अमिताभ बच्चन ने अपनी फिल्म के गाए ये 10 गानें, रेखा संग आखिरी थी ये फिल्म, आज भी सुपरहिट है ये सॉन्ग
अपनी दमदार एक्टिंग के साथ अमिताभ ने अपनी ही कई फिल्मों में अपनी आवाज भी दी हैं। आज हम आपको अमिताभ बच्चन की उन फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके गाने खुद बिग बी ने गाए हैं और वो सभी सुपरहिट रहे।

बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अपने करियर में अमिताभ ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। अपनी दमदार एक्टिंग के साथ अमिताभ ने अपनी ही कई फिल्मों में अपनी आवाज भी दी हैं। जी हां, आज हम आपको अमिताभ बच्चन की उन फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके गाने खुद बिग बी ने गाए हैं और वो सभी सुपरहिट रहे। तो चलिए जानते हैं उन गानों की लिस्ट...
1. मेरे पास आओ मेरे मेरे दोस्तों – मिस्टर नटवरलाल (1979)
बच्चों के लिए बना यह गाना पहली बार था जब अमिताभ बच्चन ने किसी हिंदी फिल्म के लिए गाना गाया था। इसे राजेश रोशन ने कंपोज किया था, और आनंद बख्शी ने इसके बोल इस तरह लिखे थे जैसे फिल्म का मुख्य किरदार कोई कहानी सुना रहा हो। एक छोटे से इंट्रोडक्शन के बाद गाने की लाइनें थीं, 'मेरे पास आओ मेरे मेरे दोस्तों एक किस्सा सुनाऊं'।
2. मैं यहां तू वहां – बागबान (2003)
बागबान का गाना 'होली खेले रघुबीरा' काफी हिट हुआ था, लेकिन बच्चन और अलका याग्निक की आवाज में गाया 'मैं यहां तू वहां' गाना अपनी उदासी और रोमांटिक एहसास के लिए जाना जाता है। इस गाने की धुन आदेश श्रीवास्तव ने बनाई थी और समीर ने इसके बोल लिखे थे। ये गाना अमिताभ और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था।
3. चल मेरे भाई – नसीब (1981)
साल 1981 में, बच्चन ने कई गानों में अपनी आवाज दी। वहीं, 'चल मेरे भाई' यह एक सिचुएशनल गाना था] जिसमें उन्होंने एक शराबी इंसान का रोल किया था] जिसे उसका भाई (ऋषि कपूर) घर वापस आने के लिए मनाता है। मोहम्मद रफी ने ऋषि के लिए मेन धुन गाई, जैसा कि बख्शी ने लिखा, 'चल मेरे भाई, चल चल मेरे भाई तेरे हाथ जोड़ता हूं, हाथ जोड़ता हूं, तेरे पैर पड़ता हूं, चल मेरे भाई'। म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था। बच्चन ने अपनी लाइनें आधे-अधूरे तरीके से बोलीं, सीन के हिसाब से लड़खड़ाते हुए।
4. मेरे अंगने में - लावारिस
इसके अलावा अमिताभ ने 'लावारिस' फिल्म का सुपरहिट गाना 'मेरे अंगने में' को भी अपनी आवाज दी है। इस गाने में वो दुख फीमेल गेटअप में नजर आए थ।
5. रंग बरसे – सिलसिला
अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फिल्म 'सिलसिला' काफी पसंद की गई थी। इस फिल्म में अमिताभ के साथ उनकी पत्नी जया बच्चन, एक्ट्रेस रेखा और संजीव कुमार लीड रोल में थे। इस फिल्म का होली गीत 'रंग बरसे' अमिताभ ने गाया था। चार दशक बाद भी, अमिताभ बच्चन की मधुर आवाज और इस सदाबहार गीत के बिना कोई भी होली पार्टी अधूरी है।
6. तू मायके मत जइयो – पुकार (1983)
यह बच्चन और जीनत अमान का एक जोशीला ग्रुप सॉन्ग था। गुलशन बावरा ने गाने के बोल अलग-अलग कैलेंडर महीनों के हिसाब से रखे और मेन लाइनें 'तू मइके मत जइयो, मत जइयो मेरी जान' रखीं। जहां बच्चन ने मेन लाइनें गाई, वहीं म्यूजिक डायरेक्टर आर.डी. बर्मन ने भी थोड़ा सा हिस्सा गाया।
7. ईर बीर फत्ते – प्राइवेट एल्बम एबी बेबी (1996)
साल 1996 में जब इंडिपॉप लहर पूरे जोंरों पर थी तब अमिताभ बच्चन ने अपना प्राइवेट एल्बम एबी बेबी रिलीज किया था। इस वीडियो गाने को बल्ली सागू ने बनाया था, जिसके बोल हरिवंशराय बच्चन के एक गाने से प्रेरित थे। यह एक मजेदार गाना था जिसकी लाइनें थीं, 'एक राहें ईर, एक राहें बीर, एक रहे फत्ते, एक रहें हम'। वीडियो में कुछ दिलचस्प कोरियोग्राफी थी।
8. एकला चोलो रे - कहानी (2012)
रवीन्द्रनाथ टैगोर के गीत 'एकला चोलो' को बच्चन ने विद्या बालन की फिल्म कहानी में गाया था। विशाल-शेखर ने संगीत तैयार किया और क्लिंटन सेरेजो और अन्य ने अंग्रेजी में कुछ पंक्तियां गाईं।
9. तू चल – पिंक (2016)
शूजित सरकार की फिल्म 'पिंक' में अमिताभ द्वारा सुनाई गई एक बहुत ही दमदार मोटिवेशनल कविता थी , जिसमें वह और तापसी पन्नू हैं। तनवीर गाजी के शब्द शुरू हुए, 'तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश है, तू चल, तेरे वजूद की समय को भी तलाश है, समय को भी तलाश है'। म्यूजिक डायरेक्टर शांतनु मोइत्रा ने बैकग्राउंड में पियानो और एक वोकल अलाप का इस्तेमाल किया, और आखिर में जो नतीजा आया उसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए।
10. बदुम्बा! – 102 नॉट आउट (2018)
अमिताभ ने ऋषि कपूर संग 102 नॉट आउट फिल्म में काम किया था। इस फिल्म में उन्होंने 75 साल के आदमी के 102 साल के पिता का रोल किया था। यह सीनियर एक्टर्स वाला 'बदुम्बा' एक मजेदार गाना था। मजेदार बात यह है कि अपना हिस्सा गाने के अलावा, बच्चन ने गाना भी बनाया, जिसमें ऋषि कपूर ने भी अपनी आवाज दी। मज़ेदार एलिमेंट लाने के लिए, गीतकार अमिताभ भट्टाचार्य ने ‘बडुम्बा’ और ‘ज़ुम्बा’ जैसे फालतू शब्दों का इस्तेमाल किया।
लेखक के बारे में
Priti Kushwahaप्रीति कुशवाहा को डिजिटल मीडिया में 9+ सालों का प्रोफेशनल एक्सपीरियंस है। वह फिलहाल 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के मनोरंजन सेक्शन में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। प्रीति को मनोरंजन जगत के हर इवेंट, मूवी रिलीज और लाइव इवेंट्स को कवर करना पसंद है।
करियर
प्रीति ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया कानपुर हिन्दुस्तान प्रिंट से की थी। इसके बाद मेरठ जनवाणी में फीचर डेस्क पर एक साल काम किया। इसके बाद दैनिक भास्कर (रोहतक) में सब-एडिटर के तौर पर एक साल में काम। साल 2019 में डिजिटल मीडिया में काम शुरू किया और राजस्थान पत्रिका (जयपुर) में डिजिटल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता, वीडियो कंटेंट पर काम किया। गृहलक्ष्मी मैगजीन में उनके डिजिटल और मैगजीन के लिए काम किया। दैनिक जागरण डिजिटल में साढ़े तीन साल एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा रहीं।
एजुकेशन: प्रीति ने कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री और फिर भारतीय विद्या भवन से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। साथ ही राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
एंटरटेनमेंट पत्रकारिता और डिजिटल विजन: प्रीति का मानना है कि एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में खबरों को रोचक बनाने के साथ ही उसमें फैक्ट का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही सोशल मीडिया के ट्रेंड को फॉलो करना बेहद जरूरी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऑडियंस बिहेवियर को समझकर वह हाई-रीच और हाई-एंगेजमेंट स्टोरीज तैयार करती हैं।
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