अमिताभ बच्चन ने सुनाया धर्मेंद्र के घर से जुड़ा किस्सा, बोले- 4-5 आदमी सीढ़ी चढ़कर...
कौन बनेगा करोड़पति के एक एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने अपने दोस्त धर्मेंद्र को याद किया। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र का घर ऐसा था कि वहां कोई भी आ जा सकता था। उन्होंने इसी जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया।

अमिताभ बच्चन कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन के साथ वापसी कर चुके हैं। नए सीजन के एक एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने धर्मेंद्र से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे धर्मेंद्र के घर में किसी के भी आने-जाने पर कोई रोक नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनके घर कोई भी आ जा सकता था।
अमिताभ बच्चन ने की धर्मेंद्र की तारीफ
बिग बी ने धर्मेंद्र को याद करते हुए कहा कि इनका घर ऐसा था जहां कोई भी आ जा सकता था। उनके घर पर आनेवाले हर शख्स का स्वागत अपनेपन से होता था। धर्मेंद्र की इसी दरियादिली से जुड़ा किस्सा अमिताभ बच्चन ने शो पर सुनाया।
अमिताभ ने सुनाया धर्मेंद्र के घर से जुड़ा किस्सा
उन्होंने कहा, “एक बात बता दूं इनके घर के बारे में। सर, इनका घर जो है ना, वो सबके लिए फ्री है। जो आएगा...ये आपका ही घर है। एक दिन मुझे याद है धर्म जी आए और देखा कि 4-5 आदमी सीढ़ी चढ़कर जा रहे हैं, तो उन्होंने पूछा भाई, कौन हैं आप? क्या कर रहे हैं? तो बोला कि गांव से आए हैं। उन्हें खुद भी नहीं पता होता था कि कितने लोग आते हैं...बहुत बड़ा दिल था।”
दोस्ती की मिसाल बने धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन
धर्मेंद्र इंडस्ट्री में अमिताभ बच्चन के सीनियर थे। दोनों की दोस्ती बहुत पुरानी है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में शोले शामिल है। इस फिल्म में अमिताभ और धर्मेंद्र ने जय-वीरू का किरदार निभाया था। दोनों का इन किरदारों ने लोगों के मन में ऐसी छाप छोड़ी कि आज भी दो दोस्तों को देख लोग जय और वीरू ही कहते हैं।
2025 में हुआ था धर्मेंद्र का निधन
धर्मेंद्र की बात करें तो नवंबर 2025 में एक्टर का निधन हुआ। उनके निधन से आज भी उनके परिवार के लोग और फैंस उभर नहीं पाए हैं। सलमान खान भी धर्मेंद्र के निधन से काफी परेशान हुए थे। बिग बॉस के एक एपिसोड में धर्मेंद्र के बारे में बात करते-करते सलमान खान इमोशनल हो गए थे। धर्मेंद्र सलमान खान को अपने बेटे की तरह मानते थे।
बता दें, धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 आज यानी 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म की शुरुआत में सनी देओल ने अपने पिता को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। बंटवारा 1947 की बात करें तो ये फिल्म एक भावुक कर देने वाली फिल्म है। ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के विभाजन के दौर में लिखी गई कहानी है।


