विराट-अनुष्का ने भीड़ के बीच बैठ सुना प्रेमानंदजी का सत्संग, देखें गुरु से इस बार मिला क्या ज्ञान
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर से प्रेमानंद महाराज के दरबार वृंदावन पहुंचे। इस बार दोनों भीड़ के बीच बैठकर महाराज से ज्ञान ले रहे थे। बताया जा रहा है कि यह सुबह साढ़े पांच बजे वाला सत्संग था।

अनुष्का शर्मा और उनके पति विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के बड़े अनुयायी हैं। दोनों अक्सर उनके दरबार केलिकुंज में पहुंचकर मन की जिज्ञासाएं शांत करते हैं। ज्यादातर जब विराट और अनुष्का प्रेमानंदजी से मिलते हैं तो वहां कम भीड़ होती है। अब उनका रीसेंट वीडियो सामने आया है जिसमें दोनों भीड़ से भरे कमरे में आगे बैठकर प्रवचन सुन रहे हैं। यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो में कई लोगों ने की नजर इस भक्ति में डूबे कपल पर पड़ी। यहां जानें प्रेमानंदजी से विराट और अनुष्का को क्या ज्ञान मिला।
प्रेमानंदजी से पूछा गया ये सवाल
यूट्यूब चैनल भक्ति मार्ग पर जो वीडियो अपलोड किया गया है उसमें सवाल विराट और अनुष्का का नहीं है। हालांकि कुछ लोग लिख रहे हैं कि सवाल अनुष्का का था जो किसी और से पुछवाया गया। किसी और शख्स ने पूछा है जिसका जवाब प्रेमानंदजी दे रहे हैं और विराट-अनुष्का वहीं बैठकर शांत भाव से ज्ञान अर्जित कर रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि दिल्ली के मनीष नाम के शख्स की तरफ से सवाल आता है, 'महाराज जी पूर्ण शरणागति किसे कहते हैं? दीक्षा लेने में एवं पूर्ण शरणागति में क्या अंतर है महाराज जी?'
प्रेमानंदजी का जवाब
इस पर प्रेमानंदजी बोलते हैं, 'दीक्षा तो पूर्ण शरणागति की प्रारंभिक सीढ़ी है। पूर्ण शरणागति का स्वरूप होता है। शरीर की जितनी चेष्टाएं हैं वह सब अपने ईष्ट की प्रियता के लिए हो। बहुत समझने का विषय है। अभी हमारी शरीर की जितनी चेष्टाएं होती हैं, सब इंद्रिय और मन की प्रियता के लिए होती हैं। हमारा मन जैसा कहा वैसी हमने इंद्रियों ने चेष्टाएं की, क्रियाएं कीं। शरणागत का मन भगवान के चरणारविंद में समर्पित होता है। इसलिए वह कभी ईष्ट के प्रतिकूल मन से इंद्रियों से शरीर से कोई भी चेष्टा नहीं करता, श्रीकृष्ण अनुकूलन अपने आराध्य देव के सदैव अनुकूल आचरण करता है तो उसका शरीर समर्पित माना जाता है। वाणी के द्वारा नाम जप नाम कीर्तन भगवत लीला गुणानुवाद और हितकर मृदु वचन यह करते हुए वाणी से कभी अन्य का भरोसा ना ले केवल अपने ईष्ट का भरोसा, वाणी से भी हमारी जुबान किसी और के सामने यह ना बोल दे कि बस आपका ही भरोसा है। आपका ही सहारा है। नहीं श्रीजी की कृपा है। श्रीजी का ही भरोसा है।'
किसी को ना दें ईष्ट की जगह
प्रेमानंदजी आगे बोलते हैं, बस वाणी से भी कभी हम किसी दूसरे को वो स्थान ना दें जो अपने ईष्ट और गुरु को देते हैं। तो हमारी वाणी समर्पित मन का कार्य है, संकल्प विकल्प करना। संकल्प विकल्प भोगों का करता है। मान प्रतिष्ठा के प्रति करता है और व्यवहार के प्रति करता है। लेकिन शरणागत का मन ईष्ट और गुरु के लिए संकल्प विकल्प करता है। प्रभु के विषय में ही वह सोचता रहता है। कैसे मैं अपने ईष्ट को सुख पहुंचाऊं।
बुरे वक्त पर डरने वाला कायर
महाराज आगे बोलते हैं, उत्तम विद्यार्थी जो पढ़ने वाला होता है जब परीक्षा का समय आता है तो आनंदित होता है कि जो मैंने साल भर पढ़ाई की आज उसका निर्णय होगा। जो कमजोर होता है कायर होता है वो डरपोक डर जाता है। परीक्षा का समय आ रहा है मैं क्या लिखूंगा। क्यों? क्योंकि मनोरंजन करते रहे। ऐसे ही जो भगवान को समर्पित होता है उसकी जब प्रतिकूलता आती है उसके जीवन में तो उसे आनंद आता है। प्रभु ये देखना चाहते हैं कि शरीर मेरा या तेरा करो प्रभु जोई जोई प्यारो करे सोई मोह भावे प्रभु ये आपका शरीर है आप इसे चाहे जैसे चलाओ ये आपका मन है। ये आपकी वाणी है। ये आपका धन है, आपका जीवन है, आपके लिए समर्पण बस और था क्या आपका और रहेगा।
क्या बोले लोग
विराट अनुष्का को बैठा देख एक यूट्यूब यूजर ने लिखा है, 'विराट-अनुष्का आए हैं। राधे-राधे महाराजजी। आपकी वजह से मुझे प्रेमानंद महाराज मिले, थैंक यू विराट-अनुष्का।' एक ने लिखा है, विराट और अनुष्का फिर से। एक कमेंट है, यहां इंस्टाग्राम से विराट-अनुष्का को देखने कौन-कौन आया है। किसी ने लिखा है, ये अनुष्काजी का ही प्रश्न था।
लेखक के बारे में
Kajal Sharmaशॉर्ट बायो : काजल शर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
काजल शर्मा भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम की लीड हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
काजल ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2014 में अमर उजाला डिजिटल के साथ उन्होंने न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 2017 से 2020 तक नवभारत टाइम्स (NBT) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल कवरेज के बाद वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़ीं और वर्तमान में इन दोनों सेक्शंस की टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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B.Sc (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण काजल को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह मनोरंजन बीट पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिख रही हैं।
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