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पाकिस्तान से आई उस चिट्ठी को देख बच्चों की तरह रोने लगे थे एक्टर ओम प्रकाश, लाने वाला शख्स था खास

पाकिस्तान से आई उस चिट्ठी को देख बच्चों की तरह रोने लगे थे एक्टर ओम प्रकाश, लाने वाला शख्स था खास

संक्षेप:

गुजरे जमाने के मशहूर एक्टर ओम प्रकाश के लिए उस दिन पाकिस्तान से एक चिट्ठी आई थी।जब ये चिट्ठी एक्टर तक पहुंची तो वो बच्चों की तरह रोने लगे। उन्होंने पाकिस्तान से चिट्ठी लाने वाले शख्स का हाथ चूम लिया।

Nov 18, 2025 12:20 pm ISTUsha Shrivas लाइव हिन्दुस्तान
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यह किस्सा है साल 1980 का, जब भारत और पाकिस्तान के कलाकारों के बीच दोस्ती और भावनाओं का एक अटूट बंधन बना था। उस साल, मशहूर पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली खान साहब पहली बार भारत में कॉन्सर्ट करने आए थे। उनकी टीम में एक तबला वादक भी थे, जिनका नाम था अब्दुल सत्तार तारी, जिन्हें लोग बाद में तारी खान के नाम से जानते होंगे। अब्दुल उस समय अपने काम के लिए मशहूर थे। उनके काम को संगीत की समझ रखने वाले लोग पहचानते थे। उस समय तारी कॉन्सर्ट के अलावा एक खास काम से भी मुंबई आए थे।

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तारी खान थे वो शख्स

मुंबई में हुए एक कॉन्सर्ट में, एक्टर जूनियर महमूद पहुंचे और उनकी मुलाकात गुलाम अली खान साहब और उनकी टीम से हुई। तारी खान और जूनियर महमूद में फौरन गहरी दोस्ती हो गई। जूनियर महमूद ने तारी खान को अपने घर न्योता दिया और वहीं रुकने को कहा। एक रात, बातचीत के दौरान तारी खान ने जूनियर महमूद से एक ऐसी इच्छा ज़ाहिर की, जिसके बिना उनका हिंदुस्तान आना अधूरा था। उन्होंने कहा, ‘जूनियर भाई, मैं सिर्फ शो के लिए ही नहीं, एक और तमन्ना दिल में लेकर आया हूँ। मुझे ओम प्रकाश से मिलना है, क्योंकि मेरे पास उनकी एक अमानत है।’ यह अमानत थी लाहौर से आई एक चिट्ठी है जो मुझे उनतक पहुंचानी है।

पकिस्तान से आई चिट्टी

जूनियर महमूद, ओम प्रकाश को जानते थे। उन्हें अंकल कहकर पुकारा करते थे। इसलिए वह तारी खान को लेकर दादर स्थित ओम प्रकाश के किराए के उस फ्लैट पर पहुंचे, जहां एक्टर अक्सर अपने खास दोस्तों के साथ महफ़िल जमाया करते थे। जूनियर महमूद ने ओम प्रकाश को बताया कि उनसे कोई लाहौर से मिलने आया है। लाहौर का नाम सुनते ही एक्टर एकदम शांत हो गए। लाहौर से उनका बचपन और जवानी का गहरा नाता था। वह मूलरूप से कश्मीर के थे, मगर लाहौर को उन्होंने अपना शहर बना लिया था और वहाँ ऑल इंडिया रेडियो में 'फ़तेहदीन' के नाम से काम करते थे।

इस खास शख्स ने भेजी थी चिट्ठी

जब तारी खान ने उन्हें वह लिफाफा सौंपा और चिट्ठी भेजने वाले रज़ाक खान का नाम बताया, तो नाम सुनते ही ओम प्रकाश एकदम भावुक हो गए। उनकी आंखों से टप-टप आंसू बहने लगे और वह सचमुच में रोने लगे। कमरे में मौजूद हर कोई यह देखकर हैरान था, क्योंकि किसी ने भी उस दिग्गज एक्टर को इस तरह फूट-फूटकर रोते नहीं देखा था। रोते-रोते ओम प्रकाश ने बताया कि रज़ाक खान उनके बचपन के दोस्त और पड़ोसी थे, जिनके साथ उन्होंने लाहौर में ढेर सारा वक़्त गुज़ारा था। उस चिट्ठी ने उन्हें सीधे अपने बचपन की यादों में पहुंचा दिया था।

गुलाम अली के साथ तबला बजाते थे तारी

कुछ देर बाद जब ओम प्रकाश नार्मल हुए, तो उन्होंने तारी खान से पूछा कि वह क्या करते हैं। तारी खान ने विनम्रता से कहा कि वह एक मामूली से तबला नवाज़ हैं। तब ओम प्रकाश ने उन्हें पहचान लिया और खुशी से चिल्लाकर पूछा, ‘वो जो गुलाम अली के साथ तारी खान करके तबला बजाने वाला है, तू वही है?’ उन्होंने तारी खान की ज़बरदस्त तारीफ़ की, उनका माथा चूमा और उन्हें प्यार दिया। ये एक्टर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था।

Usha Shrivas

लेखक के बारे में

Usha Shrivas
ऊषा IIMC नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद से हिंदी एंटरटेनमेंट वर्ल्ड को कवर कर रही हैं। देसी मार्टीनी के बाद अब लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। फिल्मों, वेब सीरीज- शोज़ की समझ रखती हैं। फिल्म रिव्यूज, टीवी गॉसिप्स और मजेदार-क्रिस्प राइटिंग से रीडर्स को पिछले 8 सालों से एंटरटेन करती आई हैं। सेलेब्स इंटरव्यू, एक्सक्लूसिव न्यूज़ आर्टिकल, ट्रिविया, लाइफस्टाइल, वीडियो कंटेंट, स्क्रिप्ट राइटिंग में रुचि है। मधुबाला के दौर से लेकर आलिया भट्ट की फिल्मों तक के सफ़र से अपडेटेड हैं। और पढ़ें

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