साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे…अमिताभ बच्चन का ये पंजाबी गाना इस हिंदी गीतकार ने लिखा था, फ्लॉप थी फिल्म

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अमिताभ बच्चन की फिल्म में बजा पंजाबी गाना 'ना ना ना ना रे, साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे इस हिंदी गीतकार ने लिखा था। दिलेर मेहंदी ने दी थी अपनी आवाज। आज भी सुपरहिट है ये गाना।

साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे…अमिताभ बच्चन का ये पंजाबी गाना इस हिंदी गीतकार ने लिखा था, फ्लॉप थी फिल्म

अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में वैसे तो कई यादगार फिल्में की हैं। लेकिन एलक ऐसी भी फिल्म है जो ऑडियंस को याद यो नहीं लेकिन इस फिल्म का एक गाना पार्टी की शान बन गया। इस हिंदी-पंजाबी गाने को दिलेर मेहंदी ने गाया था। ये गाना था 'ना ना ना रे, साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे, जिंदगी के सारे मजे कैश करोगे'। अमिताभ बच्चन की आवाज के लिए सुदेश भोसले को बुलाया गया था। लेकिन क्या आप जानते हैं इस पंजाबी गाने को हिंदी गाने लिखने वाले इस मशहूर गीतकार ने लिखा था।

‘ना ना ना ना रे, साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे, जिंदगी के सारे मजे कैश करोगे'।

70 और 80 के दशक में अमिताभ बच्चन का हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पर राज रहा है। लेकिन 90 के दशक में नए एक्टर की डिमांड बढ़ गई और अमिताभ बच्चन ने अपने करियर का एक बड़ा ब्रेक लिया। इस दौरान अमिताभ बच्चन ने अपनी कंपनी ABCL की शुरुआत भी की। इसी कंपनी के अंदर एक्टर ने एक फिल्म बनाई मृत्युदाता। 1997 में आई ये फिल्म अमिताभ बच्चन का कमबैक मानी जा रही थी। इससे पहले एक्टर ने 5 साल का लंबा ब्रेक लिया था। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई। लेकिन इस फिल्म का एक पंजाबी-हिंदी गाना हर जनरेशन की ऑडियंस के लिए खास बन गया। वो गाना था ‘ना ना ना रे, साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे, जिंदगी के सारे मजे कैश करोगे'। इस गाने को पंजाबी सिंगर दिलेर मेहंदी और सुदेश भोसले ने गया था। फिल्म में एक्टर को दिलेर मेहंदी के साथ परफॉर्म करते भी देखा गया था।

ये गाना गीतकार समीर ने लिखा है

गाना ‘ना ना रे, साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे’ एक पंजाबी गाना है। अक्सर लोगों को ये ग़लतफ़हमी हो जाती है कि ये गाना किसी पंजाबी लोक गीत का हिस्सा है। लेकिन असल में इस गाने को हिंदी गाने लिखने वाले समीर अनजान ने लिखा था।

समीर की दोस्त के जुमले ने बना दिया ये गाना

समीर अनजान ने ये गाना लिखने के पीछे का किस्सा बताया था। उन्होंने कहा था, म्यूजिक कंपोजर आनंद-मिलिंद सिटिंग के दौरान गाने के बोल 'ना ना ना रे' गुनगुना रहे थे। तभी समीर को अपनी एक पत्रकार दोस्त की एक बात याद आई। समीर की वो दोस्त अक्सर बातचीत में एक लाइन कहा करती थी 'साडे नाल रहोगे तो ऐश करो'। बस ये लाइन समीर को याद आ गई और उन्होंने एक शानदार गाने का मुखड़ा बना दिया। इस गाने को दिलेर मेहंदी ने अपनी आवाज में अमर कर दिया।

Usha Shrivas

लेखक के बारे में

Usha Shrivas

परिचय और अनुभव: ऊषा श्रीवास भारतीय डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 9+ सालों का प्रोफेशनल एक्सपीरियंस है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के लाइव हिन्दुस्तान में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रही हैं। डिजिटल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता, वीडियो कंटेंट और ऑडियंस-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग में उनकी गहरी समझ उन्हें इस एरिया में एक मजबूत पहचान दिलाती है। करियर: पत्रकारिता में आने से पहले ऊषा अन्य कई फील्ड के साथ जुड़ी रही हैं। एकाध NGO के साथ काम करने के बाद Visa Facilitation Service (VFS) जैसी अंतरराष्ट्रीय वीजा प्रोवाइडर कंपनी में काम किया। फिर जर्नलिज्म को करियर बनाने के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जन संचार संस्थान(IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली, जिससे उन्हें न्यूज़ जजमेंट, कंटेंट स्ट्रक्चर और मीडिया एथिक्स की गहरी समझ मिली। अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत उन्होंने APN चैनल से की, जहां कंटेंट राइटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाली। यहां रहते हुए उन्होंने डिजिटल ऑडियंस के लिए ट्रेंड-आधारित स्टोरीज।


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