अमिताभ बच्चन को हो रही फोकस में दिक्कत! 'फैमिली और दोस्त डालते हैं रुकावट', वर्क एथिक्स पर दे डाली ये सलाह

Priti Kushwaha लाइव हिन्दुस्तान
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बिग बी का लेटेस्ट पोस्ट चर्चा में बना हुआ है। इस पोस्ट में उन्होंने स्टीव जॉब्स के बारे में पढ़ी एक सलाह शेयर की, जिसमें उन्होंने बताया कि एप्पल के CEO जिंदगी में ‘फोकस’ की अहमियत को कैसे देखते थे।

अमिताभ बच्चन को हो रही फोकस में दिक्कत! 'फैमिली और दोस्त डालते हैं रुकावट', वर्क एथिक्स पर दे डाली ये सलाह

बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन हमेशा ही खबरों में छाए रहते हैं। प्रोफेशनल लाइफ के साथ अमिताभ सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहते हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि बिग बी के दिन की शुरुआत सोशल मीडिया पर पोस्ट के शुरू होती है। इसके साथ ही अपने टम्बलर अकाउंट पर अपनी डेली लाइफ, काम और जिंदगी के बारे में सोच, दोस्तों और अपने करियर के बारे में अपडेट शेयर करते हैं। ऐस में अब बिग बी का लेटेस्ट पोस्ट चर्चा में बना हुआ है। इस पोस्ट में उन्होंने स्टीव जॉब्स के बारे में पढ़ी एक सलाह शेयर की, जिसमें उन्होंने बताया कि एप्पल के CEO जिंदगी में ‘फोकस’ की अहमियत को कैसे देखते थे।

अमिताभ ने क्या कहा

अमिताभ बच्चन ने टम्बलर अकाउंट पर अपने पोस्ट की शुरुआत करते हुए लिखा, 'मैंने जिंदगी और काम करने के तरीकों (work ethics) के बारे में कुछ बहुत ही प्रेरणादायक शब्द पढ़े... दो शब्द... 'सिग्नल' और 'नॉइज़'... 'सिग्नल' का मतलब है 'फोकस'।'

दोस्तों या परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना...

अमिताभ ने आगे कहा, 'जब आप फोकस करते हैं, तो सिर्फ वही चीज मायने रखती है जो आपको आगे बढ़ाती है, यानी वह काम जो किया जाना है। कुछ दिनों में नहीं, कल नहीं, किसी खास समय पर नहीं... बल्कि 'अभी करो'!!!! 'नॉइज' (शोर) वे सभी दूसरी चीजें हैं जो सामाजिक तौर पर प्रासंगिक होने के लिए आपका ध्यान भटकाती हैं, जैसे मीडिया स्क्रॉल करने में समय बिताना, दोस्तों या परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना, ये सभी आपके 'फोकस' में रुकावट डालती हैं और इन्हें ही 'शोर' कहा जाता है तो अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप 'फोकस' (सिग्नल) के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं या 'नॉइज' के साथ। सफलता के फल हमेशा 'फोकस' से ही मिलते हैं... यह स्टीव जॉब्स से मिली एक बहुत ही बेहतरीन सीख है।'

दिमाग के 'सोचने वाले बटन' की जरूरत नहीं रही

दूरदर्शी इनोवेटर स्टीव जॉब्स, एप्पल के सह-संस्थापक, ने अपनी क्रिएटिविटी और लगातार इनोवेशन की चाह से दुनिया पर गहरा असर छोड़ा और लाखों लोगों को अलग सोचने के लिए प्रेरित किया। बता दें कि पिछले महीने, अमिताभ ने सोशल मीडिया के कल्चर और हर गुजरते दिन कैसे इतनी सारी अफवाहें जन्म लेती हैं, इस पर विस्तार से बात की थी। उन्होंने कहा, 'जानने की गति अब बस एक बटन दबाने जितनी तेज हो गई है। दिमाग के 'सोचने वाले बटन' की जरूरत नहीं रही, क्योंकि उस पर अब 'नेट' नाम के इस माध्यम का साया पड़ गया है। वहीं, नई-नई जानकारियां हमें मजबूर करती हैं कि हम सबसे नई चीजों के पीछे भागें और पुरानी, जानी-पहचानी चीजों को पीछे छोड़ दें।'

'समय' हमेशा से ही भरोसे का एक अहम जरिया रहा है

बिग बी ने आगे कहा, 'जो लोग पुराने जमाने में जी चुके हैं और अब एक बिल्कुल अलग कार्यप्रणाली से घिरे हुए हैं, उनके लिए यह समय की एक दिलचस्प कहानी है। 'समय' हमेशा से ही भरोसे का एक अहम जरिया रहा है और यह एक सुखद पुरानी यादें भी लेकर आता है, जिसे सिर्फ वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने उस अतीत को जिया है। 'आज' की पीढ़ी शायद इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देती। वे पूरी तरह से 'अभी' में डूबे रहते हैं, ठीक वैसे ही जैसे हम अपने जमाने में डूबे रहते थे, जब हम उनकी उम्र के थे और नई-नई खोजों और निर्देशों का सामना कर रहे थे।'

अमिताभ का वर्कफ्रंट

अमिताभ के वर्क फ्रंट की बात करें तो आखिरी बार 'कल्कि 2898 AD' में दिखे थे। नाग अश्विन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में प्रभास, दीपिका पादुकोण और कमल हासन भी लीड रोल में थे। साइंस-फिक्शन ड्रामा में अश्वत्थामा के रोल में बिग बी ने सबका दिल जीत लिया और फिल्म ने दुनिया भर में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करके बड़ी सफलता हासिल की। वह अभी फिल्म के सीक्वल की शूटिंग कर रहे हैं।

Priti Kushwaha

लेखक के बारे में

Priti Kushwaha

प्रीति कुशवाहा को डिजिटल मीडिया में 9+ सालों का प्रोफेशनल एक्सपीरियंस है। वह फिलहाल 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के मनोरंजन सेक्शन में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। प्रीति को मनोरंजन जगत के हर इवेंट, मूवी रिलीज और लाइव इवेंट्स को कवर करना पसंद है।

करियर
प्रीति ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया कानपुर हिन्दुस्तान प्रिंट से की थी। इसके बाद मेरठ जनवाणी में फीचर डेस्क पर एक साल काम किया। इसके बाद दैनिक भास्कर (रोहतक) में सब-एडिटर के तौर पर एक साल में काम। साल 2019 में डिजिटल मीडिया में काम शुरू किया और राजस्थान पत्रिका (जयपुर) में डिजिटल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता, वीडियो कंटेंट पर काम किया। गृहलक्ष्मी मैगजीन में उनके डिजिटल और मैगजीन के लिए काम किया। दैनिक जागरण डिजिटल में साढ़े तीन साल एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा रहीं।

एजुकेशन: प्रीति ने कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री और फिर भारतीय विद्या भवन से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। साथ ही राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।

एंटरटेनमेंट पत्रकारिता और डिजिटल विजन: प्रीति का मानना है कि एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में खबरों को रोचक बनाने के साथ ही उसमें फैक्ट का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही सोशल मीडिया के ट्रेंड को फॉलो करना बेहद जरूरी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऑडियंस बिहेवियर को समझकर वह हाई-रीच और हाई-एंगेजमेंट स्टोरीज तैयार करती हैं।

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