैसे होती है, उनके बीच क्या मोड़ आते हैं और यह सफर उन्हें कहां ले जाता है—इस रहस्य और रोमांच को जानने के लिए आपको थिएटर का रुख करना होगा।
क्या 'आवारापन 2' देखने से पहले 'आवारापन 1' देखना जरूरी है?
हां! अगर पहला पार्ट देखेंगे तभी आप शिवम के दिल के उस गहरे दर्द और उसकी असली ताकत को महसूस कर पाएंगे।
एक्टिंग: किसने मारी बाजी?
फिल्म में लीड एक्टर इमरान हाशमी और दिशा पाटनी हैं। इमरान ने एक बार फिर अपने सीरियस और इंटेंस लुक से शिवम के किरदार में जान फूंकने की पूरी कोशिश की है। वहीं दिशा पाटनी भी अपनी भूमिका में फिट बैठती हैं। भले ही फिल्म का मुख्य चेहरा इमरान और दिशा हों, लेकिन इस बार सारी लाइमलाइट पूरन गब्बी ले उड़े हैं! फिल्म में 'जोरावर' का किरदार निभा रहे पूरन ने इतना शानदार और दमदार अभिनय किया है कि आप उनसे नजरें नहीं हटा पाएंगे। वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी की मौजूदगी फिल्म को एक अलग मजबूती देती है। उनके इस तरह के किरदार में देखना कुछ अलग है।
क्या कहानी प्रीडिक्टेबल है?
अक्सर सीक्वल फिल्मों के साथ यह डर रहता है। लोगों के मन में ये सवाल आता है कि कहीं कहानी खिंची हुई या पुरानी तो नहीं? लेकिन 'आवारापन 2' में ऐसा नहीं है। ये फिल्म बहुत ज्यादा ट्विस्ट से भरी नहीं है, लेकिन जहां-जहां आपको लगता है कि कहानी प्रीडिक्टेबल हो रही है, ठीक उसी मोड़ पर मेकर्स एक ऐसा ट्विस्ट ले आते हैं जो दर्शकों को अपनी सीट पर बांधकर रखता है और फिल्म देखने का मजा दोगुना कर देता है। अच्छी बात ये है कि कहानी को बेवजह लंबा नहीं खींचा गया है।
रोंगटे खड़े कर देने वाला नॉस्टेल्जिया
'आवारापन' फ्रेंचाइजी की आत्मा हमेशा से उसके गाने रहे हैं और दूसरा पार्ट में भी इस आत्मा को बरकरार रखा गया है। फिल्म के गाने आपको तुरंत नॉस्टेलजिक फीलिंग में ले जाते हैं। बैकग्राउंड स्कोर और गानों का कॉम्बिनेशन कई मौकों पर रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव देता है। फिल्म में श्रेया सरन का कैमियो सोने पर सुहागा का काम करता है, जो पुराने पार्ट से जुड़ी यादों को फिर से तरोताजा कर देता है।
5 में से 3 स्टार ही क्यों दिए?
हमने इसको 3 स्टार्स दिए हैं। दो स्टार्स इसलिए कम किए हैं क्योंकि इसकी कहानी घिसी पिटी है। इस फिल्म में जिस विषय पर बात की गई है वो विषय बीते कई सालों से कई सारी फिल्में में दिखाया गया है। हाल ही में आई रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ की भी यही कहानी थी। इसके अलावा इसका एंड भी बोरिंग लगा।
देखें या नहीं?
'आवारापन 2' एक इमोशनल, इंटेंस और मनोरंजक सीक्वल है। अगर आप इमरान हाशमी के फैन हैं और 'आवारापन' आपको पसंद आइ्र थी तो आपको ये फिल्म देखनी चाहिए।


