कियारा आडवाणी और यश के इंटीमेट सीन के बाद क्या सिद्धार्थ मल्होत्रा ने तमन्ना के साथ दिया किस सीन? जानें वीडियो का सच
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दोनों किस कर रहे हैं। लेकिन इस वीडियो का एक सच है जो आपको जानना चाहिए।

कियारा आडवाणी और यश के बीच फिल्म टॉक्सिक में कई इंटीमेट सीन थे जो काफी चर्चा में आए थे। कई ने तो मीम भी बनाए थे कि इन सीन पर कियारा के पति सिद्धार्थ मल्होत्रा का कैसा रिएक्शन होगा। अब इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें सिद्धार्थ और तमन्ना भाटिया लिप किस कर रहे हैं। लेकिन इस वीडियो का सच क्या है आपको बताते हैं।
क्या है वीडियो में
दरअसल, एक यूजर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया है जिसमें सिद्धार्थ और तमन्ना लिप किस कर रहे हैं। सबको लगा कि ये दोनों की अपकमिंग फिल्म द वन का है। लेकिन बता दें कि ऐसा नहीं है। ये वीडियो एआई के जरिए बनाया गया है। अगर आप वीडियो देखेंगे तो उसमें ग्रोक एआई का वाटर मार्क दिख रहा है।
लोगों के रिएक्शन सिद्धार्थ-तमन्ना के फेक वीडियो पर
इस वीडियो पर लोगों के बहुत रिएक्शन आ रहे हैं। एक ने लिखा कि ये परफेक्ट उदाहरण है कि आपको इंटरनेट नहीं यूज करना चाहिए। वहीं एक ने लिखा कि ये तो ऐसा दिखाना चाहते हैं कि सिद्धार्थ ने कियारा से बदला लेने के लिए तमन्ना के साथ ये सीन दिया है।
वहीं एक ने लिखा कि भाई ये किसिंग कॉम्पटीश नहीं, एआई जनरेशन कॉम्पटीशन है।
टॉक्सिक से क्लैश को टाला
द वन की बात करें तो यह फिल्म 28 अगस्त को रिलीज हो रही है। फिल्म को दीपक मिश्रा और अरुणभ कुमार ने डायरेक्ट किया है। फिल्म पहले 28 अगस्त को रिलीज होने वाली थी, लेकिन टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई और इस क्लैश को बचाने के लिए मेकर्स ने फिर रिलीज डेट को पोस्टपोन कर दिया। अब द वन 25 सितंबर को रिलीज होगी।
अगर फिल्म पहले रिलीज होती तो सिद्धार्थ और कियारा की बॉक्स ऑफिस पर बड़ी टक्कर होती।
द वन स्टोरी
फिल्म की स्टोरी की बात करें तो इसमें सिद्धार्थ एक शहरी सोच वाला इंसान है जो एक जंगल में चला जाता है जहां जाना मना है। उसके जंगल में जाने के बाद से गांव में कुछ ऐसी चीजें होने लग जाती हैं जिसके बाद आते हैं जबरदस्त ट्विस्ट और टर्न्स।
ऐसा कहा जा रहा है कि इस फिल्म की कहानी बिहार के एक सदियों पुराने मंदिर पर बेस्ड है जहां सूर्यास्त के बाद जाना मना है। इतना ही नहीं मंदिर के पंडित भी वहां सूर्यास्त के बाद नहीं रुकते हैं।


