सतलुज को OTT से हटाए जाने के सपोर्ट में अन्नू कपूर! बोले- दिक्कत है तो कोर्ट के पास जाइए
Annu Kapoor: दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को ओटीटी से हटाए जाने के फैसले का अन्नू कपूर ने सपोर्ट किया है और कहा है कि जब सेंसर बोर्ड ने अनुमति नहीं दी थी, तो मेकर्स को यह फिल्म ओटीटी पर अपलोड ही नहीं करनी चाहिए थी।

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बनी रही है। जहां एक तरफ सोशल मीडिया पर लोगों ने इस फिल्म का खुलकर सपोर्ट किया और इसे OTT से हटाए जाने के फैसले पर गुस्सा जाहिर किया, वहीं अब एक्टर अन्नू कपूर ने इस मामले में अप्रत्यक्ष रूप से सरकार का सपोर्ट किया है। अन्नू कपूर ने कहा कि इस मामले में फिल्ममेकर्स को पब्लिक की सहानुभूति बटोरने की बजाए सरकार को सीधे तौर पर कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए। मालूम हो कि पहले फिल्म का टाइटल कई बार बदला गया और फिर सेंसर बोर्ड के कहने पर इसमें कई जगह बदलाव किए गए। फाइनली जब यह मूवी थिएटर्स की जगह ओटीटी पर रिलीज हुई तो इसे 2 ही दिन बाद ZEE5 से हटा दिया गया।
पब्लिक के बीच रोने से क्या होगा?
अब लीजेंडरी एक्टर अन्नू कपूर ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि फिल्ममेकर्स को इस मामले में लीगल रुख अपनाना चाहिए। एक हालिया इंटरव्यू में 70 वर्षीय अन्नू कपूर ने कहा, "आपने अपना पक्ष रखा, लेकिन नियम और कानून तो होते ही हैं।" अन्नू कपूर ने कहा कि नियम और कानून तो होते ही हैं, अगर सेंसर बोर्ड ने इजाजत नहीं दी थी, तो आपने इसे अपलोड किया ही क्यों? एक्टर ने कहा कि वह अच्छी तरह जानते हैं कि किसी प्रोजेक्ट का टॉपिक विवादित हो सकता है, लेकिन अगर उन्हें लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है, तो बजाए जनता की सहानुभूति लूटने के, उन्हें कोर्ट का रुख करना चाहिए।
निर्माताओं को सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए
'विक्की डोनर', 'ड्रीम गर्ल', 'हमारे बारह' और 'तेजाब' जैसी फिल्मों का हिस्सा रह चुके अन्नू कपूर ने कहा कि यह खुद पर दया महसूस करने जैसा है। आपको इसके बजाय सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए। आप इसको लेकर रो क्यों रहे हैं? शिकायत क्यों कर रहे हैं? एक्टर ने कहा कि इस तरह की सिचुएशन के लिए एक उचित कानूनी रास्ता मौजूद है, इसलिए इस मुद्दे पर पब्लिकली रोने की कोई जरूरत नहीं है। अन्नू कपूर ने कहा कि इस तरह के मुद्दों का हल कोर्ट में होना चाहिए ना कि जनता के बीच। जब अन्नू कपूर से पूछा गया कि क्या एक्टर्स को राजनीति से दूर रहना चाहिए? तो इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हम अपनी राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक परिस्थितियों के परिणाम हैं।
बदला गया नाम, लगाए गए कट, कैंसिल हुई स्क्रीनिंग
अन्नू कपूर ने कहा कि हम सभी को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन कुछ लोग जान बूझकर विवाद पैदा करना चाहते हैं। बता दें कि सतलुज पहले सिनेमाघरों में 'पंजाब 95' नाम से रिलीज होने वाली थी। लेकिन फिल्म के कॉन्टेंट को लेकर सेंसर बोर्ड आश्वस्त नहीं था। फिल्म में CBFC ने मेकर्स से कुल 127 कट लगाने के लिए कहा जिसके बाद भारतीय अधिकारियों की कथित आपत्तियों के चलते 2023 टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में इसकी स्क्रीनिंग भी कैंसिल कर दी गई थी।
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